यहां
जागृति विहार के अमन गेस्टहाउस में लॉ स्टूडेंट के साथ दरिंदगी के मामले में पुलिस
ने 6 अरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
है। छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट में उसके साथ हुई दरिंदगी के प्रमाण मिले हैं।
छात्रा के सिर और चेहरे पर 22 गंभीर चोट
के अलावा उसके साथ रेप की पुष्टि भी हो गई है। हालांकि इस केस की जांच अधिकारी सीओ
सिविल लाइंस वंदना मिश्रा गोपनीयता के नाम पर कुछ भी जानाकरी देने से इनकार कर रही
हैं।
पुलिस के
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लॉ की छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट उसके साथी हुई
दरिंदगी की पूरी कहानी बयां कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा छात्रा के सिर और चेहरे पर 22 गंभीर
चोटों के निशान मिले हैं। शास्त्रीनगर निवासी लॉ की छात्रा ने जागृति विहार स्थित
अंकुर गेस्टहाउस के मालिक सुभाष भारती पर रेप करने और टेस्ट ट्यूब बेबी पैदा करने
के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। छात्रा ने गेस्टहाउस के एक हिस्से में बने
अमन हॉस्पिटल के मालिक तैमूर अली, मुर्तजा
समेत हॉस्पिटल के अन्य स्टाफ पर भी बेरहमी से मारपीट करने और टेस्ट ट्यूब बेबी के
लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। छात्रा का आरोप है कि उसे बेरहमी से पीटा गया और
उसके कपड़े फाड़ दिए गए। उसको अगवा करने की कोशिश भी की गई थी।
लेकिन
मामले में एफआईआर दर्ज करने से मेडिकल थाने की पुलिस ने इनकार कर दिया था। चार दिन
तक छात्रा अस्पताल में रही। फिर कुछ छात्र नेताओं के साथ एसएसपी एसएस बघेल से
मिली। एसएसपी के आदेश पर छात्रा की तहरीर पर रविवार की रात थाना नौचंदी में मुकदमा
दर्ज हुआ था। रात को ही पुलिस ने गेस्टहाउस के मालिक सुभाष भारती समेत हॉस्पिटल
ओनर तैमूर अली,
कंपाउंडर मुर्तजा और नर्स नेहा व
सपना को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार रात पुलिस ने इस मामले के छठे आरोपी अमित
उर्फ मिरिंडा को भी गिरफ्तार कर लिया। इन सभी आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया
है। पुलिस की ओर से मौके से कब्जे में ली गई वीडियो क्लिपिंग में मामले में कुल 10 लोगों के शामिल होने की बात बताई जा रही है। अन्य चार आरोपियों
की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
पुलिस की
गोपनीयता के नाम पर चुप्पी मामले को संदेह के घेरे में खड़ा कर रही है। 3 फरवरी को छात्रा के साथ रेप हुआ और चार दिन बाद वह एसएसपी के
पास पहुंची। आखिर इतने दिनों तक मामला कौन दबाता रहा। गेस्टहाउस मालिक सुभाष भारती
पर रेप का आरोप है। साथ ही सुभाष भारती छात्रा पर टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए दबाव
बना रहा था। इस पूरे मामले को शुरू से ही थाना पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है।
मामले की जांच कर रही सीओ स्वर्णजीत कौर को हटाकर जांच अब सीओ सिविल लाइंस को दे
दी गई है। इस फैसले को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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