Friday, July 31, 2015

कौन है जैनाब- इनसे भी सीखिए

यूपी के मुख्ममंत्री अखिलेश यादव की मेरठ के गांव चांदोरा में जूनियर हाई स्कूल बनाने की घोषणा की थी। लेकिन 17 साल की जैनाब खान जैसी लड़कियों का जूनियर हाई स्कूल का सपना शायद सपना ही रह जाएगा। जैनाब ने न केवल अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की, बल्कि 12 लड़कियों को भी 8वीं तक की पढ़ाई पूरी करने में मदद की। गांव में अभी तक 8वीं तक ही स्कूल है। गांव में सेकेंडरी स्कूल बनाने के लिए 3,500 वर्ग गज जमीन की जरूरत है, लेकिन गांव के प्रधान का कहना है कि उन्हें केवल 2,500 वर्ग गज जमीन ही दी गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि जितनी जमीन दी गई है वह स्कूल बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
चांदोरा गांव के प्रधान समास-उल-हक ने बताया कि आदेश के अनुसार हमें स्कूल बनाने की अनुमति मिलने के लिए 3,500 वर्ग गज जमीन की जरूरत है, जबकि कागजों में 2,500 वर्ग गज जमीन ही स्कूल के निर्माण के लिए मिला है। जमीन की कमी की वजह से गांव में जूनियर हाई स्कूल के निर्माण के प्रस्ताव को झटका लग सकता है। चांदोरा गांव मेरठ से 80 किलोमीटर दूर है। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग मजदूर हैं। इन परिवारों की लड़कियां फुटबाल की सिलाई का काम करती हैं। गांव में जो स्कूल है वह 8वीं तक ही है। 8वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आसपास कोई जूनियर हाई स्कूल नहीं होने की वजह से यहां की लड़कियों को पढ़ाई छोड़नी पड़ती है।
डीआईओएस एके मिश्रा ने बताया कि 20 मई को यूपी सरकार के सेक्रेटरी बी.बी सिंह की ओर से जारी पत्र के अनुसार सीएम अखिलेश यादव ने चांदोरा गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने की घोषणा की है। इसके बाद ग्राम प्रधान को कहा गया है कि वह स्कूल बनाने के लिए जमीन निर्धारित करें। चांदोरा गांव की आबादी 14,000 के करीब है। जेनाब खान और उनकी सहेलियों को छोड़ दें तो शायद ही किसी लड़की ने 8वीं तक की पढ़ाई की हो। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक जफर खान का कहना है कि यह सच है कि स्कूल बनाने के लिए 1000 वर्ग गज जमीन कम पड़ रही है। इसलिए हम स्कूल निर्माण की अनुमति नहीं दे सकते। हमें सरकार से आदेश मिला है कि स्कूल निर्माण पर होने वाले खर्च का व्यौरा भेजें। जिसे हमने पहले ही भेज दिया है। हमने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है कि जितनी जमीन है उतने में ही जूनियर हाई स्कूल बनाने की इजाजत दी जाए। जब हमें अनुमति मिल जाएगी तब हम जूनियर हाई स्कूल के निर्माण की तैयारी कर सकते हैं।
कौन है जैनाब

जेनाब ने बताया कि मैं फुटबॉल की सिलाई कर अपने परिवार की मदद करती थी। एक फुटबॉल की सिलाई के 5 रुपये मिलते थे। रोज 4 फुटबॉल सिलती थी, जिससे 20 रुपये मिल जाते थे। लेकिन 2005 में गांव का बाल प्रधान बनने के बाद सब कुछ बदल गया। न केवल मैंने अपनी पढ़ाई पूरी की, बल्कि गांववालों को लड़कियों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। यूपी के सीएम के इस मामले में हस्तक्षेप के बाद मुझे लगा था कि मेरा सपना पूरा हो जाएगा। लेकिन हमारे सामने नई समस्या खड़ी हो गई है।

