शहर की व्यस्ततम सड़कों में से एक गढ़ रोड पर स्थित एक दुकान में घुसकर बदमाशों ने शुक्रवार को दुकानदार पर पिस्टल तान दी। बदमाशों ने खुद को कुख्यात बदमाश अजय जडेजा का आदमी बताते हुए उससे 20,000 रुपयों की मांग की। दुकानदार के शोर मचाने पर बदमाश भाग गए। बाद में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शास्त्री नगर में सेक्टर-6 निवासी दीपक शर्मा की गढ़ रोड पर राजा-रानी मंडप के बगल में दुकान है। वह गाड़ियों की सेल-परचेज का काम करते हैं। रविवार की रात करीब आठ बजे वह अपनी दुकान पर बैठे थे। उसी समय दुपहिया वाहन पर सवार होकर छह युवक वहां आए। इनमें से तीन युवक दुकान के अंदर घुसे और उन्होंने दीपक पर पिस्टल तान दी। उन युवकों में से एक ने दीपक से कहा कि वे अजय जडेजा नामक बदमाश के शूटर हैं, उन्हें अभी 20,000 रुपये चाहिए। दूसरे बदमाश ने कहा कि अजय जडेजा बड़े लोगों से पैसे वसूलता है। छोटी रकम की वसूली हम करते हैं। बदमाशों की धमकी की परवाह न करते हुए दीपक बदमाशों को धक्का देकर दुकान से बाहर आ गए और शोर मचाने लगे। इस पर आसपास के लोग दुकान पर आ गए। घबराकर बदमाश अपने वाहनों पर बैठकर वहां से फरार हो गए। भागते हुए उनमें एक बदमाश को दीपक ने पहचान लिया। दीपक के अनुसार वह शास्त्रीनगर के सेक्टर-चार का रहने वाला बॉबी था। देर रात पुलिस ने बॉबी और उसके दो साथियों को हिरासत में ले लिया।
Tuesday, January 26, 2010
Saturday, January 23, 2010
मेरठ, फैजाबाद के जिला अस्पतालों कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल
केंद्र के समान वेतन की मांग कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों पर लखनऊ में हुए लाठी चार्ज के बाद कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने से शुक्रवार को जहां कुछ स्थानों पर स्वास्थ्य और सरकारी सेवाएं बाधित हुई, वहीं राज्य सरकार ने कर्मचारियों की हड़ताल को अवैध करार देते हुए काम पर वापस लौटने का अल्टीमेटम दिया है। उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षक-कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वाहन पर राज्य सरकार के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर देखा गया। मुरादाबाद, हरदोई, रायबरेली, लखनऊ, मेरठ, फैजाबाद के जिला अस्पतालों में कुछ कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लखनऊ में जवाहर भवन और इंदिरा भवन में हड़ताल के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, राज्य कर्मचारी संघ के एक नेता ने कहा कि शनिवार को अपनी मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में शांतिपूर्वक प्रर्दशन कर रहे कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज से आहत कर्मचारी संघ ने शुक्रवार से ही अनिश्चतिकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। इस हड़ताल में सरकारी विभागों के कर्मचारी, नगर निगम व स्थानीय निकाय, जल संस्थान के कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
Monday, January 18, 2010
बाइक सवार दो बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गईं।
मेयर का चुनाव लड़ चुकीं पूर्व एसपी और आरएलडी नेता बबिता चौधरी पर मंगलवार की रात मवाना रोड पर बाइक सवार दो बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। वारदात के समय वह एक दरोगा की मोटरसाइकल पर बैठ कर मवाना जा रही थी। बबिता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला नेता ने अपने देवर और उसके साले को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस दोनों की तलाश कर कर रही है। मंगलवार की रात करीब आठ बजे बबिता चौधरी एलआईयू के दरोगा बृज तोमर के साथ मवाना जा रही थीं। रजपुरा गांव के पास संतोष फार्म हाउस के सामने पल्सर बाइक पर सवार दो युवकों ने दरोगा की मोटरसाइकल को टक्कर मारकर उन्हें गिरा दिया। उनके गिरते ही बदमाशों ने बबिता पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। बबिता को दो गोलियां लगी। