उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो समुदाय के लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद हुए पथराव में 10 पुलिस अधिकारियों सहित करीब 30 लोग घायल हो गए। हिंसा के सम्बंध में अब तक 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा रविवार देर रात उस समय भड़की जब जिले के काजीपुरा कस्बे में कुछ युवकों ने कथित रूप से एक मस्जिद में घुसकर वहां के इमाम के साथ मारपीट की। मारपीट करने वाले युवकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक समुदाय के लोगों ने शास्त्री नगर इलाके में कई दुकानों व रोडवेज बसों को आग के हवाले कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली अलग-अलग इलाकों में दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गये और एक दूसरे पर जमकर पथराव किया। उपद्रवियों ने एम-ब्लाक पुलिस चौकी में आगजनी करके कई निजी वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जिले के पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि हिंसा और आगजनी करने के आरोप में अब तक 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अन्य की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि जांच की जा रही है कि कहीं इस हिंसा को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जान बूझकर तो नहीं भड़काया गया। मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रजनीकांत मिश्रा ने कहा कि फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह से काबू में है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर डेरा डालकर स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। मिश्रा ने इस बात से साफ इनकार किया कि उपद्रवियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की तरफ से गोली चलानी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक तनावग्रस्त इलाकों में प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के साथ आसपास के जिलों से बुलाए गए पुलिस बल को तैनात किया गया है। घायलों में सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। आईएएस ऑफिसर सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और फिलहाल एहतियात के तौर पर शहर के सभी स्कूल, कॉलेजों को सोमवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
Monday, April 25, 2011
Sunday, April 24, 2011
मेरठ मंडल के कमिश्नर भुवनेश कुमार आंबेडकर गांव मुठियानी का दौरा किया
शनिवार को मेरठ मंडल के कमिश्नर भुवनेश कुमार ने नए चयनित आंबेडकर गांव मुठियानी का दौरा किया। ग्रामीणों के साथ ओपन मीटिंग कर उन्होंने गांव में एक साथ कई विकास कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने दादरी-जारचा रोड से मुठियानी गांव तक जर्जर हालत में पहुंच चुके संपर्क मार्ग का बरसात से पहले जीर्णोद्धार करने का निर्देश दिया है। कमिश्नर ने बताया गांव में कच्ची सड़क नहीं होगी। 1 करोड़ 19 लाख की लागत से लोक निर्माण विभाग 41 गलियों मेंे सीसी रोड बनाएगा। गांव में एक ट्रांसफर लगाया जाएगा और 59 बिजली के पोल लगाए जाएंगे। ग्रामीणांे की मांग पर उन्होंने डीएम दीपक अग्रवाल को श्मशान घाट व कब्रिस्तान की तार फेंसिंग कराने का निर्देश दिया।
Thursday, April 14, 2011
सप्तमी और अष्टमी को महामाया देवी मंदिर पर लगने वाला धार्मिक मेला खत्म