Tuesday, July 28, 2015

भावपूर्ण श्रद्धांजलि – शत शत नमन

पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने जिस वक्त आखिरी सांस ली थी, उस वक्त उनके करीबी सहयोगी सृजन पाल सिंह वहीं थे। उन्होंने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर डॉक्टर कलाम के आखिरी पलों का जिक्र किया है। हम सृजन पाल सिंह की फेसबुक पोस्ट से उन पलों की कहानी आपके सामने रख रहे हैं:
"
हम लेक्चर हॉल में गए। वह लेट नहीं होना चाहते थे। वह हमेशा कहते थे कि छात्रों से इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए। मैंने तुरंत उनका माइक सेट किया, लेक्चर के बारे में थोड़ा ब्रीफ किया और कंप्यूटर संभाल लिया। जैसे ही मैंने उनका माइक सेट किया, वह मुस्कुराए और बोले, 'Funny Guy! सब ठीक है न?'
जब कभी वह Funny guy कहते, इसके कई मतलब निकलते। इसका मतलब इस बात पर निर्भर करता कि उनकी टोन कैसी थी और आपने क्या अंदाजा लगाया। इसका मतलब यह हो सकता है कि तुमने बहुत बढ़िया काम किया और यह भी कि तुमने कुछ गड़बड़ कर दी है। पिछले 6 सालों में मुझे 'Funny guy' का मतलब समझ आना शुरू हो गया था। इस बार इसे समझने का आखिरी मौका था।
'Funny guy!
सब ठीक है?', उन्होंने कहा। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, 'जी हां।' ये उनके कहे आखिरी शब्द थे। मैं उनके पीछे बैठा था। उनके दो मिनट के भाषण के बाद मैंने कुछ महसूस किया कि उन्होंने कुछ ज्यादा ही लंबा ठहराव ले लिया है। जैसे ही मैंने उनकी तरफ नजर उठाई, तभी वह गिर गए।
हमने उन्हें उठाया। डॉक्टर दौड़ता हुआ आया और हमने वह सब कुछ किया, जो कर सकते थे। मैं उनकी बिल्कुल थोड़ी सी खुली आंखों का वह मंजर नहीं भूल सकता। एक हाथ से मैंने उनका सिर पकड़ा था। उनका हाथ मेरी उंगली पर भिंचा हुआ था। उनके चेहरे पर स्थितरता थी और उनकी उन खामोश आंखों से मानो ज्ञान की आभा बिखर रही थी।
उन्होंने कुछ नहीं कहा। उनके चेहरे पर दर्द का भी नामो-निशान तक नहीं था। पांच मिनट के अंदर हम नजदीकी अस्पताल में थे। कुछ ही मिनटों में उन्होंने हमें बताया कि मिसाइल मैन ने उड़ान भर ली है, हमेशा के लिए। मैंने आखिरी बार उनके चरण स्पर्श किए। अलविदा बुजुर्ग दोस्त! महान परमार्शदाता! विचारों में दर्शन करूंगा और अगले जन्म में मुलाकात।"


हमारी ओर से उस महान हस्ती को भावपूर्ण श्रद्धांजलि – शत शत नमन 

Monday, July 27, 2015

सिपाही के मकान को निशाना बनाया

बदमाशों ने पुलिस लाइन में सिपाही के मकान को निशाना बनाया। बदमाश सोने-चांदी के जेवरात और नगदी समेत पांच लाख का सामान उड़ा ले गए, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। पुलिस लाइन में रहने वाले इरशाद अली फायर ब्रिगेड में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। कुछ समय पहले उसने जैदी फार्म में मकान लिया है, जहां पर निर्माण कार्य चल रहा है। शनिवार रात को इरशाद ड्यूटी पर गया था। परिवार के सदस्य जैदी फार्म अपने मकान पर गए थे। इसी दौरान पुलिस लाइन में बदमाश घुस गए और सिपाही के मकान को निशाना बनाया। मकान का ताला तोड़कर बदमाशों ने सोने चांदी के जेवरात और पांच हजार रुपये की नगदी समेत पांच लाख का सामान चोरी कर फरार हो गए। परिवार के लौटने के बाद घटना का पता चला। सिपाही की ओर से सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई है। पीड़ित सिपाही ने बताया कि बदमाशों ने मकान के अंदर कुछ नहीं छोड़ा।

