Thursday, July 31, 2014

एक नर्स का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला

मेरठ नौंचदी क्षेत्र में एक नर्स का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके मकान में पड़ा हुआ मिला। महिला मकान में पिछले छह महीने से किराए पर रहती थी। पुलिस उसके परिजनों का पता लगा रही है। वहीं, अवैध संबंधों में हत्या की आशंका जताई जा रही है। 
थाना क्षेत्र के एल ब्लॉक में 40 साल की महिला पिछले पांच माह से किराए पर रहती थी। मकान मालिक वकील सुभाष चंद डागर भी यहीं पर अपने परिवार के साथ रहते हैं। मकान मालिक का कहना है कि महिला पांच माह पहले ही यहां पर रहने के लिये आई थी। उसके साथ कोई बच्चा और उसका पति भी नहीं था। उन्होंने बताया कि महिला ग्रीन अस्पताल में नर्स का काम करती थी और रात के समय अक्सर वहां ड्यूटी करती थी। बुधवार सुबह कूड़ा उठाने वाली महिला उसके घर पर गई। जब उसने मकान खोलकर देखा तो महिला का शव बेड पर था। जिसके बाद मकान मालिक को पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद नौंचदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसओ का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण पता लग सकता है। 

Monday, July 28, 2014

बलात्कार के मामलों से निबटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाना चाहिए

कांग्रेस के टिकट पर मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ चुकी अभिनेत्री नगमा ने कहा कि यूपी में बढ़ रहे बलात्कार के मामलों से निबटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को कांठ में उनकी पार्टी के नेता एक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। बीजेपी पर उन्होंने विवादास्पद बयान देकर शांतिभंग करने का आरोप लगाया। 
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से हार का मुंह देख चुकी कांग्रेस नेता नगमा गुरुवार को कांवड़ियों से मिलने मेरठ पहुंची थीं। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए नगमा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि दिन पर दिन बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। कानून-व्यवस्था में तुरंत सुधर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बलात्कारियों के दिलों में खौफ पैदा करने के लिए फास्ट ट्रैक का गठन हो। नगमा ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके नेता विवादस्पद बयान देकर शांतिभंग करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी 26 जुलाई को मुरादाबाद के कांठ में शांतिपूर्ण मार्च निकालेगी। इसमें उनके साथ प्रदेश के कई बड़े नेता भी शामिल होंगे। गौरतलब है कि बीजेपी ने भी 26 जुलाई को कांठ में अपने कार्यक्रम की घोषण कर रखी है। इस बात की जानकारी जब नगमा को दी गई तो उन्होंने कहा कि उनका मार्च शांतिपूर्ण होगा। नगमा से जब पत्रकारों ने पूछा कि उन्होंने क्षेत्र की जनता से चुनाव प्रचार के दौरान उनकी समस्याओं के लिए संर्घष करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन हकीकत में ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। इस पर नगमा चुप रही। फिर रटा रटाया जवाब दे दिया। 

Friday, July 25, 2014

पानी की टंकी पर गुरुवार सुबह एक कांवड़िया चढ़ गया

थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र की एक कॉलोनी की पानी की टंकी पर गुरुवार सुबह एक कांवड़िया चढ़ गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उससे नीचे उतरने का अनुरोध किया, तो वह उन्हें ही गालियां देने लगा। अधिकारी किसी को भी टंकी पर न चढ़ने की हिदायत देकर वहां से चले गए। चार घंटे बाद कांवड़िया खुद नीचे उतर आया और हरियाणा के लिए रवाना हो गया। बताया जा रहा है कि वह भांग के नशे में था। 
गुरुवार सुबह जटौली फाटक के पास स्थित कॉलोनी में एक कांवडिया घूम रहा था। यहां मुनि देव त्यागी ने जब उसे चक्कर लगाते देखा तो उन्होंने उससे पूछताछ करनी चाही तो वह उनसे उलझने लगा। थोड़ी देर बाद त्यागी ने देखा कि वही कांवड़िया कॉलोनी की पानी की टंकी पर चढ़ रहा है। जब तक वह उसे रोकने की कोशिश करते, वह ऊपर चढ़ चुका था।
 

