सीसीएस यूनिवर्सिटी के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की समस्या
और बढ़ गई है। 500 वेतनभोगी
कर्मचारियों को अवैध घोषित किए जाने के मामलें में विवि प्रशासन पहले ही 50 कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट और
धमकी देने का मुकदमा दर्ज करा चुका है। गुरुवार को अपनी समस्या का हल ढूढ़ने डीएम
कार्यालय पहुंचे थे। वहां पुलिस ने उनके एक साथी पर सीओ सिविल लाइंस के साथ छेड़छाड़
करने का आरोप लगाते हुए हिरासत में ले लिया। कर्मचारियों ने आरोप को गलत बताया है।
सीओ का कहना है कि उन्होंने सीनियर्स को मामले की जानकारी दे दी है।
बताया गया है कि सीसीएसयू के वीसी
ने विवि के 500 दैनिक
वेतनभोगी कर्मचारियों की डीए की मांग पर एक कमिटी का गठन किया था। अखबार में खबर
छपी कि विवि के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने 12 साल पहले हुई इन कर्मचारियों की
नियुक्ति को नियमों के खिलाफ बताया है। कर्मचारियों ने विवि में जमकर हंगामा और
प्रर्दशन करते हुए अधिकारियों को भगा दिया। बुधवार को कार्यवाहक रजिस्ट्रार ने
कर्मचारियों को पत्र लिखकर विवि में अनुशासनहीनता की बात कही। साथ ही यह भी लिखा
कि विवि ने कर्मचारियों को कभी अवैध नहीं कहा है। इस घटना के बाद सीसीएस
यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार की तहरीर पर कर्मचारी कपिल शर्मा, रमेश यादव, मुकेश त्यागी व शिवकुमार समेत
थाने में 50 लोगों के
खिलाफ मारपीट करने और धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। कर्मचारी संगठन ने वीसी
को ज्ञापन देकर कार्यवाहक रजिस्ट्रार को हटाने और वित अधिकारी को सस्पेंड करने की
मांग की। कोई सुनवाई न होने पर गुरुवार को वे डीएम से मिलकर अपनी समस्या का समाधान
के लिए पहुंचे। समाधान तो मिला नहीं, नई समस्या जरूर मिल गई। फिलहाल
पुलिस मामले की जांच कर रही है।

No comments:
Post a Comment