1971 में
भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना के जवानों की विधवाओं के जख्मों पर
मेरठ कैंट बोर्ड ने एक बार फिर नमक छिड़कने का काम किया है। 43 साल से कैंट क्षेत्र के एक हाउसिंग
कॉम्पलेक्स विडोज कॉलोनी के 10 मकानों
में रह रही शहीदों की विधवाओं के घरों की बिजली तो कैंट बोर्ड ने 2013 में ही काट दी थी, अब उनके नाम कैंट बोर्ड के होने जा
रहे इलेक्शन की लिस्ट से भी हटा दिए गए हैं। मेरठ कैंट बोर्ड के इस रवैये से
शहीदों की विधवाएं आहत हैं। 1971 के
भारत-पाक युद्ध के बाद यूपी में शहीदों की विधवाओं को कुल 47 मकान आवंटित किए गए थे। इनमें से 10 मेरठ में (विडोज कॉलोनी) 16 लखनऊ में,10 बरेली में 6 आगरा में और 5 लैंस डाउन में जो कि अब उत्तराखंड
में है मिला था।
मेरठ में आवंटित 10 मकानों मे से एक में रह रही
राजमुमारी देवी (67) कहती
हैं कि मेरठ कैंट बोर्ड ने अब तो उन्हे टार्चर करने की सभी सीमाएं तोड़ दी हैं। 2013 में सभी दस परिवारों को तीन-तीन
लाख का बिजली काट दिया। 12 अगस्त
2013 को उन सभी की बिजली काट दी गई। अब
कैंट बोर्ड ने उन्हे टार्चर करने का नया तरीका निकाला है। इस बार उन्होंने कैंट
बोर्ड के होने जा रहे चुनाव के लिए बनाई गई वोटर लिस्ट से उनके नाम हटा दिए हैं।
इसी कॉलोनी में रहने वाले 1971 युद्ध के अकेले सेनानी धर्मवीर
सिंह कहते हैं कि यह कैंट बोर्ड की सोची समझी चाल है। वह वोटर लिस्ट से हमारे नाम
हटा कर इसे सबूत के रूप मे हमारे खिलाफ कोर्ट में पेश करना चाहते हैं। वे बताते
हैं कि कैंट बोर्ड द्वारा उनके मकानों के बिजली के कनेक्शन काटे जाने के बाद उन
लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट मे एक रिट दायर की गई है। इसमें अभी तक कोई सुनवाई
नहीं हुई है। जब मेरठ कैंट बोर्ड के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर एमए जफर से बात की गई तो
उनका कहना था कि हर इलेक्शन से पूर्व कैंट क्षेत्र में रहने वालों को वोटर लिस्ट
में अपना नाम जुड़वाने के लिए एक आवेदन देना होता हैं। विडोज कॉलोनी में रहने वालो
ने आवेदन नहीं किया है। इसलिए उनके नाम लिस्ट में नहीं है। अखबार में वोटर लिस्ट
छपने के बाद भी इस कॉलोनी के किसी भी व्यकि ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
हालांकि धर्मवरी सिंह का कहना है कि 43 सालों
से कैंट बोर्ड के लोग ही उनके पास आकर चेक किया करते थे कि उनका नाम लिस्ट में है
या नहीं। इससे पहले उन्होंने कभी भी वोटर लिस्ट में नाम लिखवाने के लिए कोई आवेदन
नहीं किया। एक ओर जहां विडोज कॉलोनी के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, वहीं इस लिस्ट में 2623 नए वोटरों के नाम जोड़े भी गए है।
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