इस पर त्यागी ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एडीएम सिटी फोर्स के साथ वहां पहुंचे। तब तक बड़ी संख्या में लोग टंकी के पास जमा हो चुके थे। अधिकारियों ने कांवड़िये को उतरने के लिए कहा तो पहले तो वह गाना गाने लगा और फिर उसने पुलिसवालों को गालियां देनी शुरू कर दी। इस पर एडीएम सिटी दो सिपाहियों को वहां छोड़कर वापस लौट गए। 
सिपाहियों से कह गए कि कोई भी उसे टंकी से उतारने के लिए ऊपर न चढ़े। पुलिस के वापस जाने के बाद वह कांवड़िया कभी टंकी पर टहलता, कभी गाना गाता तो कभी लेट जाता। लगभग चार घंटे तक यह सिलसिला जारी रहा। इसके बाद वह कांवड़िया खुद नीचे उतर आया।
 
नीचे उतरने के बाद वह कॉलोनी के मंदिर में गया और फिर वहां से चला गया। बताया जा रहा है कि पानी की टंकी पर चढा कांवड़िया हरियाणा के पानीपत का रहने वाला संदीप है। वह भांग के नशे में टंकी पर चढ़ गया था। वह तीन साल से कांवड़ ला रहा है। उसके नीचे उतरने के बाद पुलिस ने भी उससे कुछ नहीं कहा और जाने दिया।

Wednesday, July 23, 2014

उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल राम नाइक

उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल राम नाइक ने मंगलवार को राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कहा कि जनता के लिए राजभवन के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे। वह संविधान के तहत केन्द्र और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करेंगे।
मंगलवार राजधानी लखनऊ पहुंचे नाइक को इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस धनंजय चंद्रचूर्ण शाम 5 बजे राजभवन के दरबार हॉल (गांधी सभागार) में हुए एक समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने किया। यूपी के 28 वें राज्यपाल के तौर पर राम नाइक ने बीएल जोशी की जगह ली। बीएल जोशी ने 17 जून को यूपी के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था।
इस बीच उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी कुछ दिनों तक यूपी के कार्यवाहक राज्यपाल रहे। अटल बिहारी बाजपेयी की तेरह महीने की सरकार में राम नाइक रेल के साथ ही गृह, योजना एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन और संसदीय कार्य मंत्रालयों के राज्यमंत्री रहे और एनडीए की सरकार ने नाइक पांच साल तक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री रहे थे। वर्तमान में राम नाइक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और बीजेपी शासित राज्य सरकारों की कार्य क्षमता और गुणवत्ता का संवर्धन करने के लिए गठित सुशासन प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक थे।

Monday, July 21, 2014

मेरठ वासियों का परतापुर हवाई पट्टी से उड़ान भरने का सपना पूरा

मेरठ की परतापुर हवाई पट्टी से डोमेस्टिक फ्लाइट के उड़ान का सपना इस साल के अंत तक हकीकत में बदल सकता है। हवाई पट्टी का कब्जा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को सौंपे जाने के बाद तीन कंपनियों ने यहां से अपनी सेवा शुरू करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। 
इनमें से दो कंपनियां अपने प्लेन यहां से उड़ाना चाहती हैं और एक कंपनी हेलिकॉप्टर सेवा देने को उत्सुक है। वहीं, यहां फ्लाइंग क्लब बनाने की इच्छा भी दिल्ली की एक कंपनी ने जताई है। इन कंपनियों की रुचि को देखते हुए एएआई भी जल्द ही हवाई पट्टी से उड़ान के लिए अनुकुल सुविधाएं मुहैया कराने की बात कह रहा है।
 

इसी महीने वन विभाग की आपत्ति के बाद मेरठ जिला प्रशासन की ओर से एएआई को मौजूदा हवाई पट्टी का कब्जा दे दिया गया था। उसने एएआई से हवाई पट्टी के विस्तार के लिए आवश्यक वन विभाग समेत अन्य विभागों की भूमि का कब्जा भी जल्द ही देने का वादा भी किया। 
ग्रामीणों से ली जाने वाली जमीन के लिए भी जिला प्रशासन पूरी तत्परता से लगा हुआ है। एएआई को हवाई पट्टी का कब्जा सौंपे जाने के बाद से ही हवाई सेवा प्रदाता कंपनियों ने यहां से अपनी हवाई सेवा शुरू करनें में रूचि दिखानी शुरू कर दी।
 
