Friday, January 8, 2016

लगी है सील, पर हो रहा निर्माण

शहर में जगह-जगह अवैध निर्माण हो रहे हैं। कुछ निर्माण नेता और मंत्री का नाम लेने से बच जाते हैं और कुछ को एमडीए के अभियंता अभयदान दे देते हैं। मेरठ की खास बात यह है कि प्रवर्तन टीम में शामिल अवर अभियंता व अन्य अधिकारी मौके पर भले ही जाकर न झांकें, लेकिन फाइलों में ही एक के बाद एक नोटिस जारी होते हैं तथा सील भी लग जाती है। दैनिक जागरण के कैमरे ने गुरुवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हुए अवैध निर्माण पर फ्लैश चमकाई तो कई चौंकाने वाले राज खुलकर सामने आए।
बिना मानचित्र बन गई सात दुकानें
ब्रह्मपुरी में कनोहर लाल कालेज के सामने से जाने वाली गली के मोड़ पर भूतल पर सात दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। लेंटर डाला जा चुका है तथा ऊपर दो मंजिल में चार फ्लैट बनाने की तैयारी है। एमडीए का ए जोन होने के बावजूद इसका मानचित्र स्वीकृत नहीं है। शिकायत पर क्षेत्र के जेई को भी बदला गया है। जनसंख्या घनत्व तथा पार्किग की अनुपलब्धता के कारण इस निर्माण का मानचित्र स्वीकृत भी नहीं किया जा सकता। क्षेत्रवासियों के विरोध के बावजूद निर्माण जारी है और एमडीए के अधिकारी-कर्मचारी चुप हैं। जोनल प्रभारी जितेंद्र सिंह सिसौदिया का दावा है कि नोटिस जारी कर चालान कर दिया गया है।
घर के मानचित्र पर दुकानें बनाई
लिसाड़ी गेट चौराहे पर एक सपा नेता ने हाल ही में मार्केट का निर्माण कर लिया। भूतल पर लगभग 10 दुकानों तथा प्रथम तल पर आवासीय निर्माण का मानचित्र पास है, जबकि यहां लगभग 40 दुकानें बनाई गई हैं। जोनल प्रभारी जितेंद्र सिसौदिया का कहना है कि भवन बन चुका है। ऐसे में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
मंत्री की पत्नी का नाम, कौन रोके काम
बेगमपुल पर जगदीश शरण राजवंशी कालेज के पास एक विवादित जमीन पर चार मंजिल का कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यहां तीन नाम से अलग-अलग आवासीय मानचित्र स्वीकृत हैं। इस कॉम्प्लेक्स पर एमडीए ने सील लगाई थी, जिसे बाद में खोल दिया। इससे फिर से निर्माण शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि जिन तीन नामों से मानचित्र पास हैं, उनमें से एक मंत्री की पत्नी का है।
लगी है सील, पर हो रहा निर्माण
साकेत में सर्किट हाउस के पीछे की दीवार से सटाकर बिल्डर फ्लैट बनवा रहा है। मानचित्र पास होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन एक शिकायत पर डीएम ने एमडीए से इस पर सील लगवा दी थी। उन्होंने इससे सर्किट हाउस के अतिथियों के लिए खतरा बताया था। सील के बावजूद निर्माण चल रहा है। जोन डी के जोनल अधिकारी अजित त्यागी ने बताया कि इस निर्माण को सील करके पुलिस के सुपुर्द किया गया था। यदि निर्माण किया जा रहा है तो निर्माता के खिलाफ एफआइआर कराई जाएगी। निर्माता ने जिला प्रशासन से एनओसी का आवेदन कर रखा है।
चारों निर्माण के संबंध में संबंधित जोनल अधिकारियों की रिपोर्ट लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इनको ध्वस्त भी कराया जाएगा।

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