लखनऊ के बिजनेसमैन से 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में सोमवार की रात
लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीम ने बुलेट प्रूफ बनाने वाली मेरठ की कंपनी के मालिक को
गिरफ्तार किया है। मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड
मिलने पर क्राइमब्रांच की टीम उसे लखनऊ ले गई है। आरोप है कि उसने लखनऊ के एक
बिजनेसमैन से अपनी फ्रेंचाइजी देने के नाम पर चार करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन बाद में उसे सामान देने से मना कर दिया। लखनऊ के व्यापारी ने इस
मामलें में थाना हजरतगंज में मुकदमा दर्ज कराया था।
नौचंदी थाना क्षेत्र की कॉलोनी शास्त्रीनगर में एच ब्लॉक के रहने वाले बलविंदर सिंह की परतापुर में बुलेट प्रूफ सिस्टम के नाम से फैक्टी है। उनकी फैक्टी में बुलेट प्रूफ जैकेट, ग्लास, कार और अन्य बुलेट प्रूफ सामान बनाए जाते हैं। लखनए क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केपी ओझा के अनुसार बलविंदर सिंह ने लखनउ के हजरतगंज निवासी अशोक गुप्ता को पूर्वी उत्तर प्रदेश की अपनी फेंचाइजी देने का वादा किया था। इस एवज में गुप्ता ने उसके बैंक अकाउंट में 2 करोड़ 97 लाख रुपये जमा कराए थे और 1 करोड़ 5 लाख रुपये उन्हें नकद दिए थे। आरोप है कि 4 करोड़ 2 लाख की रकम मिल जाने के बावजूद बलविंदर ने अशोक गुप्ता को फ्रेंचाइजी नहीं दी और न ही उसे सामान की सप्लाई की। इस पर अशोक गुप्ता ने 22 जुलाई 2013 को बलविंद उसकी पत्नी रीना, मां अभाना और साले अभिषेक के खिलाफ थाना हजरतगंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। अशोक की पत्नी, मां और साला उसकी कंपनी में डायरेक्टर हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि कोर्ट से नॉन बेलेबल वारंट इशू जारी होने के बाद वे अपनी टीम के साथ सोमवार की देर शाम यहां पहुंचे थे। रात को उन्होंने बलविंदर को उसके घर से गिरफ्तार कर थाना नौचंदी में रखा। बाकी तीन आरोपी उनके हाथ नहीं लगे। कोर्ट ने बलविंदर को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें सौंपा है। बुधवार को आरोपी को लखनऊ सीजेएम की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
नौचंदी थाना क्षेत्र की कॉलोनी शास्त्रीनगर में एच ब्लॉक के रहने वाले बलविंदर सिंह की परतापुर में बुलेट प्रूफ सिस्टम के नाम से फैक्टी है। उनकी फैक्टी में बुलेट प्रूफ जैकेट, ग्लास, कार और अन्य बुलेट प्रूफ सामान बनाए जाते हैं। लखनए क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केपी ओझा के अनुसार बलविंदर सिंह ने लखनउ के हजरतगंज निवासी अशोक गुप्ता को पूर्वी उत्तर प्रदेश की अपनी फेंचाइजी देने का वादा किया था। इस एवज में गुप्ता ने उसके बैंक अकाउंट में 2 करोड़ 97 लाख रुपये जमा कराए थे और 1 करोड़ 5 लाख रुपये उन्हें नकद दिए थे। आरोप है कि 4 करोड़ 2 लाख की रकम मिल जाने के बावजूद बलविंदर ने अशोक गुप्ता को फ्रेंचाइजी नहीं दी और न ही उसे सामान की सप्लाई की। इस पर अशोक गुप्ता ने 22 जुलाई 2013 को बलविंद उसकी पत्नी रीना, मां अभाना और साले अभिषेक के खिलाफ थाना हजरतगंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। अशोक की पत्नी, मां और साला उसकी कंपनी में डायरेक्टर हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि कोर्ट से नॉन बेलेबल वारंट इशू जारी होने के बाद वे अपनी टीम के साथ सोमवार की देर शाम यहां पहुंचे थे। रात को उन्होंने बलविंदर को उसके घर से गिरफ्तार कर थाना नौचंदी में रखा। बाकी तीन आरोपी उनके हाथ नहीं लगे। कोर्ट ने बलविंदर को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें सौंपा है। बुधवार को आरोपी को लखनऊ सीजेएम की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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