Monday, September 29, 2014

गैंगरेप का आरोप

उत्तर प्रदेश के कंकरखेडा थाना क्षेत्र के एक गांव में दो युवकों पर एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ दो दिनों तक गैंगरेप का आरोप है। बाद में आरोपी हालत में किशोरी को जंगल में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके घरों पर दबिशें डाली, लकिन आरोपी घर पर नहीं मिले। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किशोरी 21 सितंबर को अपनी मां के साथ खेत से चारा लेने जा रही थी। इस दौरान गांव के ही एक युवक सुहेल ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने आरोपी सुहेल और उसके दोस्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। किशोरी की मेडिकल जांच भी कराई गई है। 

Thursday, September 25, 2014

पानी बाधित करने के लिए जमा हुए किसानों को रोकने के दौरान पुलिस की कार्रवाई

मुरादनगर से दिल्ली का पानी बाधित करने के लिए जमा हुए किसानों को रोकने के दौरान पुलिस की कार्रवाई को किसानों पर अत्याचार बताते हुए सोमवार को बीकेयू और आरएलडी के नेता आईजी जोन से मिले। उन्होंने आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरएलडी का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई में बड़ी संख्या में किसान घायल हो गए थे। 
दिल्ली स्थित 12 तुगलक रोड खाली कराए जाने के विरोध में बीकेयू और आरएलडी ने मुरादनगर से दिल्ली के लिए पानी की सप्लाई बंद करने की कोशिश की थी। इसी दौरान हुए संघर्ष में कई किसान और पुलिसकर्मी गंभीर घायल हो गए थे। बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र चिकारा ने कहा कि मुरादनगर में कार्यकर्ता अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे। आरएलडी के वेस्ट यूपी के संगठन प्रभारी राजकुमार सांगवान ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की स्मृति में स्मारक या संग्रहालय बनाने की मांग उठाना उनका अधिकार है। 

Wednesday, September 24, 2014

4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

लखनऊ के बिजनेसमैन से 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में सोमवार की रात लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीम ने बुलेट प्रूफ बनाने वाली मेरठ की कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर क्राइमब्रांच की टीम उसे लखनऊ ले गई है। आरोप है कि उसने लखनऊ के एक बिजनेसमैन से अपनी फ्रेंचाइजी देने के नाम पर चार करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन बाद में उसे सामान देने से मना कर दिया। लखनऊ के व्यापारी ने इस मामलें में थाना हजरतगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। 
नौचंदी थाना क्षेत्र की कॉलोनी शास्त्रीनगर में एच ब्लॉक के रहने वाले बलविंदर सिंह की परतापुर में बुलेट प्रूफ सिस्टम के नाम से फैक्टी है। उनकी फैक्टी में बुलेट प्रूफ जैकेट, ग्लास, कार और अन्य बुलेट प्रूफ सामान बनाए जाते हैं। लखनए क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केपी ओझा के अनुसार बलविंदर सिंह ने लखनउ के हजरतगंज निवासी अशोक गुप्ता को पूर्वी उत्तर प्रदेश की अपनी फेंचाइजी देने का वादा किया था। इस एवज में गुप्ता ने उसके बैंक अकाउंट में 2 करोड़ 97 लाख रुपये जमा कराए थे और 1 करोड़ 5 लाख रुपये उन्हें नकद दिए थे। आरोप है कि 4 करोड़ 2 लाख की रकम मिल जाने के बावजूद बलविंदर ने अशोक गुप्ता को फ्रेंचाइजी नहीं दी और न ही उसे सामान की सप्लाई की। इस पर अशोक गुप्ता ने 22 जुलाई 2013 को बलविंद उसकी पत्नी रीना, मां अभाना और साले अभिषेक के खिलाफ थाना हजरतगंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। अशोक की पत्नी, मां और साला उसकी कंपनी में डायरेक्टर हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि कोर्ट से नॉन बेलेबल वारंट इशू जारी होने के बाद वे अपनी टीम के साथ सोमवार की देर शाम यहां पहुंचे थे। रात को उन्होंने बलविंदर को उसके घर से गिरफ्तार कर थाना नौचंदी में रखा। बाकी तीन आरोपी उनके हाथ नहीं लगे। कोर्ट ने बलविंदर को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें सौंपा है। बुधवार को आरोपी को लखनऊ सीजेएम की कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

