Friday, December 18, 2015

सड़क सुरक्षा अभियान

 'सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें' सड़क सुरक्षा अभियान टीएसआइ दीन दयाल दीक्षित के नेतृत्व में गुरुवार को तेजगढ़ी चौराहे पर चलाया गया। ढाई घंटे तक चले अभियान में दो और चार पहिया दर्जनों वाहनों की चेकिंग की गई। बाइक चालकों को हेलमेट और कार वालों को सीट बेल्ट लगाने के प्रति जागरूक किया गया। अभियान में बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

शास्त्रीनगर, हापुड़ रोड, विवि रोड और मेडिकल कालेज की ओर से तेजगढ़ी चौराहे पर आने-जाने वाले वाली बाइक, स्कूटी और कारों को रोका गया। इस दौरान गलत तरीके से कई कारों पर लगाए गए हूटर उतारे गए। काली फिल्म भी निकाली गई। शीशे पर टांगकर या साथी को हेलमेट पकड़ाकर चल रहे बाइक सवारों को टीएसआइ दीन दयाल दीक्षित ने खुद हेलमेट पहनाया। तक्षशिला कालोनी स्थित बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रशांत सिंघल, ऋषभ यादव, अमन यादव, सक्षम खटाना, कविंद्र पूनिया, शिवम व अमित के अलावा अध्यापक राजीव यादव और हर्ष शर्मा ने यातायात नियमों के पंफलेट वाहन चालकों को देकर यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। सड़क सुरक्षा अभियान का नेतृत्व कर रहे टीएसआइ दीन दयाल दीक्षित ने काली फिल्म, बिना कागजात व बिना हेलमेट पर एक दर्जन चालान काटे।

Tuesday, December 15, 2015

बीपीएड एवं एमपीएड (सत्र 2015-16) पाठ्यक्रम

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत संचालित बीपीएड एवं एमपीएड (सत्र 2015-16) पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में पहले दिन उपस्थिति शून्य रहने के बाद शनिवार को खिलाड़ी पहुंचे। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दूसरे दिन 16 खिलाड़ी पहुंचे। इनमें से चार अभ्यर्थी एमपीएड और 12 अभ्यर्थी बीपीएड के रहे। चयन समिति के सदस्य जबर सिंह ने बताया कि सिटअप, ब्रॉड जंप दौड़, पुलअप, 50 600 मीटर की दौड़ आदि के जरिए अभ्यर्थियों का परीक्षण किया गया। हर खेल के लिए निर्धारित समय में न्यूनतम समय लेने वाले अभ्यर्थियों को ही चयनित किया जाएगा। उक्त पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए अगले दो दिन और विवि परिसर में शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। उसके बाद परिणाम जारी कर तिथि के अनुसार काउंसलिंग कराई जाएगी।

Friday, December 11, 2015

मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस-वे एक नजर में

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने भरोसा दिलाया है कि मेरठ से दिल्ली के बीच का 75 किमी का सफर दो वर्ष में महज 40 मिनट में तय होने लगेगा। दैनिक जागरण की ओर से गुरुवार को आयोजित जागरण फोरम में गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। इस पर जनवरी से काम शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में मेरठ से दिल्ली के सफर में आमतौर पर ढाई से तीन घंटे का समय लग जाता है और जनता को जाम और भारी प्रदूषण आदि से जूझना पड़ता है।
जागरण फोरम के विशेष सत्र में सवालों के जवाब में गडकरी ने कहा कि दिल्ली के जाम में मैं पहली बार नहीं फंसा। रोज फंसता हूं। खासकर एयरपोर्ट जाते वक्त धौलाकुआं से गुड़गांव के बीच। इसलिए एनएचएआइ से डिजाइन देने को कहा है। दिल्ली के ट्रैफिक के अध्ययन के आदेश भी दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को मिलेगी। भूरेलाल समिति की रिपोर्ट पर 13 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी तैयार कर दिया है। लेकिन वास्तविक समाधान ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे बनने पर होगा। इन्हें 400 दिन में पूरा करेंगे। दिल्ली जयपुर हाईवे के बारे में गडकरी का कहना था कि 87 फीसद काम पूरा हो चुका है। 55 फ्लाईओवर में से 50 पूरे हो गए हैं। बाकी भी मार्च तक पूरे हो जाएंगे।

दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ब्रिज से डासना तक एक्सप्रेस वे और हाईवे को मिलाकर कुल 14 लेन की सड़क बनेगी। इसमें छह लेन का एक्सप्रेस-वे होगा जबकि आठ लेन का हाईवे। यह दूरी लगभग 30 किमी की होगी। इसके बाद एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ परतापुर तिराहे तक छह लेन का आएगा। यहां से बच्चा पार्क के निकट एनएच-235 को कनेक्ट करेगा।
ये हैं चुनौतियां

