दिल्ली-डासना-मेरठ एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरठ को 1857 की क्रांति की वजह से याद किया
जाता है। अब दिल्ली-डासना-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर अब रफ्तार की गति नहीं रुकेगी।
उनके मुताबिक, विकास से जुड़ने के लिए पक्की सड़कें जरूरी हैं। पूर्व
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को गांवों की चिंता थी। उन्होंने गांवों का बदलाव
लाने के लिए योजना की शुरुआत की थी। देश को जोड़ने के लिए उन्होंने स्वर्णिम
चतुर्भुज योजना भी शुरू की थी। वह भारत को वैश्विक स्तर पर लाना चाहते थे।
मोदी ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विकास का बहुत बड़ा कारण बनेगा। मेरठ का विकास
दिल्ली से भी तेज होगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश में विकास की योजनाएं जारी रहेंगी।
इस मौके पर उनके साथ नितिन गड़करी, महेश शर्मा, हर्षवर्धन, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक सहित
कई नेता मौजूद हैं।
नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण का मसला गंभीर है, हम इस
पर काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, दिल्ली से मेरठ की दूरी 40-45
मिनट में तय होगी।
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