Friday, August 2, 2013

गोल्डन बाबा - कांवड़ लेकर

 हरिद्वार से अपने काफिले के साथ कांवड़ लेकर आ रहे दिल्ली के गोल्डन बाबा गुरूवार को यहां मोदीनगर से गुजरे। उनकी कांवड़ टीम में करीब सवा सौ कांवड़िए है। बाबा ने करीब दो किलो सोना पहन रखा है। हाथ में डायमंड की खासी महंगी घड़ी है जिसकी कीमत लाखों में है। उन्हें देखने के लिए हाईवे पर यहां खासी भीड़ जुट गई।

दिल्ली गांधी नगर के रेडिमेंट गारमेंट के व्यापारी सुधीर मकक्ड़ की यह 15वीं कांवड़ है। वह पिछले 15 वर्षो से इसी प्रकार से बराबर कांवड़ ला रहे। सोना पहनना उनके जीवन का अपना नशा है। उनके साथ उनकी ही फैक्टरी में विभिन्न प्रकार के काम करने वाले करीब सवा सौ कांवड़िए और दोस्त चल रहे हैं। गुरूवार की सुबह वह मेरठ से चलकर यहां दोपहर करीब दो बजे पहुंचे और बस स्टैंड में लगे कांवड़ शिविर में आराम करने के बाद वह करीब छह बजे दिल्ली की ओर रवाना हो गए।

60 वर्षीय सुधीर बाबा की चाल बहुत तेज है। उनके साथ चलने का मतलब है दौड़ लगाना। उनके साथ चल रहे कांवड़ियों ने बताया कि एक बार कांवड़ उठाने के बाद गोल्डन बाबा उसी स्थान पर जाकर रूकते हैं जहां उन्हें विश्राम करना होता है। अपना और अपनी टीम का राशन पानी उनके साथ है। उनके काफिले के पीछे-पीछे चल रही उनकी खासी कीमती गाड़ी के आगे गोल्डन बाबा की प्लेट लगी है। कार पर डीजे बज रहा है। उसमें बज रहे भोले बाबा के भजन यात्रा के दौरान उनमें जोश भर देते हैं। उनके साथ चल रहे कांवड़िए यात्रा के समय स्वयं व्यवस्था बनाते चलते हैं। इस दौरान वह बाबा के पास किसी फटकने नहीं देते।

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