मिली जानकारी के अनुसार सबसे पहले मुंबई की कंपनी ने यहां से हवाई सेवा देने की इच्छा जताई। उसके बाद दो अन्य कंपनियों ने भी सरकार से अनुमति मांगी है। इनमें से एक कंपनी मेरठ से लखनऊ के बीच अपने 14 सीटर प्लेन उड़ाना चाहती है।
 
वहीं, फैजाबाद की कंपनी ने यहां से हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की मंशा जताई है। सूत्रों के अनुसार सरकार इन कंपनियों के आवेदन पर विचार कर रही है। एएआई से मिली जानकारी के अनुसार उनके विभाग के अधिकारियों की एक टीम अगले हफ्ते यहां आएगी। यह टीम वर्तमान में हवाई पट्टी की देखरेख कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों से इसका भौतिक पजेशन लेने की कार्रवाई के लिए काम शुरू कर देगी।
 
सूत्र बता रहे हैं कि अगस्त के पहले हफ्ते में हवाई पट्टी की देखभाल एएआई के हाथों में पहुंच जाएगी। साथ ही वहां की सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम भी एएआई की ओर से किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा तो इस साल के अंत में मेरठ वासियों का परतापुर हवाई पट्टी से उड़ान भरने का सपना पूरा हो सकता है।

Friday, July 18, 2014

जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो चलाने की तैयारी

मेरठ महानगर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो चलाने की तैयारी की जा रही है। शासन ने मेरठ विकास प्रधिकरण को इसके लिए डिटेलड प्रोजेक्ट रिर्पोट( डीपीआर) तैयार करने के लिए कहा है। इसके लिए 50 प्रतिशत धन केंद्र सरकार से मिलेगा और बाकी की व्यवस्था एमडीए को करनी होगी। 
केन्द्र सरकार की इच्छा पर आगरा, कानपुर, वाराणसी और मेरठ में यातायात की बढ़ती समस्या से निबटने के लिए यूपी सरकार इन महानगरों में पब्लिक टांर्स्पोट सिस्टम के तहत मेट्रो रेल चलाने की संभावनाओं पर गहनता से विचार कर रही है। इसी कड़ी में आवास और शहरी नियोजन के विशेष सचिव हरिकांत त्रिपाठी ने एमडीए के वीसी को पत्र लिखकर मेरठ महानगर में मेट्रो चलाए जाने के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा है। 10 जुलाई 2014 को जारी किए गए पत्र में लिखा गया है कि प्राधिकरण डीपीआर रिर्पोट तैयार करने के लिए टर्म्स ऑफ रिफरेंस तैयार करके उस पर केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से अनुमोदन लेगा। गौरतलब है कि शहरी विकास मंत्रालय से अनुमोदन मिलने पर प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से तय मेट्रो नीति के अनुसार डीपीआर में आने वाले कुल खर्च की 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से अनुदान में दी जाएगी। जबकि बाकी 50 प्रतिशत धनराशि प्रधिकरण को जुटानी होगी। पत्र में डीपीआर तैयार करते समय मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत आने वाली आवश्यक चीजों का ध्यान रखने के लिए भी कहा गया है। साथ ही शहर की आवशयकता, ट्रैफिक के महत्वपूर्ण पॉइंट्स आदि का घ्यान रखने की हिदायत भी दी गई है। एमडीए के अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हे इस संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हो गया है। उनका कहना है कि डीपीआर केंद्र सरकार की एजेंसी से बनवाने पर विचार किया जा रहा है। 