गांव सीकरी खुर्द में हर साल चैत्र के महीने की षष्ठी, सप्तमी और अष्टमी को महामाया देवी मंदिर पर लगने वाला धार्मिक मेला खत्म हो गया, लेकिन मेले में उमड़े जन सैलाब से प्रशासन की तरफ से मेले में व्यवस्था बनाए रखने के सारे इंतजाम फेल हो गए। नवरात्र के पहले ही दिन बदमाशों ने पांच महिलाओं की चेन लूट ली। मेले में जगह-जगह गंदगी का आलम दिखा। विशाल जन समंदर को काबू में करने के लिए केवल 150 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। भक्तों ने विधि विधान से देवी की पूजा-अर्चना की, लेकिन उन्हें तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा । एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने साधनों से मेले में व्यवस्था बनाने के हरसंभव प्रयास किए, जिसमें उन्हें खासी सफलता मिली, लेकिन यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए भविष्य में सुधार की काफी गुंजाइश है। मेले की व्यवस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 12 लाख से कम नहीं थी। पहले सबसे ज्यादा भक्त सप्तमी और अष्टमी को ही देवी के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए आते थे, लेकिन इस बार षष्टी से ही भक्तों का मंदिर में तांता लगना शुरू हो गया। नवमी को भी भारी भीड़ उमड़ी। लोगों का कहना है कि यहां आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए मंदिर समिति और लोकल प्रशासन ने जो भी इंतजाम किए थे , वह बौने साबित हुए। सूत्रों का कहना है कि इतने विशाल मेले में लोगों की जान - माल की सुरक्षा के लिए 150 पुलिस कर्मी तैनात किए गए । लिहाजा पहले ही नवरात्र पर बदमाशों ने 5 महिलाओं की चेन लूट ली । मेला प्रबंध कमिटी ने यहां आने वाले लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया कराने के लिए केवल एक दर्जन हैंड पंप लगाए थे , जो कि किसी भी मायने में पर्याप्त नहीं है। मेले में शौचालयों की कमी भी लोगों को खासी खली। हालांकि मेले में सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारी तैनात किए गए थे , मगर इसके बावजूद जगह - जगह गंदगी देखने को मिली। मेले के दौरान पुलिस ने महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले और जेबतराशी के आरोप में तीन दर्जन से भी अधिक बदमाशों को हिरासत में लिया। मेला परिसर और आसपास के इलाके में ही नहीं , पूरे मोदीनगर में चार दिन भारी जाम लगा रहा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के दबाव के आगे वाहन रेंग - रेंग कर ही चल रहे थे।
Wednesday, March 23, 2011
मेरठ मंगल के आयुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपा।
मोदीनगर विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मेरठ मंगल के आयुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन में मोदीनगर में आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नगरपलिका के पूर्व चेयरमैन और श्रमिक नेताओं ने किया। ज्ञापन में जाम से निपटने के लिए सीकरी कलां से गांव कादराबाद तक दिल्ली-मेरठ हाइवे को कम से कम छह लेन करने की मांग की गई है। साथ ही, हाइवे पर बस स्टैंड, राज चौपला, रेलवे रोड़ हरमुख पुरी में ओवरब्रिज बनवाने की डिमांड की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इससे पहले भी जाम के मुद्दे को लेकर वे डीएम के नाम ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन अभी तक इस समस्या से छुटकारा नहीं मिला है।
Tuesday, March 15, 2011
मेरठ समेत 11 जिलों में बिजली का बिल डाक से
वेस्टर्न यूपी के गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर और मेरठ समेत 11 जिलों में आम जनता को बिजली का बिल जमा करने के लिए लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। वे अपना बिल डाक से जमा करवा सकते हैं। इसके लिए शीघ्र पोस्टल डिपार्टमेंट और यूपी पावर कॉरपोरेशन के बीच एक समझौता होगा। पावर कॉरपोरेशन के एक सीनियर अफसर ने बताया कि बिजली बिल जमा करने में पब्लिक की परेशानी को देखते हुए यह प्रयोग किया जा रहा है। पावर कॉरपोरेशन और पोस्टल डिपार्टमेंट के बीच शीघ्र कॉन्ट्रैक्ट होगा। इसके तहत वेस्टर्न यूपी के एक दर्जन जिलों में डाक से बिल भुगतान करने की सुविधा होगी। इससे पब्लिक का समय बचेगा और समय से बिल जमा हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि अभी इसे प्रायोगिक तौर पर शुरू किया जाएगा। सफलता मिलने पर राज्य के सभी जिलों में इस सिस्टम को लागू किया जाएगा, जिससे पब्लिक विद्युत उपकेंद्रों पर बने भुगतान काउंटरों पर लाइन लगाने की जगह सीधे डाक से बिलों का पेमेंट कर भेज सकेंगे। अगले फाइनेंशियल ईयर से इसे अमल में लाने की संभावना है।
