यह जानकर कि अब उसे
29 अक्टूबर
तक फांसी नहीं दी जाएगी, सुरेंद्र कोली का चेहरा चमचमा उठा
है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फांसी पर लगायी रोक की खबर सुनते ही मेरठ के जिला जेल
में बंद नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के दोषी सुरेन्द्र कोली के चेहरे से तनाव
गायब हो गया है।
जेल सूत्रों के अनुसार कल अपनी मां से मिलने के बाद कोली पहले के मुकाबले कम तनाव में दिख रहा था। आज जब जेल कर्मियों ने उसे बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 29 अक्टूबर तक उसकी फांसी पर रोक लगा दी है, तो उसके चेहरे से तनाव गायब दिखा। सूत्रों के अनुसार कोली कुछ बोला तो नहीं, लेकिन उसके चेहरे के हाव-भाव बता रहे थे कि वह उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद राहत महसूस कर रहा है।
इस बीच, मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने कहा, 'मुझे मीडिया के जरिए उच्चतम न्यायालय के नए आदेश के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक मेरे पास इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं पहुंचा है।' उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद वापस डासना जेल में शिफ्ट करने के सवाल पर रिजवी ने कहा कि इसका निर्णय आईजी जेल द्वारा लिया जाएगा।
जेल सूत्रों के अनुसार कल अपनी मां से मिलने के बाद कोली पहले के मुकाबले कम तनाव में दिख रहा था। आज जब जेल कर्मियों ने उसे बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 29 अक्टूबर तक उसकी फांसी पर रोक लगा दी है, तो उसके चेहरे से तनाव गायब दिखा। सूत्रों के अनुसार कोली कुछ बोला तो नहीं, लेकिन उसके चेहरे के हाव-भाव बता रहे थे कि वह उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद राहत महसूस कर रहा है।
इस बीच, मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने कहा, 'मुझे मीडिया के जरिए उच्चतम न्यायालय के नए आदेश के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक मेरे पास इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं पहुंचा है।' उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद वापस डासना जेल में शिफ्ट करने के सवाल पर रिजवी ने कहा कि इसका निर्णय आईजी जेल द्वारा लिया जाएगा।
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