Wednesday, July 16, 2014

कांवड़ रोड़ गड्ढा मुक्त

गुरु पूर्णिमा से कांवड़ियों ने हरिद्वार, गंगोत्री से गंगाजल लेकर अपने श्रद्घा केंद्र शिवालयों की और कूच करना शुरू कर दिया। फिलहाल राजस्थान और हरियाणा के दूरदराज इलाके के कांवड़िये ही अपने मिशन पर निकल रहे हैं। हरिद्वार और खतौली के बीच कांवड़िये दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाइवे पर नजर आ रहे हैं। दो दिन बाद उनकी संख्या में खासा इजाफा हो जाएगा। एनएच पर बोल बम की गूंज सुनाई दे रही है। दूसरी और अब तक मंगलौर से लेकर गाजियाबाद जिले निवाड़ी तक पूरी तरह से कांवड़ रोड़ गड्ढा मुक्त नहीं हुई है। 
गुरु पूर्णिमा के बाद करीब एक हफ्ते तक दिल्ली-हरिद्वार एनएच और कांवड़ रोड़ राजस्थान के और हरियाणा के दूरदराज इलाके कांवडिय़ों की ही भरमार रहती है। दो दिन बाद दिल्ली में भी खासी संख्या में कांवड़िये नजर आने लगेंगे। राजस्थान और हरियाणा के कांवड़ियों को मंगलौर से कांवड़ रोड़ ही ज्यादा सूट कर करता है। उसमें दूरी भी कम तय करनी पड़ती है। यह लोग मुरादनगर पहुंचने के बाद गंगनहर की पटरी से दिल्ली को गंगाजल की सप्लाई के लिए पाइप लाइन रोड़ पकड लेते हैं। वहां से भजनपुरा होते हुए अपनी आगे की यात्रा तय करते हैं। 
कांवडियों की सेवा के लिए के लिए कांवड़ रोड़ पर जगह कांवड़ शिविर लग गए हैं। वहां कांवडिय़ों की सेवा के लिए कच्चा और पक्का दोनों तरह के खाने के अलावा फल, दूध और चाय की व्यवस्था तो है ही, साथ ही पैरों में पड़े छालों को ठीक रकने के लिए और ठंडक पहुंचाने के लिए मेहंदी की भी हर शिविर में व्यवस्था है। एलोपैथिक दवाइयां भी शिविर संचलाक अपने यहां रखे हैं। उधर दिल्ली की सीमा से लेकर मुजफ्फरनगर बाईपास पर जगह जगह कांवड़ शिविर लगाए जाने का काम तेजी चल रहा है। इस बार इस प्रकार की खबरें मिल रही हैं कि कांवड़ शिवरों की संख्या में इजाफा होगा। दो दिन बाद इस हाइवे पर भी कांवडिय़ों की संख्या में इजाफा होगा। कांवड़ लेने जाने वाले श्रद्घालुओं की संख्या आज काफी बढ़ोतरी हुई है। कांवडिय़ों को हरिद्वार लेकर जाने वाली बसों का इस हाइवे पर काफी दबाव बढ़ा है। ट्रेनों से भी कांवड़िये जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन बोल बम की गूंज सुनाई देने लगी है। हाइवे स्थित शहरों और कस्बों में कांवड़ियों के लिए ड्रेस की दुकानें सज गई हैं। 

Monday, July 14, 2014

पुलिस तलाश में जुट गई

अपने को हाईकोर्ट का जज बताकर एक शातिर ठग ने सीजेएम से 90 हजार रुपये ठग लिए। इससे पहले आरोपी ने सीजेएम से एक प्राइेवट मेडिकल कॉलेज में एक छात्र का एडमिशन कराने के लिए भी कहा था। तीसरी बार आरोपी की ओर से तीन लाख की डिमांड करने पर सीजेएम का माथा ठनका। सीजेएम ने ठग के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। 
पुलिस का कहना है कि बाउंड्री रोड निवासी सीजेएम संजीव कुमार ने थाना सिविल लाइंस में एक अज्ञात शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के अनुसार सीजेएम को करीब 20 दिन पहले एक फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि वह हाईकोर्ट का जज है। उसने सीजेएम के अपने एक मित्र के बेटे का एडमिशन एक स्थानीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में कराने के लिए सिफारिश की थी। सीजेएम के छात्र का नाम पूछने पर कथित हाईकोर्ट के जज ने जियाउल हक खान का नाम एसएमएस कर भेजा था। 8 जुलाई को फिर उसी नंबर से सीजेएम के पास फोन आया। दूसरी बार आरोपी ने कहा कि मेरे एक रिश्तेदार की तबीयत खराब है और इलाहाबाद में एसबीआई का सर्वर खराब है। इसलिए वह मेरे खाते में 90 हजार रुपये जमा करा दें। सीजेएम ने उसे हाईकोर्ट का जज समझते हुए उसके बताए खाते में रुपये जमा करा दिए। गुरुवार को सीजेएम के पास फिर कॉल आई और इस बार अंकल के बीमार होने की बात कहते हुए खाते में तीन लाख जमा कराने के लिए कहा गया। इस पर सीजेएम को शक हुआ। उन्होंने हाइकोर्ट के जज के सीयूजी नंबर पर फोन मिलाया, तो पता चला कि कोई उन्हें ठग रहा है। सीजेएम ने पूरे मामले की जानकारी एसएसपी को दी। एसएसपी ने सीजेएम से तहरीर लेकर थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करा दिया। 
पुलिस ने सीजेएम से वह नंबर ले लिया है जिससे उन्हें कॉल आया करती थी। पुलिस ने वह नंबर सर्विलांस पर लगा दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह नंबर अभी भी एक्टिव है और नंबर बिहार का है। पुलिस ने उस खाते का भी पता लगा लिया है, जिस खाते में सीजेएम से 90 हजार रुपये जमा कराए गए थे। वह खाता संजीत कुमार निवासी चांदी भोजपुर के नाम से खुला हुआ है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही हिरासत में होगा। 

