Wednesday, January 29, 2014

कॉलेज जा रही 4 छात्राओं पर तीन युवकों ने तेजाब से हमला

सरूरपुर थाना क्षेत्र के पांचली बुजुर्ग गांव में कॉलेज जा रही 4 छात्राओं पर तीन युवकों ने तेजाब से हमला कर दिया। हालांकि, युवकों के इरादों को भांपते हुए चारों छात्राएं खेत में कूद गई, जिससे तेजाब उनके कपड़ों पर गिरा और वे बाल-बाल बच गईं। लड़कियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचते सभी हमलावर युवक वहां से फरार हो चुके थे। वहीं, तीनों आरोपी एक संप्रदाय विशेष के होने के कारण क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया। घटना के विरोध में लोगों ने हंगामा करते हुए जाम लगा दिया। वारदात की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। 
जानकारी के मुताबिक, गांव पांचली बुजुर्ग निवासी चार छात्राएं गोटका स्थित किसान इंटर कॉलेज में पढ़ने जा रही थी। बताया जा रहा है कि उनके गांव से बाहर निकलते ही पहले से ही रास्ते में खड़े गांव के तीन युवकों ने उन पर तेजाब से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि युवकों के पास तेजाब से भरी सीरिंज थी। छात्राएं शायद उन युवकों के मंसूबों को पहले ही भांप गई थी, इसलिए उन्होंने अपना बचाव करते हुए पास के खेत में छलांग लगा दी। इससे तेजाब उनके कपड़ों पर गिरा और चारों बाल-बाल बच गईं। इसी दौरान छात्राओं का शोर सुनकर आसपास के किसान वहां आ गए, लेकिन तब तक तीनों हमलावर फरार हो चुके थे। 
वहां से गुजर रही अन्य छात्राओं ने स्कूल जाकर प्रिंसिपल सुशील कुमार को भी घटना की जानकारी दी। तीनों आरोपी एक सम्प्रदाय विशेष से हैं, जिस वजह से इलाके में तनाव फैल गया। घटना के विरोध में लोगों ने मेरठ-करनावल हाइवे पर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गांववालों ने पुलिस को बताया कि छात्राओं पर तेजाब से हमला करने वाले गांव के ही गुलजार, सैफअली खां और एक अन्य हैं। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को भरोसा दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद लोग शांत हुए और उन्होंने जाम खोल दिया। वहीं, क्षेत्र में फैले साम्प्रदायिक तनाव को देखते हुए वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। 

Wednesday, January 15, 2014

खुफिया विभाग अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने में लगा रहा

मुजफ्फरनगर दंगा को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही यूपी सरकार और स्थानीय खुफिया एजेंसी एक बार फिर कटघरे में है। महज 2-3 दिन पहले मुजफ्फरनगर में सैटेलाइट फोन की मौजूदगी की जानकारी ने जहां स्थानीय खुफिया विभाग की लापरवाही को एक बार फिर उजागर किया है, वहीं यह बात भी सामने आई है कि जिस समय दंगा पीड़ितों के बीच आतंकवादी संगठन अपनी घुसपैठ बनाने की कोशिश कर रहे थे, उस समय समाजवादी पार्टी के ईशारे पर स्थानीय खुफिया एजेंसी अपने राजनीतिक आकाओं के चुनावी समीकरण के लिए जातिगत आधार पर गांवों की जनगणना करने में लगी थी। प्रदेश सरकार और स्थानीय खुफिया एजेंसी की नींद तब खुली जब केन्द्रीय जांच एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दंगा पीड़ितों से आतंकवादी संगठनों के तार जुड़ने की खबरों का खुलासा किया। बताया जा रहा है कि राहुल और सोनिया गांधी के मुजफ्फरनगर के पहले दौरे के समय से ही आईबी दंगा पीड़ित क्षेत्र में सक्रिय हो गई थी। 
बता दें कि मुजफफरनगर दंगा पीड़ितों से आतंकवादी संगठनों के संपर्क साधे जाने से संबंधित राहुल गांधी के बयान ने सियासत में तूफान खड़ा कर दिया था। उस पर सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ढंग से टिप्पणी की थी। आरोप है कि इसके बावजूद मुजफ्फरनगर का खुफिया विभाग अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने में लगा रहा। सूत्रों के मुताबिक, सत्ता में राजनीतिक नेता यह चाहते थे कि आगामी चुनाव से पहले उनके पास जिले के हर गांव की जनगणना की जातिवार तस्वीर हो। उनके ईशारे पर स्थानीय खुफिया एजेंसी इस काम में जुट गई।
 