Thursday, July 23, 2015

मालिक पर स्टोर के अंदर घुस कर गोलियां चला दीं

यहां बुधवार दोपहर बदमाशों ने एक कोल्ड स्टोर के मालिक पर स्टोर के अंदर घुस कर गोलियां चला दीं। घायल व्यवसायी ने गोली लगने के बाद भी हौसला नहीं छोड़ा और ऑफिस में रखी अपनी लाइसेंसी बंदूक से बदमाशों पर फायर कर दिया। गोलियों की आवाज सुन कर स्टोर पर काम कर रहे लेबर व आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। बदमाश 2 बाइकों पर सवार होकर वहां से फरार हो गए। माना जा रहा है कि इस घटना के पीछे रंगदारी का मामला है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। कंकरखेड़ा की गोविंदपुरी मुहल्ले के रहने वाले जौली (42) का सरधना रोड पर पदम नाम से कोल्ड स्टोर है। बुधवार दोपहर जौली अपने स्टोर के अंदर बने ऑफिस में बैठे थे। उसी समय 2 बाइकों पर सवार 4 बदमाश वहां पहुंचे। दो बदमाश बाहर खड़े रहे, दो कोल्डस्टोर के अंदर आ गए। उन दोनों बदमाशों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। ऑफिस में घुसते ही दोनों बदमाशों ने जौली पर फायरिंग शुरू कर दी। जौली घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। ऑफिस में रखी अपनी लाइसेंसी बंदूक से बदमाशों पर फायर कर दिया। गोलियों की आवाज सुन कोल्ड स्टोर में काम कार रहे लेबर और क्षेत्र के लोग घटनास्थल की ओर भागे। अपने को घिरता देख चारों बदमाश फरार हो गए। जौली का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

Wednesday, July 22, 2015

परतापुर थाना क्षेत्र से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया

13 जुलाई को पराग डेयरी के कर्मचारियों से हुई 41 लाख की लूट की योजना मेरठ जेल में तैयार की गई थी। नीरज भाटी गैंग के सक्रिय सदस्य गुड्डू उर्फ विजय ने जेल से बाहर आने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर योजना को अंजाम देने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया था। लूट की कोशिश में वे दो बार असफल रहने के बाद तीसरी बार अपनी योजना में सफल हो गए। मेरठ क्राईम ब्रांच पुलिस द्वारा पकड़े गए गुड्डू और उसके 6 साथियों ने पुलिस को यह जानकारी दी है। पुलिस ने उनके पास से लूटे हुए 31 लाख रुपये और 7 असलहे बरामद किए हैं।
एसएसपी दिनेश चंद दूबे ने बताया कि पराग डेयरी के कर्मचारियों से 41 लाख का कैश लूटने के आरोप में मंगलवार को परतापुर थाना क्षेत्र से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में थाना इंचौली क्षेत्र का कपिल, मोहित और संजीव, थाना दौराला क्षेत्र का गुड्डू और आश मोहम्मद और परतापुर का जिम्मी उर्फ हरजिंदर के अलावा मुजफ्फरनगर के मीरापुर का पप्पू है। एसएसपी ने बताया कि इनका एक साथी कालू अभी फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।