Thursday, July 10, 2014

दिल्ली से मेरठ के बीच एक्सप्रेस वे

दिल्ली से मेरठ के बीच एक्सप्रेस वे बनाने के प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में हरी झंडी दे दी। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। अब रोड मिनिस्ट्री आगे का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी।

वकील बुधवार को हड़ताल पर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित किए जाने की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर वकील बुधवार को हड़ताल पर रहे। समिति के सचिव मुकेश वालिया ने हड़ताल को पूरी तरह से सफल होने का दावा करते हुए कहा कि मेरठ, बिजनौर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर, मुरादाबाद, बागपत, जेपीनगर, बुलन्दशहर समेत वेस्ट यूपी के 20 जिलों के वकील पूरी तरह इसमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हडताल के दौरान कचहरी परिसर में वकीलों के चैंबर, दुकानें, होटल आदि सभी बंद हैं।
इसके साथ ही दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता भी हडताल पर हैं। मुकेश वालिया के अनुसार वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की बेंच की मांग को लेकर मेरठ समेत सभी 20 जिलों के हड़ताली वकीलों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन दिए हैं। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न यूपी के वकीलों और क्षेत्र की जनता की इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो समिति आंदोलन को और अधिक तेज करेगी।

Tuesday, July 8, 2014

संगीत सोम-मैं तो बीजेपी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं।

मुरादाबाद के कांठ गांव में एक धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर उतारे जाने के बाद हुए हंगामे के बाद से सरधना क्षेत्र के बीजेपी के विधायक संगीत सोम एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। 
- मुजफ्फरनगर के दंगों के दौरान आप पर गंभीर आरोप लगे और अब कांठ की घटना के बाद भी आप सुर्खियों में है। क्या पार्टी में बड़े रोल की तैयारी है।
 
संगीत सोम-मैं तो बीजेपी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं। दलितों, गरीबों व असहायों के लिए लड़ता रहा हूं ओर लड़ता रहूंगा। प्रदेश में किसी भी शख्स के खिलाफ अन्याय होगा तो मैं उसके लिए खड़ा होउंगा। पार्टी में किसकी क्या भूमिका होगी, यह हमारा शीर्ष नेतृत्व तय करता है। हमार काम है नेतृत्व के निर्देशों का पालन करना।
 
प्रशन- आपका कहना है कि प्रदेश सरकार ने अपके खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराए है। कहीं एसपी भी आपको भावी सीएम बनने से रोकने के लिए आपको घेरने की तैयारी तो नहीं कर रही है।
 
संगीत सोम- एसपी क्या सोचती है यह तो मुझे पता नहीं। लेकिन यह सच है कि मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम से लेकर आतंकवाद की धाराओं में मेरे खिलाफ केस दर्ज किए गए। लेकिन मैं इससे डरा नहीं हूं। आगे भी मैं गरीबों और दलितों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखूंगा।
 
- कांठ का वास्तविक मुद्दा क्या है?
 

