Friday, April 24, 2015

यही वह जगह है जहां सालों पहले मैंने अपने बेटे को खो दिया

करीब तीन फाइव स्टार होटल के मालिक सादिक भारती की पहचान एक संपन्न और मशहूर कैटरर के तौर पर है। उनके 3 बेटे एक अच्छा शेफ बनने की उम्मीद में दिल्ली और राजस्थान में फैंसी रेस्टोरेंट चेन में काम कर रहे हैं। लेकिन, भारती का चौथा बेटा उनसे बिछड़ चुका है। अपने इसी बेटे को पाने की आस लिए सादिक 1992 से लगातार ठीक उसी जगह पर अपना फूड स्टॉल लगाते आ रहे हैं, जहां से करीब 23 साल पहले उनका बेटा युसुफ खो गया था।
बेटे की बात आते ही उनकी आंखों में आंसू भर जाते हैं। वह कहते हैं कि यह जो कुछ भी आप देख रहे हैं, वह पैसों के लिए नहीं है। यही वह जगह है जहां सालों पहले मैंने अपने बेटे को खो दिया था। अब तो वह 26 साल का नौजवान हो गया होगा। 55 साल के हो चुके भारती कहते हैं कि जब तक हो सकेगा, ऐसे ही अपने बेटे को खोजता रहूंगा। शायद वह कभी वापस आ जाए। इसी जगह से कोई उसे (यूसुफ) उठा ले गया था। अगर वह कभी वापस आया, तो सिर्फ इसी जगह मिलेगा। मैं तब तक उसका इंतजार करूंगा।
हालांकि, भारती मानते हैं कि तीन साल के बच्चे को यह चीजें इतने लंबे समय तक याद नहीं रह सकती। लेकिन, उनकी जिद है कि वह उम्मीद नहीं छोड़ेंगे। वह हर हफ्ते नौचंदी पुलिस स्टेशन भी जरूर जाते हैं। इसी थाने में उन्होंने बच्चे के खोने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नारी निकेतन और जुवेनाइल जेल के वह अब तक अनगिनत चक्कर काट चुके हैं। हर साल मेले के दौरान आने वाले बंजारों के टच में भी बने रहते हैं।
भारती कहते हैं कि ऊपरवाले में उनका पूरा विश्वास है। वह बेटे को वापस पाने की दुआ मांगने राजस्थान की अजमेर शरीफ और दिल्ली स्थित निजामुद्दीन की दरगाह पर भी बहुत बार जा चुके हैं। वह बताते हैं, लोगों के कहने पर मैं कई ज्योतिषियों से भी मिला। उनपर अपनी मेहनत से कमाए हुए ढेर सारे पैसे लुटा दिए। उनमें से एक ने बताया कि मुझे मेरा बेटा लखनऊ में मिल जाएगा। मैंने एक पल के लिए भी दोबारा नहीं सोचा, तुरंत ट्रेन पकड़ी और लखनऊ पहुंच गया। सड़कों पर इधर से उधर भटकता रहा। लेकिन, सब बेकार गया। जिगर का टुकड़ा नहीं मिला।

सादिक भारती पिछले एक दशक से मेला देखने आने वालों को फ्री में पानी पिला रहे हैं और दान भी कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि शायद किसी दिन अल्लाह उनके अच्छे कामों को देखें और उन्हें उनका बेटा लौटा दें। बेटे से बिछड़ने की तकलीफ आज भी उनके दिल को कचोटती है।

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