मेरठ मंडल के शिकायतों की समीक्षा करने आए अनुसूचित जाति-जन जाति
आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने बताया कि मंडल के 6 जिलों में मेरठ से सबसे ज्यादा शिकायतें उन्हें मिली हैं। इनमें से
अधिकांश शिकायतें पुलिस के खिलाफ हैं। देश के अन्य प्रदेश के मुकाबले यूपी से आयोग
को सबसे ज्यादा शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों के मामले में
अधिकारी उतने संवेदनशील नहीं है, जितना
उन्हें होना चाहिए। मंडलस्तर पर उनके द्वारा की जा रही समीक्षा बैठक को उन्होंने
बहुत प्रभावी कदम बताया।
पूनिया ने बताया कि मीटिंग में कुल
82 मामले थे। इनमें से 38 मेरठ, 20 बुलंदशहर, 12 गौतम बुद्धनगर, 4 गाजियाबाद, 3 हापुड़ और 5 बागपत के थे। इनमें से अधिकांश
मामले पुलिस के खिलाफ थे। पीड़ितो की एफआईआर न लिखे जाने की शिकायत सबसे ज्यादा
मिली। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि एफआईआर लिखाने के लिए पीड़ितो को आयोग
के पास आना पड़ता है। उन्होंने बताया कि आज मंडल के अधिकांश मामलों का निस्तारण हो
गया है। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि पूरे देश में सबसे ज्यादा शिकायतें उन्हें यूपी
से मिलती हैं,
जबकि सबसे ज्यादा रेप
के मामले मध्यप्रदेश से आते हैं।
पूनिया ने कहा कि उनके संज्ञान में
यह बात भी आई है कि अनुसूचित जाति के लोगों पर प्रदेश की पुलिस गुंडा एक्ट लगाकर
उन्हें गुंडा घोषित कर रही है। उन्होंने इस संदर्भ में भी अधिकारियेां को निर्देश
दिए हैं कि फर्जी गुंडे न बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक विजिलेंस
कमेटी के गठन किए जाने का प्रावधान है। बुलंदशहर जनपद में अभी तक कमेटी गठित नहीं
की गई है। और जहां कमेटी गठित है वहां भी नियमानुसार उनकी बैठके नहीं हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि मंडल में गाजियाबाद के थाना लोनी के विजयनगर, मोदीनगर और गौतमबुद्धनगर के गांव
कनावनी और शादपुर को संवेदनशील मानते हुए वहां से अनुसूचित जाति से संबंधित
शिकायतों पर अधिक संवेदनशीलता से काम करने को कहा गया है।
रामपुर में बाल्मिकियों के
धर्मांतरण की धमकी पर उन्होंने कहा कि पीड़ित उनसे मिले थे। उन्होंने रामपुर के
डीएम सीपी तिवारी से फोन पर बात की थी। डीएम ने उन्हें बताया है कि किसी का भी
उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। पूनिया ने बताया कि उन्होंने डीएम से पूरे मामले की
रिपोर्ट भी तलब की है।
बीजेपी के सरधना विधायक संगीत सोम
के पिता ओेमवीर सोम और उनके साथियों द्वारा भट्टा ठेकेदार धर्मेंद्र की पिटाई के
मामले में आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि वे अस्पताल में धर्मेंद्र से मिलने गए थे।
उनका परिवार अभी भी डरा हुआ है। पुनिया ने बताया कि इस बारे में उनकी एसएसपी और
डीआईजी से बात हुई है। उन्होंने फरार चल रहे ओमवीर सोम को गिरफ्तार करने का भरोसा
दिया है। आयोग इस कार्रवाई पर अपनी नजर रखेगा और पीड़ित को न्याय दिलवाएगा।
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