Tuesday, May 19, 2015

नट समुदाय की महिलाओं को सौ कोड़े और एक लाख रुपये जुर्माने का ऐलान

हमारे आस-पास ऐसे वाकए होते रहते हैं जो हमें शर्मसार होने पर मजबूर देते हैं। कुछ ऐसी ही घटना मेरठ में हुई है। यहां पीपलीखेड़ा गांव में पंचायत ने नट समुदाय की महिलाओं को सौ कोड़े और एक लाख रुपये जुर्माने का ऐलान किया है। महिलाओं की 'गलती' बस इतनी थी कि उन्होंने घर से बाहर निकलकर मेहनत-मजदूरी की थी। पंचायत ने उनके बाहर निकलकर काम करने पर रोक भी लगा दी है।
बताया गया है कि थाना खरखौदा क्षेत्र की नट जाति की महिलाओं ने अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर से बाहर निकलकर काम करने की कोशिश की तो, उनके ही समाज की पंचायत ने इसे गलत ठहराते हुए पाबंदी लगा दी। पंचायत का हुक्म न मामने पर सौ कोड़े और एक लाख का जुर्माना भी तय कर दिया। महिलाओं ने पुलिस से मदद चाही तो वहां से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि एसओ खरखौदा मनोज सिंह पंचायत के ऐसे किसी फरमान की जानकारी से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है नट जाति की महिलाओं के साथ उन्हीं के लोगों की लड़ाई की सूचना जरूर मिली थी, लेकिन उनके पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है।

खरखौदा थाना क्षेत्र के पीपलीखेड़ा गांव में नट जाति के करीब सौ परिवार रहते हैं। पहले ये लोग अपनी पारंपरिक कला का प्रर्दशन कर अपने परिवार को पेट पाला करते थे। लेकिन अब इनकी कला के कद्रदान नहीं रहे। जिससे इन लोगों को रोटी के भी लाले पड़ने लगे। इस पर नट जाति की महिलओं ने परिवार का पेट पालने के लिए घर से बाहर निकलकर मेहनत मजदूरी करने का निर्णय लिया। वे आसपास के क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों में काम करने लगीं। उनके इस फैसले का समाज के ही कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि उनकी ही जाति के कथित ठेकेदार उन्हें मजदूरी करने जाने से रोकने लगे। महिलओं की ओर से उनकी बात मानने से इनकार करने पर उन्होंने उनके चरित्र पर कीचड़ उछालना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस मसले पर गांव में रविवार को नट जाति की पंचायत बैठी। पंचायत ने महिलाओं के घर से बाहर जाकर काम करने को गलत ठहराया और ऐसा करने वाली महिलओं को सौ कोड़े और एक लाख का जुर्माने का दंड सुना दिया। इस पर महिलओं ने पुलिस के सामने गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। इसके बाद पंचायत ने पुलिस से शिकायत करने पर भी 10 हजार रुपये जुर्माने का ऐलान कर दिया है। जुर्माना न दने पर बस्ती छोड़ने का भी फरमान सुना दिया है। अब पीड़ितों का परिवार बहुत डरा हुआ है।

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