Thursday, September 11, 2014

टॉयलेट जाने के दौरान ही प्रसव

यहां के जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित गर्भवती महिला को रात में टॉयलेट के दौरान ही डिलीवरी हो गई। आरोप है कि हॉस्पिटल स्टाफ को जब इसकी सूचना मिली, तो उसने नवजात को टॉइलट में ही बहा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। बाद में स्थानीय विधायक लोकेश दीक्षित को जब मामले की जानकारी मिली, तो उसने भी इसे गंभीरता से लेते हुए दोषी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। 
दरअसल, निवाडा गांव की एक महिला को 7 महीने का गर्भ था। उसे तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण मंगलवार शाम को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसका टॉयलेट जाने के दौरान ही प्रसव हो गया। लेकिन, सुबह बच्चा नहीं मिला तो मां समेत अन्य परिजनों ने उसकी तलाश करने लगी। उसके बाद जो पता चला, उससे सभी के पांव तले जमीन खिसक गयी।
आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात अस्पताल के कर्मचारियों ने नवजात को टॉइलट में बहा दिया। बच्चे को टॉइलट से निकालने पर वह मृत पाया गया। घटना की जानकारी होने पर स्थानीय बसपा विधायक लोकेश दीक्षित भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों को हंगामा करते देख कर्मचारियों ने तालाबंदी कर वहां से भागने की कोशिश की।
 
बहरहाल, परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। इधर, जिले की डीएम धनलक्ष्मी की ओर से करवाई गई जांच में महिला को तेज बुखार के कारण गर्भपात और नवजात की मौत का कारण बताया गया है।

No comments:

Post a Comment