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर भागे। गांव वालों को आता देख हमलावर घबरा गए। घबराहट में उनकी मोटरसाइकल स्लिप कर गई। इस पर वह बाइक वहीं छोड़कर पैदल ही वहां से फरार हो गए। दरोगा भी महिला नेता को वहीं तड़पता छोड़कर वहां से खिसक लिया। ग्रामीणों ने जख्मी बबिता को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही डीआईजी एम. के. बाल एसपी सिटी और एसपी देहात के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस का कहना है कि बेहोश होने से पहले बबिता ने आरोपियों के रूप में अपने देवर संजीव और उसके साले का नाम लिया है। बबिता अपने पति और जेठ की हत्या के आरोप में जेल जा चुकी है। इन मामलों में उसके देवर ने ही बबिता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से ससुराल वालों के साथ बबिता का संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। बबिता कई बार अपने ससुर के खिलाफ पुलिस मे शिकायत दर्ज करा चुकी है। जेल से बाहर आने के बाद वह जागृति विहार में मनोज यादव के साथ रहने लगी थी। मनोज से उसकी मुलाकात जेल मे ही हुई थी। सूत्रों के अनुसार पिछले एक हफ्ते से दोनों पक्षों में सुलह की कोशिशें चल रहीं थी। इसी बीच बबिता पर जानलेवा हमला हो गया। वारदात के समय बबिता को बाइक पर ले जा रहे दरोगा बृजेश तोमर ने पुलिस को बताया कि बबिता ने उनसे लिफ्ट मांगी थी। वह उन्हें पहले से जानते थे इसलिए उन्होंने बबिता को अपनी बाइक पर बैठा लिया। पुलिस दरोगा के बयान की सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है।
Wednesday, January 13, 2010
परतापुर से कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही विमान उड़ान भरने लगेंगे।
परतापुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी को इंटरनैशनल एयरपोर्ट में तब्दील करने की मुहिम जोर पकड़ने लगी है। यहां से कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही विमान उड़ान भरने लगेंगे। हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए शासन ने पहली किस्त के रूप में 65 करोड़ का चेक मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) को दे दिया है। फ्लाइंग क्लब के लाइसेंस के लिए कई कंपनियां आवेदन कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मेरठ की हवाई पट्टी का विस्तार लखनऊ एयरपोर्ट की तर्ज पर किया जाएगा। यहां इमर्जेंसी लेंडिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 34 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें से करीब 8 हेक्टेयर जमीन प्राधिकरण की शताब्दी नगर योजना के लिए थी, जबकि 13 हेक्टेयर जमीन वन विभाग और 12 हेक्टेयर जमीन किसानों की थी। एमडीए ने इस जमीन का अधिग्रहण कर मुआवजे का भुगतान कर दिया था। मुआवजा अदा करने के बाद प्राधिकरण ने हवाई पट्टी के विस्तार के लिए शासन से मदद मांगी। प्रदेश के प्रमुख सचिव नागरिक उड्डयन विभाग रविंद सिंह ने भी शासन से मेरठ विकास प्राधिकरण को मदद देने की सिफारिश की थी। इस पर विचार करने के बाद शासन ने सोमवार को 65 करोड़ का चेक एमडीए के वीसी राम नवल सिंह को सौंप दिया। इसके साथ ही शासन ने एमडीए व लोक निर्माण विभाग को तीन महीने में हवाई पटटी के विस्तार का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों को भरोसा है कि वे कॉमनवेल्थ से पहले ही हवाई पट्टी के विस्तार का काम पूरा हो जाएगा और यहां से विमान उड़ान भरने लगेंगे।
Sunday, January 10, 2010
कार्य परिषद् ने 26 नवंबर को एग्जाम फीस बढ़ाने का निर्णय लिया था।