प्रोजेक्ट के लिए मेरठ के 14 गांव की 108.36 हेक्टेयर भूमि जबकि गाजियाबाद के 19 गांव की 333 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। अधिग्रहण को लेकर पेच अब भी फंसा है। किसानों की मांग है कि उन्हें मुआवजा 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दिया जाए, लेकिन जो सरकारी रेट है, वह एक तिहाई से भी कम बताई जा रही है, जो किसानों को मान्य नहीं है। वैसे भी मेरठ में अब तक 10 गांव की भूमि के अधिग्रहण की ही प्रक्रिया पूरी हुई है।

Wednesday, December 9, 2015

गुंडई किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी

बीच सड़क पर मेरठ कालेज के छात्र संघ पूर्व अध्यक्ष दुष्यंत तोमर व मेरठ कालेज छात्र नेता गगन सोम और उनके समर्थकों में मारपीट, पथराव व फाय¨रग हुई थी। हमलावर छात्रों के असलहों से निकली एक गोली पीएफ ऑफिस की खिड़की को तोड़ती हुई अंदर खड़े मेरठ रीजनल कमिश्नर ग्रेड-दो विकास सोदाई की कनपटी के बराबर से निकल गई, जिसमें वह बाल-बाल बचे। इस प्रकरण में दुष्यंत तोमर और गगन सोम की ओर से एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मौके से चीकू पंडित और विकास उर्फ विक्की को धर दबोचा। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। मंगलवार को एसएसपी दिनेश चंद दूबे के आदेश पर मेडिकल, नौचंदी, लिसाड़ी गेट और भावनपुर थाने की पुलिस ने दोनों आरोपियों के यहां पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जिसमें पुलिस ने सबसे पहले मेडिकल थाना क्षेत्र कीर्ति पैलेस में दुष्यंत तोमर के रिश्तेदार ए-10 निवासी योगेंद्र तोमर के घर छापेमारी की, मगर वहां न महिलाओं के सिवा कोई नहीं मिला। फिर दूसरे पक्ष के मोहित भाटी पुत्र चरत सिंह लेखपाल के घर जागृति विहार सेक्टर नौ में छापा मारा। उसके बाद दुष्यंत तोमर के गांव मऊखास में मकान पर छापा मारा, जहां दुष्यंत की मां थी, पुलिस पूछताछ कर वापस हो गई। फिर शास्त्रीनगर सेक्टर तीन में डा. अशोक गर्ग नर्सिग होम के पास एक मकान में छापा मारा। इस छापेमारी में मुख्य बात यह रही कि मेडिकल एसओ बिंदुबार एसएसपी को अवगत करा रहे थे।
छात्र नेता दुष्यंत तोमर और गगन सोम के अलावा उनके साथियों के भी स्वीच ऑफ हैं। सभी आरोपी अंडर ग्राउंड हो चुके हैं। मंगलवार को दिनभर चली छापेमारी के बाद रात देर रात तक पुलिस के हत्थे आरोपी नहीं चढ़ सके । दोपहर के समय पुलिस को सूचना मिली कि गगन सोम कचहरी में अपनी जमानत के लिए पहुंचा हुआ है, जिसके बाद पुलिस कचहरी पहुंची और घेराबंदी की, मगर आरोपी पकड़ में नहीं आ सका।
आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उनका समर्थन करने वालों पर कार्रवाई होगी। गुंडई किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Tuesday, December 8, 2015