एसएसपी ने बताया कि लूट की घटना को अंजाम देने के लिए तैयार किए गैंग का सरगना नीरज भाटी गैंग का सक्रिय सदस्य गुड्डू है। जिन दिनों गुडडू मेरठ जेल में बंद था उसे नीरज गैंग के बदमाश उमेश पहलवान ने पराग डेरी के कैश के सबंध में जानकारी दी थी। उन्ही दिनों एक रंजिश के मामले में हरजिंदर भी जेल पहुंच गया था। गुड्डू और जिम्मी की जेल में मित्रता हो गई और उन्होंने जेल में डेरी का कैश वैन लूटने की योजना बनाई। जिम्मी पहले जेल से बाहर आया, उसके डेढ़ माह बाद गुडडू भी बाहर आ गया था। जेल से बाहर आकर गुडडू ने परतापुर क्षेत्र स्थित पराग डेरी की रैकी करने के बाद अपने साथियो से संपर्क साधा था।

Tuesday, July 21, 2015

पीड़ित की मानसिक स्थिति खराब

पराग डेयरी के कर्मचारियों से 41 लाख की लूट करने के मामले में एक विकलांग को पूछताछ के नाम पर उठाने और उस पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किए जाने का पुलिस पर आरोप है। पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि कस्टडी से वापस आने के बाद से ही पीड़ित की मानसिक स्थिति खराब है। उन्होंने एसपी देहात से मिलकर थाना परतापुर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी देहात ने इस मामले की जांच सीओ ब्रहमपुरी को सौप दी है।
परतापुर थाना क्षेत्र के अछरौंडा गांव निवासी प्रेम वीर सोमवार को अपने परिजनों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचे। उनके साथ उनका बेटा नितिन कश्यप भी था। प्रेम वीर ने बताया कि 16 जुलाई की रात करीब 10 बजे 7-8 पुलिस वाले उनके घर पहुंचे। उनमें से एक ने अपना नाम आदिल बताया था। पुलिस वाले ने कहा कि उन्हें पराग डेयरी के कैश लूट के मामले में नितिन से पूछताछ करनी है। यह कह कर वे नितिन को अपने साथ ले गए। प्रेम वीर ने बताया कि उनका बेटा नितिन शरीरिक रूप से विकलांग है। प्रेम वीर ने बताया कि अगले दिन सुबह करीब तीन बजे नितिन गांव के बाहर पड़ा मिला। उस समय उसकी स्थिति ठीक नहीं थी और वह बेहद घबराया हुआ था। उसे मोदीनगर इलाज के लिए ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि उसके दिमाग पर गहरी चोट लगी है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। एसपी देहात एमएम बेग ने कहा कि दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Monday, July 20, 2015

ईदगाह चौराहे पर जमकर हंगामा

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में कपड़ा व्यापारी के बेटे की मौत को लेकर आज सुबह शहर के ईदगाह चौराहे पर जमकर हंगामा हुआ है। जानकारी के अनुसार, रेलवे रोड थाना क्षेत्र के कपड़ा व्यापारी इस्लाम का बेटा सलमान (18) अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था। शाम को अचानक दोस्त उसका शव लेकर घर पहुंचे और कहा कि ट्रक दुर्घटना में सलमान की मौत हो गई है। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ और गुस्साए लोगों ने शव मेरठ-दिल्ली हाइवे पर रखकर रास्ता जाम कर दिया।
पुलिस ने जब जाम खुलवाने की कोशिश की तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठियां भी चलानी पड़ी। इस दौरान भगदड़ मच गई और करीब आधा दर्जन लोग चोटिल हो गए।
हालांकि नगर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश ने स्थिति काबू में होने का दावा करते हुए बताया कि पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए जमीन पर लाठियां फटकारी थीं, न कि लाठीचार्ज किया था। उन्होंने घटना में किसी के घायल होने की बात से भी इंकार किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी दोस्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और इलाके के लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को मेरठ-दिल्ली राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया और हंगामा किया। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, व्यापारी के बेटे के परिजनों की तहरीर के आधार पर आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। परिजनों का यह भी आरोप है कि सलमान के दोस्तों ने ही उसकी हत्या की है।