फीस वृद्धि को लेकर छात्रों के बढ़ते दबाव के कारण चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। यूनिवर्सिटी की परीक्षा शुल्क समिति ने छात्रों का पक्ष सुनने के बाद प्राइवेट एग्जाम फीस में सौ रुपये की कमी करने की संस्तुति कर दी। अब यूनिवर्सिटी रविवार को बुलाई गई कार्य परिषद की आपात बैठक में इस फैसले पर मुहर लगवाने की तैयारी कर रही है। यूनिवर्सिटी की कार्य परिषद् ने 26 नवंबर को एग्जाम फीस बढ़ाने का निर्णय लिया था। यूनिवर्सिटी के इस आदेश से गुस्साए छात्रों ने सपा छात्र सभा और एबीवीपी की अगुवाई में आंदोलन शुरू कर दिया। छात्रों के बढ़ते दबाव के कारण यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई। समिति के चेयरमैन ताराचंद शास्त्री के बैठक में न पहुंचने पर सदस्य अमित कुमार शर्मा एडवोकेट को कुलपति प्रो. एस. के. काक ने अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। शुक्रवार शाम हुई बैठक में डॉ. रीता बख्शी, डॉ. त्रिवेणी दत्त शर्मा, डॉ. विपिन गर्ग, सुखवीर सिंह और रजिस्ट्रार वी. के. सिन्हा शामिल रहे। बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों को बुलाकर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। बैठक के बाद समिति का निर्णय बताते हुए अध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि स्नातक व स्नातकोत्तर सभी के परीक्षा शुल्क में सौ रुपये कम करने की संस्तुति कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समिति ने गेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों से जो एक्स्ट्रा फीस वसूली गई है, उसे अगले सेशन में समायोजित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने रविवार शाम कार्य परिषद की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें इस फैसले पर अपनी मुहर लगेगी।
Saturday, January 2, 2010
नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष की शुभकामनाएं
हमारे प्रिय पाठकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष 2010 आपकेलिए सुख-समृद्ध् आरोग्य, तथा मनोकामनाएं पूर्ण करे,
इन्ही शुभकामनाओं द्वारा आपके समक्ष नई आशाओं के साथ
डॉ राजेन्द्र कुमार गुप्ता
हमारे प्रिय पाठकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष 2010 आपकेलिए सुख-समृद्ध् आरोग्य, तथा मनोकामनाएं पूर्ण करे,
इन्ही शुभकामनाओं द्वारा आपके समक्ष नई आशाओं के साथ
डॉ राजेन्द्र कुमार गुप्ता
Sunday, December 27, 2009
गढ़ रोड़ स्थित शहर के एक निजी नर्सिन्ग होम में निमोनिया के एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
यहां गढ़ रोड़ स्थित शहर के एक निजी नर्सिन्ग होम में निमोनिया के एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस पर मृतक के परिजनों ने नर्सिन्ग होम के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। देर रात हुई इस घटना की अभी तक पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। इलाज के दौरान जिस मरीज की मौत हुई , उसका नाम महेश चंद है। बुलंदशहर निवासी महेश चंद को निमोनिया की शिकायत पर गुरुवार को गढ़ रोड़ स्थित एक प्राइवेट नर्सिन्ग होम में भतीर् कराया गया था। मृतक के भाई नरेन्द्र कुमार ने बताया कि भर्ती करने के साथ ही अस्पताल ने पैसा जमा करा लिया और हजारों रुपये की दवाइयां भी मंगवा ली। अलग-अलग डॉक्टरों द्वारा दिन में कई बार मरीज की जांच की गई। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ने पर जब अस्पताल प्रबंधन से वरिष्ठ डॉक्टरों को बुलवाने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। यही नहीं, डॉक्टर डेड बॉडी पर ही इंजेक्शन लगा कर तसल्ली देने में लगे रहे। शनिवार तड़के मरीज की मौत के बाद परिजनों के हंगामे के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठा कर समझौता कराने के प्रयास में लगी है। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
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