सूत्र बतातें है कि जब राहुल गांधी पहली बार सोनिया गांधी के साथ मुजफफरनगर आए थे, तभी से आईबी के अधिकारी वहां सक्रिय हो गए थे। उन्हें आतंकी संगठनों की पीड़ितों से तार जुड़े होने की भनक मिली तो वे और गहराई से जांच पड़ताल में जुट गए। जबकि स्थानीय खुफिया एजेंसी इस हकीकत से बेखबर होकर अपने राजनीतिक आकाओं के निर्देश पर गांवों के जातिवार जनगणना के काम में जुटी रही। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया विभाग न्यामू, ज्ञान माजरा, घिसू खेड़ा, कुटेसरा, नंगला राई, कुल्हेडी, बलवा खेड़ी, बहादरपुर, डूरा, सरवट, बामन हेड़ी, रथेड़ी आदि दर्जनों गांवों में जाति के आधार पर जनगणना का काम पूरा कर चुका है।
 
दूसरी
 तरफ , घुसपैठ को लेकर स्थानीय खुफिया एजेंसी की नींद तो तब टूटी जब दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने इसबात से पर्दा उठाया कि मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों से आतंकी संगठनों के तार जुड़े हैं। इसी दौरान मेरठ सेनक्सलपंथी चंदनजी की गिरफ्तारी ने भी मुजफ्फरनगर के खुफिया विभाग की कार्यशौली पर सवालिया निशानखड़े कर दिए। चंदनजी को मेरठ के भैंसाली बस स्टैंड से जिस समय एसटीएफ ने गिरफ्तार किया वह उस समयखतौली से दिल्ली के लिए जा रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया था कि वह मुजफ्फरनगर में काफी समयतक रहा। 
इन
 खुलासों से बौखलाई स्थानीय खुफिया एजेंसी अभी ठीक से संभल भी नहीं पाई थी कि उस पर एक वज्रपातऔर हो गया। मुजफ्फरनगर के बाईपास पर सैटलाइट फोन की सूचना ने मानों उसकी कार्यशैली की पूरी तरह सेपोल खोल कर रख दी। अब खुफिया एजेंसी और जिले के अधिकारी इस बारे में बात करने से कतरा रहें हैं।हालांकि , खुफिया एजेंसी और अधिकारी दबी जुबान से चूक की बात स्वीकार करतें है , लेकिन ऑफिशियली इसमसले पर कोई बयान देने को तैयार नहीं हैं।

Monday, January 13, 2014

मेरठ के डीएम को शुक्रवार देर शाम सेना के जवानों ने माल रोड पर रोक लिया

मेरठ के डीएम रनदीप रिणवा की कार को शुक्रवार देर शाम सेना के जवानों ने माल रोड पर रोक लिया। परिचय देने के बावजूद जवानों ने उनकी कार को आगे जाने देने से मना कर दिया। डीएम को बताया गया कि यह सड़क को सुबह और शाम के समय वॉक करने वालों के लिए बंद कर दी जाती है। इस पर डीएम का पारा चढ़ गया। इस दौरान सेना के सब एरिया कमांडर मेजर जनरल वी.के. यादव भी घटनास्थल पर पहुंच गए। दोनों के बीच सड़क पर ही लगभग आधे घंटे तक बहस होती रही। इसके बाद बैरियर हटवाकर डीएम आगे निकल गए। बाद में दोनों पक्ष वीलर्स क्लब में बैठे, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। 
बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम डीएम रनदीप रिणवा अपनी कार से माल रोड पर जा रहे थे। वीलर क्लब के सामने सेना के जवान ने उनकी कार को यह कहते हुए रोक दिया कि यह सड़क सुबह और शाम को वॉक करने वालों के लिए बंद कर दी जाती है। सुरक्षाकर्मी ने सेना के जवानों को बताया कि कार में डीएम बैठे हैं, इसके बावजूद उनकी गाड़ी को दूसरे रास्ते से ले जाने के लिए कहा गया। इस पर डीएम भड़क गए और कार से नीचे उतर आए।
 