Monday, September 22, 2014

किसान केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान के खिलाफ

चीनी के भाव न बढ़े, इस तर्क पर गन्ने का मूल्य न बढ़ाने वाली सरकारों का इसके पीछा अजेंडा कुछ खास कंपनियों का लाभ पहुंचाना तो नहीं है? जानकारों का कहना है कि एमएनसी को लाभ पहुंचाने के लिए ही सारा खेल खेला जा रहा है। इससे एक ओर जहां किसानों को उनका वाजिब हक नहीं मिल पाता। वहीं, कई बड़ी मल्टीनैशन कंपनियां करोड़ों का लाभ कमा रही हैं। 
जनकारों का मानना है गन्ना मूल्य न बढ़ाए जाने के पीछे की सचाई कुछ और है। कुछ खास उत्पाद तैयार करने वाली एमएनसी कंपनियों को लाभ पहंचाने के लिए यह सारा खेल खेला जा रहा है, जिसकी मार किसानों पर पड़ रही है। दौराला शुगर मिल के जनरल मैनेजर संजीव कुमार के अनुसार देश में हर साल 240 लाख टन चीनी का उत्पादन होता है। इसका 65 प्रतिशत हिस्सा कोल्ड डिंक, चॉकलेट, बिस्कुट, जूस और अन्य सॉफ्ट ड्रिंक आदि बनाने में इस्तेमाल होता है। कुल उत्पाद का 10 प्रतिशत चीनी सरकार की तरफ से सब्सिडाइज्ड रेट पर गरीबों को राशन की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। बाकी 25 प्रतिशत चीनी बाजार के माध्यम से लोगों तक पहुंचती है। इससे साफ जाहिर है कि चीनी का मूल्य न बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा इन उत्पादों को तैयार करने वाली मल्टीनैशन कंपनियों को मिल रहा है। ये कंपनियां अपने उत्पाद को मुंहमांगी कीमतों पर बाजार में बेचकर करोड़ों का मुनाफा कमा रही हैं। दूसरी ओर किसान को अपने उत्पाद का तय मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है।
 
बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कलंजरी का कहना है कि गन्ना किसान को एक क्विंटल गन्ना पैदा करने के लिए 257 रुपये की लागत अपनी जेब से लगानी पड़ती है। इसमें फसल के लिए जमीन तैयार करने से लेकर उसकी बुआई, नराई, कीटनाशक और कटाई के अलावा शुगर मिल तक गन्ना पहुंचाने का खर्च भी शामिल है। सरकार की ओर से गन्ने का मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। प्राइवेट मिलें 20 रुपये रोककर 260 रूपए क्विंटल के दर से ही भुगतान कर रही हैं। इस तरह किसान को महज 13 रुपये प्रति क्विंटल की बचत होती है। लेकिन समय से भुगतान न होने से बचत की जगह उसे उल्टा नुकसान हो रहा है। किसान जब फसल का मूल्य बढ़ाने की मांग करता है तो सरकार की ओर से तर्क दिया जाता है कि गन्ना मूल्य बढ़ने से चीनी का मूल्य बढ़ जाएगा और इससे गरीबों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
 
वेस्ट
 यूपी के किसानो में केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान के खिलाफ नाराजगी है। मुजफ्फरनगर केसांसद बालियान को केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री बनाए जाने पर क्षेत्र के गन्ना किसानों को लगा था कि अब उनकीसमस्याओं का हल निकलेगा। लेकिन यहां के किसानों का कहना है कि बालियान की तरफ से किसानों को गन्ने कामूल्य दिलाने के लिए कोई प्रयास होता नहीं दिखाई दिया है। बालियान खाप के थाम्बेदार चौधरी मांगे राम काकहना है कि मंत्री जी ने शुगर मिल से किसानो का भुगतान करने के लिए कहा था , लेकिन मिलें उनकी सुन नहींरही हैं। इससे यहां का किसान निराश है। साथ ही वे यह भी कहते हैं कि मिलों से किसानों का भुगतान कराने कीजिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कलंजरी का कहना है कि नरेंद्र मोदी ने अपनीचुनावी सभा के दौरान किसानों से वादा किया था कि उनकी सरकार के बनने पर किसानों को उनकी फसल कीकीमत लागत से डेढ़ गुना कीमत मिलेगी। लेकिन हालत यह है कि आज भी किसान बदहाली का जीवन जी रहेहैं। 

