Monday, August 16, 2010
अवैध कब्जा करने के प्रयास में एफआईआर दर्ज
कोतवाली में जमीन पर अवैध कब्जा करने के प्रयास में एफआईआर दर्ज की गई है। वह 14वीं लोकसभा में कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। थाना कोतवाली में दर्ज कराए गए मामले में वृंदावन निवासी सूर्य प्रकाश भार्गव ने आरोप लगाया है कि पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह और उनके छोटे भाई नरेंद्र सिंह ने एक अन्य व्यक्ति के सहयोग से करीब चार महीने पहले उनके छरोरा गांव स्थित खेत की बाउंड्री वॉल तोड़कर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। पूर्व सांसद के भाई ने बताया कि उनके भाई इन दिनों शहर से बाहर है और उनका इस मामले से कुछ लेना देना नहीं है। वैसे भी इस जमीन को एक साल पहले बेचा जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनैतिक विरोधियों ने दायर कराया है। न तो उन्होंने किसी की जमीन पर कब्जा किया है और न ही किसी की बाउंड्री वॉल तोड़ी है।
Saturday, August 14, 2010
प्रेमियों के भी गजब किस्से
Thursday, August 12, 2010
समाज के डर से अपनी शादी को रजिस्टर करा कर कानूनी रूप देने का साहस नहीं जुटा पाते।
घर से भागकर सात जन्मों तक साथ रहने का वादा तो प्रेमी युगल कर लेते हैं, शादी भी रचा लेते हैं, लेकिन परिवार वालों या समाज के डर से अपनी शादी को रजिस्टर करा कर कानूनी रूप देने का साहस नहीं जुटा पाते। जनवरी से अब तक केवल 23 जोड़ों ने ही अपनी शादी को रजिस्टर कराने का आवेदन किया है। इनमें से एक शादी शहर में काफी दिनों तक चर्चा का विषय रही। मुस्लिम परिवार की एमए पास युवती ने अपने अनपढ़ प्रेमी के साथ मैरिज को रजिस्टर कराने के लिए आवेदन किया था। लड़की के पैरंट्स ने भारी विरोध किया। खुद एडीएम सिटी ने लड़की की मां को समझाया, तब जाकर यह शादी रजिस्टर हो पाई। पिछले सात महीनों में 118 प्रेमी जोड़े घरवालों के बर्ताव से आजिज आकर घर छोड़ चुके हैं। घर से भाग जाने के बावजूद घर वाले उनका पीछा नहीं छोड़ते हैं। अधिकांश मामलों मे लड़की के घर वाले अपनी लड़की को नाबालिग बताते हुए लड़के पर उसे किडनैप करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर कर देते हैं। जनपद के 28 थानों का रेकॉर्ड इस बात का गवाह है। पुलिस भी ऐसे मामलों मे घरवालों की बात पर यकीन कर प्रेमियों को गिरफ्तार करने में जुट जाती है। कानूनी झमेलों से बचने के लिए वह मंदिर जाकर शादी भी रचा लेते हे, लेकिन जटिल कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए मैरिज का रजिस्टे्रशन कराने के लिए एडीएम सिटी के दफ्तर जाने से बचते हैं। मैरिज के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रार्थना पत्र के साथ प्रेमी युगलों के मूल निवास का प्रमाण पत्र भी लिया जाता है। इसके अलावा उम्र के लिए प्रमाण पत्र के साथ ऐफिडेविट भी देना पड़ता है। मैरिज रजिस्ट्रेशन में पुलिस यह भी पता लगाती है कि आवेदकों में कहीं खून का रिश्ता तो नहीं हैं। दोनों के परिजनों को नोटिस भेज कर पूछा जाता है कि इस शादी पर उन्हें कोई ऐतराज तो नहीं हैं। बस यही प्रक्रिया घरवालों के लिए हथियार साबित होती है। इसी के चलते प्रेमी जोड़े मैरिज का रजिस्ट्रेशन कराने से डरते हैं।
Friday, August 6, 2010
सत्यवीर हत्याकांड में दरोगा समेत छह लोगों को सस्पेंड कर दिया
Monday, August 2, 2010
युवाओं ने प्रेमी जोड़ों को खाप पंचायतों से बचाने के लिए 'उत्तर राज्यीय नवनिर्माण सेना' (यूएनएस) का गठन
मेरठ शहर के युवाओं ने प्रेमी जोड़ों को खाप पंचायतों से बचाने के लिए 'उत्तर राज्यीय नवनिर्माण सेना' (यूएनएस) का गठन किया है। इस संगठन ने युवाओं की मदद करने के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की है। संगठन में शामिल युवाओं का मानना है कि न तो प्यार करना कोई पाप है और न ही इंटरकास्ट मैरिज कोई जुर्म। यूएनएस के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि प्रेमी जोड़ों को हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी हर तरह से मदद की जाएगी। ऐसे कपल जो शादी करना चाहते हैं या जिन्होंने शादी कर ली है और अब घरवालों से उनको जान का खतरा महसूस हो रहा है या जो शादी के लिए कोई कानूनी मदद चाहते हैं वे हमारे हेल्पलाइन नंबर 09760000004 पर संपर्क कर सकते हैं। जानी ने बताया कि अब तक कई प्रेमी जोड़ों ने अलग-अलग शहरों से इस हेल्पलाइन पर हमसे संपर्क किया है। हम उनकी मदद कर रहे हैं। हमें पता है कि पंचायतों से टकराना आसान नहीं है लेकिन पूरा भरोसा है कि हम खाप पंचायतों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। यूएनएस के पदाधिकारियों का दावा है कि उनके संगठन में देशभर के करीब 50 हजार युवा शामिल हैं। संगठन 5 अगस्त को देहरादून में 'लवर्स पार्टी' का आयोजन करने जा रहा है। इस पार्टी में उन प्रेमी जोड़ों को सामने लाकर सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने इंटरकास्ट मैरिज की है। जानी ने कहा कि इसका मकसद लोगों के मन से पंचायतों के डर को खत्म करना है। देहरादून के बाद मेरठ, मथुरा और आगरा जैसे शहरों में ऐसी पार्टियों का आयोजन किया जाएगा।