Friday, August 23, 2013

करोड़ों का घोटाला

 पावर कॉरपोरेशन के एक कैशियर पर ऑनलाइन जमा होने वाले बिजली के बिलों में सेंध लगाकर करोड़ों का घोटाला करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में संबंधित कैशियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक विजय विश्वास पंत ने घोटाले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रारंभिक जांच में आरोपी कैशियर के खिलाफ करीब 22.50 लाख का घोटाला पकड़ा गया है। आरोपी कैशियर के खिलाफ नौचंदी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी कैशियर को सस्पेंड करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
प्रबंध निदेशक के अनुसार आरोपी कैशियर का नाम शादाब खान है। मेरठ शहर के खंड 3 के रंगोली उपखंड में तैनात शादाब खां पर आरोप है कि उसने बिल जमा करने वाले कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर घोटाला किया है। प्रबंध निदेशक के अनुसार कंप्यूटर बिलिंग दिसंबर 2011 से शुरू हुई थी। करीब डेढ़ साल में 22.50 लाख का घोटाला सामने आ चुका है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले हाथ से रसीद कटती थी। ऐसे में घोटाले की रकम और ज्यादा होने की संभावना से इनकार नही किया जा सकता। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद एहतियात के तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में खंड व उपखंड के खातों को चेक कराया जा रहा है।

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