Saturday, September 20, 2014

थाना ब्रहमपुरी क्षेत्र में शुक्रवार दिनदहाड़े लूट

थाना ब्रहमपुरी क्षेत्र में शुक्रवार दिनदहाड़े तीन बाइक पर सवार सात बदमाशों ने एक जूलर्स की दुकान पर धावा बोल दिया। सभी लुटेरे हथियारों से लैस थे। उन्होंने गन पॉइंट पर जूलर्स को बंधक बनाकर एक लाख रुपये नकद और जूलरी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। सूचना पर एसएसपी व एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में पुलिस को लुटेरों की फोटो मिल गई है। 
माधवपुरम सेक्टर दो निवासी सुभाष मंगा ने अपने घर के बाहर ही गणपति जूलर्स के नाम से दुकान खोल रखी है। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सुभाष अपनी दूकान पर बैठे हुए थे। उनकी पत्नी शोभा, दो बेटे आशीष व सचिन और सचिन की पत्नी घर पर थे। उसी समय तीन बाइक पर सवार होकर सात लुटेरे वहां पहुंचे। चार लुटेरे दूकान के अंदर घुस आए, जबकि तीन बाहर खड़ रहे। इसके बाद लुटेरों ने सुभाष पर गन तान दिए और उसके साथ मारपीट की। लुटेरों ने दुकान के गल्ले में रखे एक लाख रुपये नकद, ढाई किलो चांदी की जूलरी और कुछ सोने के जेवरात लूट लिए। पुलिस का कहना है कि लुटेरों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
 

Wednesday, September 17, 2014

बदमाशों की तलाश

थाना जानी क्षेत्र में बदमाशों ने दिल्ली पुलिस के एक सिपाही और उसके परिवार से गाड़ी, नगदी और जेवरात लूट लिए। थानें में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराय गया है। एसओ जानी का कहना है कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। 
जानी के कल्याणनगर के रहने वाले सोनू दिल्ली पुलिस में सिपाही हैं। मंगलवार सुबह वह अपने परिवार के साथ कार से गांव जा रहे थे। जैसे ही सरूरपुर थाना क्षेत्र के रासना चौपला पहुंचे तभी वहां टाटा सफारी पर सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया। इसके बाद बदमाश उन्हें थाना जानी ले गए। वहां चौ. चरण सिंह कांवड मार्ग पर महिलाओं से गहने, 20 हजार की नकदी और सेंट्रों गाड़ी लूट ली। खिवई चौकी में 4 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसओ सरूरपुर योगेंद्र सिंह काजला ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास किये जा रहे हैं। 

Monday, September 15, 2014

सुरेंद्र कोली का चेहरा चमचमा उठा

यह जानकर कि अब उसे 29 अक्टूबर तक फांसी नहीं दी जाएगी, सुरेंद्र कोली का चेहरा चमचमा उठा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फांसी पर लगायी रोक की खबर सुनते ही मेरठ के जिला जेल में बंद नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के दोषी सुरेन्द्र कोली के चेहरे से तनाव गायब हो गया है।
जेल सूत्रों के अनुसार कल अपनी मां से मिलने के बाद कोली पहले के मुकाबले कम तनाव में दिख रहा था। आज जब जेल कर्मियों ने उसे बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 29 अक्टूबर तक उसकी फांसी पर रोक लगा दी है, तो उसके चेहरे से तनाव गायब दिखा। सूत्रों के अनुसार कोली कुछ बोला तो नहीं, लेकिन उसके चेहरे के हाव-भाव बता रहे थे कि वह उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद राहत महसूस कर रहा है।
इस बीच, मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने कहा, 'मुझे मीडिया के जरिए उच्चतम न्यायालय के नए आदेश के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक मेरे पास इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं पहुंचा है।' उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद वापस डासना जेल में शिफ्ट करने के सवाल पर रिजवी ने कहा कि इसका निर्णय आईजी जेल द्वारा लिया जाएगा।