इस बीच सूचना मिलने पर कर्नल आर.एस. सेठी भी वहां पहुंच गए। डीएम उनसे अपनी नाराजगी व्यक्त कर ही रहे थे कि सब एरिया कमांडर मेजर जनरल वी.के. यादव भी टहलते हुए वहां पहुंच गए। डीएम ने उनसे कहा कि माल रोड शहर के प्रमुख मार्गों में से एक है। इसे आप बंद कर आम लोगों को परेशान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में प्रशासन को भी कोई सूचना नहीं दी गई है। इस पर जीओसी ने कहा कि यहां वॉकिंग प्लाजा बनाने का फैसला बोर्ड का है। प्रशासन के प्रस्ताव पर इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
 

Friday, January 10, 2014

माओवादी संगठन के जोनल कमांडर चंदनजी उर्फ चनारिक दास गिरफ्तार

सोमवार को एसटीएफ के हत्थे चढ़ा माओवादी संगठन के जोनल कमांडर को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर बिहार पुलिस को सौंप दिया। लेकिन उससे मिली जानकारी ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है। पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि अब तक नक्सली हमलों में 27 लोगों की जान ले चुका आरोपी गुरिल्ला वार के लिए दस्ते तैयार करने में माहिर है। पिछले छह महीने में उसने वेस्ट यूपी के एक दर्जन जिलों में दौरा कर अपना नेटवर्क तैयार किया है। अब खुफिया विभाग उससे मिली जानकरियों के आधार उसके बनाए नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है। 
एसटीएफ की टीम ने सोमवार को भैंसाली बस स्टैंड से माओवादी संगठन के जोनल कमांडर चंदनजी उर्फ चनारिक दास को गिरफ्तार किया था। उस समय वह खतौली से दिल्ली के लिए जा रहा था। चंदनजी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस, खुफिया विभाग, सीआरपीएफ व आईबी के अधिकारियों ने उससे गहन पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान पता चला कि चंदनजी अब तक जिन नक्सली हमलों में शामिल रहा है, उनमें 27 लोगों की मौत हो चुकी है। वह गया में लैंडलाइन ब्लास्ट कर एक डिप्टी एसपी की जान लेने की कोशिश भी कर चुका है।
 
6 महीने से रह रहा था वेस्ट यूपी में
 
चंदनजी पिछले छह माह से वेस्ट यूपी में रह रहा था। इस दौरान उसने अलीगढ़ से लेकर सहारनपुर तक के एक दर्जन जिलों का दौरा कर अपना नेटवर्क खड़ा किया। सूत्रों का कहना है कि उसके नेटवर्क से 70 लोग अभी तक जुड़ चुके हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल है। वह इतना शातिर है कि उसने पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले ही अपने मोबाइल से कई फोन नंबर डिलिट कर दिए थे। वह मोओवादी संगठन के लिबरेशन टीम का जोनल कमांडर है। उसे गुरिल्ला दस्ते तैयार करने में महारथ हासिल है। उसके द्वारा तैयार किए जाने वाले दस्तों में महिला दस्ता भी होता है। महिला दस्ता हथियार व खाने पीने की साम्रगी सप्लाई करने के काम करता है।
 

Wednesday, January 8, 2014

कुमार विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग

मुजफफरनगर में शिया समुदाय के कुछ वकीलों ने बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर आम आदमी पार्टी के नेता व कवि कुमार विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। वकीलों का आरोप है कि कुमार विश्वास ने एक कवि सम्मेलन के दौरान शिया समुदाय की भावनाओं को आहत किया था। कुमार विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। वकीलों ने बताया कि यह कवि सम्मेलन काफी पहले हुआ था, उस समय कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के नेता नहीं थे। वकीलों ने बताया कि उनके पास उस कवि सम्मेलन की विडियो क्लीप भी है।