असहिष्णुता- राजनैतिक मुद्दा

ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्जेंडर इवांस का कहना है कि वर्तमान समय में आइएसआइएस दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनाती के रूप में खड़ा है। इनका दायरा किसी एक देश की सीमा में नहीं बल्कि विश्व के कई देशों तक पहुंच चुका है। ब्रिटिश सरकार आइएस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में आतंकवाद अफगानिस्तान की पहाड़ियों में ही नजर आता था, लेकिन अब सीरिया के साथ ही लीबिया भी चिंता का विषय है। आइएस के साथ मालदीव, अल्जीरिया, यूएस, यूके आदि देशों के युवा जुड़ रहे हैं। इसलिए अब यह चुनौती बड़ी बन गई है। ब्रिटिश उच्चायुक्त सोमवार को मवाना रोड स्थित आइआइएमटी एकेडमी में छात्रों को संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले कुछ समय से चल रहे असहिष्णुता मसले पर उन्होंने कहा कि यह एक राजनैतिक मुद्दा है जिसमें लोगों के अलग-अलग मत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अनेकता व लोकतांत्रिक ढांचा ही 21वीं सदी में इसकी सबसे बड़ी ताकत है और यही इसकी सहिष्णुता भी है।
रविवार को ब्रिटेन में तीन लोगों पर चाकू से हुए हमले पर उन्होंने कहा कि इसे किसी खास धर्म से जोड़कर नहीं बल्कि आतंकी वारदात के रूप में ही देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत भी आतंकी हमले का शिकार रहा है। आइएस को भी किसी धर्म से जोड़कर नहीं बल्कि आतंक के रूप में देखा जाना चाहिए। पेरिस में चल रहे पर्यावरण सम्मेलन पर उच्चायुक्त ने कहा कि ब्रिटिश सरकार पर्यावरण मामलों में विकासशील देशों की तकनीकी मदद के लिए कटिबद्ध है। लेकिन इस बैठक से निकलने वाले बिंदुओं पर विश्व भर के देशों में सहमति बनना लाभकारी होगा।

Thursday, December 3, 2015

तमंचे के बल पर 25 हजार व सोने की चेन लूट ली

बहरामपुर-तिगड्डा मार्ग के पास से बुधवार शाम को स्कूल से वापस घर जा रहे शिक्षक और शिक्षिका से बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर 25 हजार व सोने की चेन लूट ली। लेकिन साहस का परिचय देते हुए शिक्षक-शिक्षिका ने एक बदमाश को पकड़ लिया। पुलिस ने पकड़े गये बदमाश को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से तमंचा बरामद कर लिया है। तीनों बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

मेरठ निवासी रीना राणा और राजकुमार बहरामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्यापन करते हैं। बुधवार शाम को रीना राणा, साथी अध्यापक राजकुमार के साथ स्कूटी से घर के लिए चली थीं। बहरामपुर-तिगड्डा मार्ग के पास पहले से खड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने स्कूटी रुकवा कर लूटपाट शुरू कर दी। रीना के गले की सोने की चेन व पर्स छीनकर भागने लगे तो इन लोगों ने शोर मचा दिया। तब तक कई ग्रामीण आ गए। रीना तथा राजकुमार ने एक बदमाश को पकड़ लिया। लेकिन उनके दो साथी भाग गए। सूचना पर पुलिस ने बदमाश को हिरासत में लेकर तमंचा बरामद कर लिया। पकड़े गये बदमाश ने अपना नाम गोलू उर्फ आयुष गुप्ता निवासी रसूलपुर जाहिद थाना रोहटा व अपने साथियों के नाम सिकंदर त्यागी और आकाश त्यागी निवासी कैथवाड़ी बताये हैं। गोलू उर्फ आयुष गुप्ता की निशानदेही पर पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की है। जानी थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि बदमाश और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

