ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्जेंडर इवांस का कहना है कि वर्तमान समय में
आइएसआइएस दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनाती के रूप में खड़ा है। इनका दायरा किसी एक
देश की सीमा में नहीं बल्कि विश्व के कई देशों तक पहुंच चुका है। ब्रिटिश सरकार आइएस
के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि 90 के
दशक में आतंकवाद अफगानिस्तान की पहाड़ियों में ही नजर आता था, लेकिन अब सीरिया के साथ ही लीबिया भी चिंता का विषय है। आइएस के साथ
मालदीव, अल्जीरिया, यूएस, यूके आदि देशों के युवा जुड़ रहे हैं। इसलिए अब यह चुनौती बड़ी बन गई है।
ब्रिटिश उच्चायुक्त सोमवार को मवाना रोड स्थित आइआइएमटी एकेडमी में छात्रों को
संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले कुछ समय से चल रहे
असहिष्णुता मसले पर उन्होंने कहा कि यह एक राजनैतिक मुद्दा है जिसमें लोगों के
अलग-अलग मत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अनेकता व लोकतांत्रिक ढांचा ही 21वीं सदी में इसकी सबसे बड़ी ताकत है और यही इसकी सहिष्णुता भी है।
रविवार को ब्रिटेन में तीन लोगों पर चाकू से हुए हमले पर उन्होंने कहा कि
इसे किसी खास धर्म से जोड़कर नहीं बल्कि आतंकी वारदात के रूप में ही देखा जा रहा
है। उन्होंने कहा कि भारत भी आतंकी हमले का शिकार रहा है। आइएस को भी किसी धर्म से
जोड़कर नहीं बल्कि आतंक के रूप में देखा जाना चाहिए। पेरिस में चल रहे पर्यावरण
सम्मेलन पर उच्चायुक्त ने कहा कि ब्रिटिश सरकार पर्यावरण मामलों में विकासशील
देशों की तकनीकी मदद के लिए कटिबद्ध है। लेकिन इस बैठक से निकलने वाले बिंदुओं पर
विश्व भर के देशों में सहमति बनना लाभकारी होगा।
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