Friday, March 11, 2011
डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से मरीज सबसे अधिक परेशान
मेरठ में डॉक्टर के मर्डर के खिलाफ राज्य भर में डॉक्टरों की हड़ताल का दावा पीएमएस संघ का दावा है कि वेस्टर्न यूपी के गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी में इमरजेंसी और पोस्टमार्टम को छोड़कर बाकी जगह ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रही विशेष संवाददाता॥ लखनऊ : मेरठ में मंगलवार को डॉक्टर के मर्डर के बाद वेस्टर्न यूपी समेत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी ठप रही। अस्पतालों में डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से मरीज सबसे अधिक परेशान हुए। कई गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों ने निजी अस्पतालों में शरण ली। पुलिस डॉक्टर की हत्या का कारण रंजिश बता रही है। मेरठ जिला जेल से 20 फरवरी को ही जिला हास्पिटल मेरठ में डॉ. हरपाल का तबादला किया गया था। मंगलवार रात को जेल से 200 मीटर की दूरी पर बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। यहीं पर जोन के एडीजी का आवास और ऑफिस भी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं जेल की कोई घटना तो इस वारदात की वजह नहीं है। दूसरी ओर पीएमएस संघ के आवाहन पर डॉक्टर के मर्डर के मद्देनजर यूपी के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने कामकाज का बहिष्कार कर घटना का विरोध जताया। पीएमएस संघ के कार्यवाहक महासचिव डॉ. बी. पी. सिंह ने हड़ताल को सफल बताया। इस अवसर पर डॉ. हरपाल को शोकसभा में श्रद्घांजलि भी अर्पित की गई। संघ ने हत्या के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग यूपी सरकार से की है। संघ का दावा है कि वेस्टर्न यूपी के गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी में इमरजेंसी-पोस्टमार्टम को छोड़कर बाकी जगह ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। डॉक्टरों के कामकाज का बहिष्कार करने से दूरदराज से आने वाले मरीजों के साथ ही रोगियों को काफी परेशानियोें का सामना करना पड़ा।
Friday, February 25, 2011
निवासियों की मुसीबतें काफी बढ़ गई हैं।
असुरक्षित सड़क - टीएचए में इंटरलॉकिंग ने निवासियों की बढ़ाई मुसीबत - पहले आईजीएल और अब जीडीए ने शुरू की तोड़ फोड़ट्रांस हिंडन के इंदिरा पुरम इलाके में जीडीए ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग के काम शुरू किया है। इससे निवासियों की मुसीबतें काफी बढ़ गई हैं। पिछले कुछ महीनों से यहां पर सरकारी और निजी विभागों ने खुदाई कर सड़कों का बुरा हाल कर दिया है। पहले एयरटेल, फिर आईजीएल और अब जीडीए ने सड़कों के किनारे खुदाई शुरू की है। सड़कों की खुदाई से निकली मिट्टी लोगों के घरों में पहुंच रही हैं और गंदगी फैल रही है। नीति खंड-थर्ड के निवासी राजीव कुमार ने बताया कि उनके इलाके में सबसे पहले एयरटेल कंपनी ने अपनी अंडरग्राउंड केबिल डालने के लिए खुदाई की, कुछ दिनों तक इसी वजह से सड़कें खुदी पड़ी रहीं। जब एयरटेल का काम खत्म हुआ तो आईजीएल कंपनी के कर्मचारी खुदाई करने लगे। आईजीएल अभी यहां पर अपने काम खत्म नहीं कर पाई है। इसी बीच जीडीए ने यहां पर सड़कों के दोनों ओर इंटर लाकिंग का काम शुरू कर दिया। अब सड़कें फिर से खराब हो गई। जीडीए यदि इंटरलाकिंग का काम करता रहता तो कोई समस्या नहीं होती, मगर एक हफ्ते से यहां पर सड़कें खुदी पड़ी है और कोई काम नहीं किया जा रहा है। काम कर रहे ठेकेदारों का भी कहीं अता-पता नहीं है। कुछ गलियों में काम खत्म हो चुका है, लेकिन वहां से मलबा नहीं हटाया गया। कुछ गलियों में तो आधा-अधूरा काम ही किया गया है।
Subscribe to:
Posts (Atom)