Tuesday, January 7, 2014

एक नाबालिग लड़की के भाई ने बहन को न्याय दिलाने के लिए मामले में एफआईआर दर्ज कराई

अपने पिता की नाजायज हरकतों की वजह से गर्भवती हुई एक नाबालिग लड़की के भाई ने बहन को न्याय दिलाने के लिए मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में पंचायत ने पीड़ित लड़की को पिता की पत्नी के रूप में रहने के लिए फरमान जारी किया था, जिसे नकारते हुए किशोरी अपने भाई, मामा और नानी के साथ रविवार की रात थाने पहुंची। उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसके पेट में पल रहा गर्भ उसके बाप की नाजायज हरकतों का नतीजा है। पुलिस आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई कर रही है। 
मां की मौत के बाद पिता के साथ रहती थी : लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार करता रहा। लड़की के गर्भवती होने पर मामला सामने आया। तीन दिन पहले इस मामले में किशोरी के ननिहाल वालों ने पंचायत बैठायी थी। पंचायत ने पीड़ित युवती को अपने ही पिता की पत्नी के रूप में रहने का फरमान सुना दिया था। साथ ही पंचायत ने पिता और उसकी बेटी को मुहल्ला छोड़कर जाने का हुक्म भी दिया था।
 
पीड़िता नहीं गई पिता के साथ : पंचायत के बाद आरोपी पिता और बेटी के शहर छोड़कर चले जाने की बात सामने आ रही थी। इस खबर की जानकारी मिलने पर शहर के सामाजिक संगठनों ने एसएसपी से मिलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस पर एसएसपी ने थाना लिसाड़ी गेट पुलिस को पूरे मामले की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया था। रविवार की रात करीब 8 बजे पीड़ित किशोरी अपने भाई, मामा और नानी के साथ अचानक थाना लिसाड़ी गेट पहुंची।
 
पहली बार डरा-धमकाकर किया था रेप : पीड़िता के थाने पहुंचने की सूचना मिलने पर सीओ मनीषा सिंह भी वहां पहुंच गई। सीओ ने बंद कमरे में पीड़िता से लंबी बातचीत की। किशोरी के बयान दर्ज करने के लिए एक महिला कॉन्स्टेबल को भी वहां बुलाया गया। युवती ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने पहली बार शराब के नशे में डरा-धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया था। आरोप है कि घटना की जानकारी किसी को देने पर पिता ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।
 
कई बार किया बलात्कार : पीड़िता का आरोप है कि उसका पिता डरा-धमकाकर उसके साथ तीन बार बलात्कार कर चुका है। उसने यह भी बताया कि उसके पेट में पल रहा बच्चा उसके पिता के दुष्कर्म का ही परिणाम है। लड़की ने बताया कि गर्भ का पता चलने पर उसके पिता ने उसे घर में ही कैद कर लिया था। वहीं, इस मामले किशोरी के भाई ने अपने पिता के खिलाफ पुलिस को लिखित में तहरीर दी है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 376, 506 के अलावा पाक्सो की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी पिता की तलाश कर रही है।
 

Friday, January 3, 2014

शिविरों को खाली करने को लेकर एसडीएम व तहसीलदार और महिलाओं से बीच तीखी नोंकझोक

शामली में मदरसे में चल रहे शरणार्थी शिविरों को खाली करने को लेकर एसडीएम व तहसीलदार और महिलाओं से बीच तीखी नोंकझोक हुई। महिलाओं ने दोनों अधिकारियो को बैरंग लौटा दिया। शामली के तिमरसा रहत शिविर में गुरुवार करीब 12 बजे एसडीएम व तहसीलदार अपनी टीम के साथ यहां लगे तंबुओं को उखाड़ने पहुंचे। इसके विरोध में महिलाओं ने एसडीएम को घेर लिया और उनका हाथ पकड़कर वहां से चले जाने को कहा। इसके बाद अधिकारी और उनकी टीम वहां से चली गई। लेकिन जाते-जाते एसडीएम जगह को खाली करने की चेतावनी देकर चले गये। करीब 3 बजे फिर टीम राहत शिविरों में पहुंची और शिविर संचालकों की मदद से कुछ तंबू उखड़वा दिए। उधर, शामली के कांधला स्थित ईदगाह में प्रशासन 35 तंबू उखड़ने में सफल रहा। जिला अधिकारी प्रवीण कुमार का कहना है कि पीड़ितों को मुआवजा पहले ही दे दिया गया है। उनका कहना है कि यह मुहिम तंबुओं में रह रहे लोगों को वापस उनके गांव में भेजने के लिए है। 

Wednesday, January 1, 2014

शुभकामनायें

साथियों,

जो बीत गया , उसे भूल जाने में सकून मिलता है , इसलिए 2013 को भूल जाओ ।

2014 का अभिनंदन , सभी पाठकों को हमारी ओर से  परिवार सहित नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।