Tuesday, December 1, 2015

चीत्कारों पर भी साहबों का सन्नाटा नहीं टूट रहा

दो रोज पहले दो टेंपो चालकों की रेस में सनबीम स्कूल के छात्र प्रणब की जान चली गई पर जिम्मेदार विभाग पर कोई असर दिखाई नहीं देता। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। वाहनों का नियम विरुद्ध संचालन थम नहीं रहा। टेंपो-ऑटो तो बेधड़क दौड़ ही रहे हैं, अब तो हजारों की संख्या में ई-रिक्शा सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में हादसे लगातार हो रहे हैं। चीत्कारों पर भी साहबों का सन्नाटा नहीं टूट रहा।
नियम-कायदों की नहीं परवाह
सड़कों पर नियम-कायदों को ठेंगा दिखाते टेंपो और आटो दौड़ रहे हैं। न तो इनकी फिटनेस की जांच होती है न ही कोई और शिकंजा कसा जाता है। देखने में आता है कि टेंपो-आटो चालक भीड़ में यातायात नियमों को धता बताते हुए बेधड़क निकल जाते हैं। ई-रिक्शा के रूप में एक नई मुसीबत और खड़ी हो चुकी है।
ई-रिक्शा में जान हथेली पर
अगर ई-रिक्शा में कोई सवार है तो समझिए कि उसकी जान हथेली पर है। ई-रिक्शा वैसे तो बैट्री से चलता है। इसे चलाना भी आसान है। इसमें कोई विशेष खर्चा भी नहीं होता। शहर के अधिकांश हाथ रिक्शा चालकों ने इसे अपना भी लिया है। अब सड़क पर जिधर देखो ई-रिक्शा नजर आता है। एक साल के भीतर शहर की सड़कों पर दस से 15 हजार के बीच ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं।
एक भी पंजीकरण नहीं
केंद्र सरकार ने बैट्री से चलने वाले ई-रिक्शा को वातावरण का मित्र मानते हुए इसके संचालन की अनुमति दी थी, लेकिन पंजीकरण और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस आवश्यक किया था। सचाई यह है कि शहर में आज तक एक भी ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं हुआ है। मात्र एक व्यक्ति ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया है। अनट्रेंड लोगों के हाथ में ई-रिक्शा का स्टेय¨रग होता है।
सरकार की सहूलियत पर अमल नहीं
ई-रिक्शा चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस की शर्तो में तमाम छूट देते हुए सरकार ने विशेष लाइसेंस जारी करने की तैयारी की। स्पेशल सॉफ्टवेयर पूरे प्रदेश में उपलब्ध कराया गया, लेकिन सब कुछ बेकार। कोई चालक लाइसेंस लेने के लिए नहीं आ रहा है।
ई-रिक्शा वालों को ये है छूट
- कोई शैक्षिक योग्यता की जरूरत नहीं।
- एक साल पुराना लाइसेंस भी नहीं चाहिए।
- उम्र बीस वर्ष से कम न हो।
- ड्राइविंग स्कूल से प्रशिक्षण के स्थान पर केवल 10 दिन का प्रशिक्षण जरूरी।
डीलर भी कर रहे मनमानी
प्रदेश में ई-रिक्शा की बिक्री के लिए अभी तक मात्र छह कंपनियों ने परिवहन आयुक्त से अनुमति प्राप्त की है। इन कंपनियों से डीलरशिप लेने वाले पांच शोरूम मालिकों ने आरटीओ मेरठ में पंजीकरण कराकर ट्रेड सर्टिफिकेट प्राप्त किया है। नियम है कि कोई भी वाहन परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त करने से पहले सड़क पर नहीं उतरेगा लेकिन सभी डीलर धड़ाधड़ ई-रिक्शा की बिक्री कर रहे हैं और बिना पंजीकरण ही उन्हें सौंप रहे हैं। यह ट्रेड सर्टिफिकेट की शर्तो का उल्लंघन है।
न रूट बनाए, न डंडा चलाया
ई-रिक्शा चालक और डीलर सभी मनमानी पर उतारू हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के कंधे पर जिम्मेदारी है कि वे इस मनमानी के खिलाफ डंडा चलाएं और जनता को सुरक्षित यातायात की सुविधा उपलब्ध कराएं। लेकिन दोनों विभागों के अफसर कुंभकर्णी नींद में हैं।
घोषणा हवाई रह गई
आरटीओ ने अवैध रूप से चलने वाले ई-रिक्शा संचालकों के खिलाफ अगस्त से अभियान चलाने की घोषणा की थी लेकिन वह सब हवा-हवाई रहा। जबकि 22 जुलाई को आरटीए की बैठक में कमिश्नर की अध्यक्षता में ई-रिक्शा के लिए शहर में 17 रूट निर्धारित करके, सभी को पंजीकरण और लाइसेंस के साथ विशेष रूट का परमिट जारी करने का फैसला लिया गया था।
छह कंपनियों का ही बिक सकता है ई-रिक्शा
ब्रांड का नाम कंपनी
1. यात्री वाई सी इलेक्ट्रिकल व्हीकल मुंडका दिल्ली
2. हावेल हावेल सिलेंडर प्राइवेट लि.
3. विक्टरी विक्टरी इलेक्ट्रिक इंटरनेशनल बहादुरगढ़ हरियाणा
4. मैक्सी निखिल फर्नीचर नागपुर
5. सारथी चेंपियन पॉलीप्लास्ट नई दिल्ली
6. ठुकराल ठुकराल इलेक्ट्रिक बाइक प्रा. लि.
मेरठ में ये डीलर हैं पंजीकृत
1. आदि शक्ति ई रिक्शा गंगानगर
2. मेरठ एंटरप्राइजेज जमुनानगर हापुड़ रोड
3. मै. वर्मा एंटरप्राइजेज जाग्रति विहार
4. सतगुरु एंटरप्राइजेज कृष्णा विहार भोला रोड
5. मित्तल एंटरप्राइजेज बागपत रोड
हंगामे से डरते हैं अफसर

परिवहन अफसर अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई करने से इसलिए डरते हैं कि रिक्शा चालकों की भीड़ इसके खिलाफ हंगामा करेगी। परिवहन अफसरों का कहना है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद इस संबंध में कोई कार्रवाई की योजना तैयार की जाएगी।