परतापुर हवाई पट्टी को विकसित कर यहां से डोमिस्टिक फ्लाइट्स शुरू किए जाने
की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। एएआई ने मौजूदा हवाई पट्टी से पहले चरण में 40 सीटर विमान उड़ाने की
योजना बनाई है। इसके लिए 80 पैसेंजर की क्षमता वाले टर्मिनल बिल्डिंग बनाए जाने
के साथ ही टेक्निकल एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग बनाए जाने का प्रस्ताव बनाकर
हेडक्वार्टर को भेजा जा चुका है। प्रस्तावित हवाई अड्डे के नोडल अधिकारी संत कुमार
का कहना है कि जब इस हवाई पट्टी से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के प्लेन लैंड और उड़ाए
जा सकते हैं, तो फिर यहां से हवाई सेवा क्यों नही शुरू की जा सकती है। उन्होंने बताया कि
इसके लिए 80 पैंसेजर की क्षमता वाले टर्मिनल बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव हेडक्वाटर को
भेज दिया गया है। एएआई की ओर से 80 पैसेंजरों की क्षमता वाले टर्मिनल बिल्डिंग के
प्रस्ताव को भेजे जाने पर जानकारों का मानना है कि एएआई अभी यहां से 40 सीटर तक के विमान
उड़ाने की तैयारी कर रहा है। इसीलिए 40 पैसेंजर के बोर्डिंग और 40 के लैडिंग के हिसाब से
ही इस बिल्डिंग को 80 पैंसेजर की क्षमता का बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा
गया है। राज्य सरकार से हुए समझौते के अनुसार भी एएआई को यहां से हवाई सेवा बहाल
करनी है। 14 सीटर एयरक्राफट से उड़ान शुरू कर यहां से 180 यात्री की क्षमता वाले ए-321 विमान को उड़ाने का
लक्ष्य है, लेकिन यह लक्ष्य हवाई पट्टी के विस्तार के बिना संभव नहीं है। परतापुर
स्थित हवाई पट्टी का विस्तार कर यहां से डामेस्टिक फ्लाइट्स सेवा शुरू करने के लिए
काफी समय से कोशिश की जा रही है। पहले तो यह प्रोजेक्ट तत्कालीन केंद्रीय मंत्री
अजित सिंह और प्रदेश सरकार के बीच श्रेय लेने की लड़ाई में फंसा रहा। किसी तरह
दोनों पक्ष राजी हुए और वर्तमान हवाई पट्टी एएआई को दे दी गई। एएआई ने इसके
विस्तार के लिए करीब 350 एकड़ अतिरिक्त भूमि की मांग की।
Friday, February 20, 2015
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