संगीत सोम- यह मामला एसपी सरकार की तुष्टिकरण का नतीजा है। किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना जुर्म है। मंदिर में पिछले दस साल से लाउडस्पीकर लगा है। यह बात आईबी की रिर्पोट में भी है। इसके बावजूद सरकार गलत बयानी कर कह रही है कि मंदिर में हर साल सिर्फ शिवरात्री के अवसर पर ही लाउडस्पीकर लगाया जाता रहा है। सरकार इसे नई परंपरा बता रही है। धर्म से जुड़ी चीजें परंपरा नहीं आस्था होती हैं। 
प्रशन- यदि प्रशासन को लगता है कि मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर से कानून- व्यवस्था की समस्या हो सकती है तो आप लोगो को इस बात से एतराज क्यों हैं।
 
संगीत सोम- गांव में 10 साल से एक ही मंदिर है। जबकि इसी दौरान वहां मस्जिद की संख्या एक से बढ़कर चार हो गई है और सभी में लाउडस्पीकर लगे हैं। अगर समस्या है तो मस्जिदों से लाउडस्पीकर क्यों नहीं उतारे गए।
 
प्रशन
 - आपके अनुसार ऐसा करने के पीछे सरकार की क्या मंशा है ? 
संगीत
 सोम - यूपी की एसपी सरकार आज हर मुद्दे पर फेल हो चुकी है। सड़कें , बिजली - पानी की समस्या वहदूर नहीं कर पा रही है। कानून - व्यवस्था चरमरा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव भी यह कह चुके हैं कि यूपीसेफ नहीं है। ऐसे में जनता का ध्यान समस्यों से हटाने के लिए सरकार यह सब खेल , खेल रही है। बीजेपी कीछवि को धूमिल करने के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रही है। जब से यह सरकार बनी है प्रदेश में छोटे - बड़ेमिलाकर 110 दंगे हो चुके हैं। सरकार खुद संप्रदायिकता फैला रही है और दोष हम पर मढ़ रही है। सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाएंगे। हम सदन से लेकर सड़क तक लोकतंत्रिकतरीके से सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेंगे। लेकिन अगर सरकार जनहित में कोई फैसला लेगी तो हमउसका सर्मथन भी करेगे। 

Friday, July 4, 2014

कलीना गांव में एक किशोर की हत्या

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के कलीना गांव में एक किशोर की हत्या कर शव फांसी पर लटका कर हमलावर फरार हो गए। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मृतक की शिनाख्त मुकेश (15) के रुप में हुई है। मुकेश का शव मंगलवार को गांव के जंगल में पेड़ पर रस्सी से लटका मिला था। सूचना पर पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
प्रवक्ता के मुताबिक मृतक के हाथ में खुदकुशी नोट नोट मिला है। जबकि परिजनों और गांव वालों का कहना है कि मृतक अनपढ़ था। ऐसे में लग रहा है कि किसी ने हत्या कर इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को रस्सी से पेड़ पर लटका दिया और हाथ में खुदकुशी नोट थमा दिया। लेकिन ,शायद हमलावर यह नहीं जानता था कि मृतक अनपढ़ था।पुलिस मामले की जांच में जुटी है। उधर, मृतक के पिता ने सचिन, रामू, काला और श्यामवीर को नामजद करते हुए तहरीर दी है। हालांकि तहरीर में हत्या की वजह नही बताई गई है।

Tuesday, July 1, 2014

आईटी पार्क डिवेलप करने की योजना

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विकास विभाग ने प्रदेश में आईटी पार्क डिवेलप करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। प्रदेश का पहला आईटी पार्क मेरठ में स्थापित किए जाने की कवायद विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। करीब तीन एकड़ जमीन में बनने वाले आईटी पार्क के लिए मेरठ डिवेलपमेंट अथॉरिटी जमीन मुहैया कराएगा। जबकि आईटी पार्क का निर्माण सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) से कराया जाएगा।
मेरठ में स्थापित होने वाले इस आईटी पार्क में प्रदेश सरकार की तरफ से लीज पर जमीन मुहैया कराएगी। प्रदेश के दो शहरों लखनऊ और आगरा में आईटी सिटी डिवेलप करने की योजना के साथ ही कई दूसरे शहरों में आईटी पार्क बनाने की योजना बनाई थी। जिन शहरों में आईटी पार्क डिवेलप किया जाना है, उनमें गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, आगरा शामिल हैं। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक एक बार मेरठ में आईटी पार्क का काम शुरू होने के बाद दूसरे शहरों में भी आईटी पार्क बनाने की योजना को अंजाम दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश के बड़े शहरों में आईटी पार्क बनाया जाए। ताकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों को शहरों में ही नौकरी मिल सके।