Sunday, December 27, 2009

युवक के पास से सेना का फर्जी आई कार्ड भी

यहां के सैन्य क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक युवक को सेना के जवानों ने पकड़ा है। नशे में धुत उस युवक के पास से सेना का फर्जी आई कार्ड भी मिला है। आर्मी इंटेलिजेंस ने उससे पूछताछ करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार रात को एक युवक संदिग्ध अवस्था में कंपनी बाग के पास घूम रहा था। शक होने पर सेना के जवानों ने उसे दबोच लिया। युवक नशे में धुत था। तलाशी लेने पर उसकी जेब से सेना का फजीर् आई कार्ड व कुछ अन्य कागजात मिले। आई कार्ड पर युवक का फोटो लगा हुआ था। पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम अमित शर्मा है और वह बुलंदशहर के जेवर कस्बे के गांव हुमायूंपुर का रहने वाला है। उसने अलीगढ़ के पचावली से हाईस्कूल पास किया था। 2003 में वह अपने दोस्तों के साथ सेना में भर्ती होने के लि मेरठ आया था। उसके दोस्तों का चयन सेना में हो गया था, जबकि उसे फेल कर दिया गया था। तभी से वह अपने घर वालों से झूठ बोलता चला आ रहा है कि वह सेना में नौकरी कर रहा है। हालांकि इस दौरान वह लगातार सेना में भर्ती के लिए प्रयास करता रहा, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पाई। उसने लोगों को चकमा देने के लिए जो फर्जी आई कार्ड बनाया, उस पर नंबर उसके दोस्त के कार्ड का है। फोटो अपना चिपका कर उसने उस पर फर्जी मोहर व साइन बना रखे हैं। उसने बताया कि वह घर से झूठ बोल कर अब तक अस्सी हजार रुपये ले चुका है। उसने यूनिवर्सिटी में सुरक्षाकर्मी की नौकरी भी करनी चाही थी, लेकिन उनके द्वारा कम वेतन दिए जाने की बात पर उसने नौकरी स्वीकार नहीं की थी। आर्मी इंटेलिजेंस ने उसे घंटों पूछताछ करने के बाद अब पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूछताछ कर रही है।

Sunday, December 20, 2009

मुजफ्फरनगर निवासी प्रिंसिपल साहब का शादी रचना महंगा पड़ा।

अपने से लगभग 40 साल छोटी छात्रा से प्रिंसिपल साहब का शादी रचना महंगा पड़ा। शादी की खबर सुनते ही कॉलेज मैनेजमेंट ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। पूरा मामला इस तरह है। मुजफ्फरनगर निवासी रामधन मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक बीएड कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थे। इसी दौरान रामधन का अपनी छात्रा और कॉलेज के मैनेजर की बेटी शीतल से नजदीकियां बढीं। बाद में उन्होंने शीतल के साथ प्रेम विवाह कर लिया और 8 नवंबर को दोनों फरार हो गए। इस घटना के बाद मैनेजमेंट ने रामधन को प्रिंसिपल पद से बर्खास्त कर दिया। हालांकि पुलिस अब तक इस शादीशुदा जोड़े की तलाश नहीं कर सकी है। लेकिन विवाहित जोड़े ने चंडीगढ़ में जारी की गई मैरिज सर्टिफिकेट की कॉपी पुलिस को भेज दी है। यह घटना उस समय प्रकाश में आई, जब लड़की के परिजनों ने बेटी के गायब होने के मामले में प्रिंसिपल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने लड़की की तलाश में प्रिंसिपल के घर पर भी छापे मारे, लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई।

Wednesday, December 16, 2009

पत्नी को जुएबाजी के दांव में हारने के बाद उसे साथी जुआरी को सौंप दिया।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक जुआरी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को जुएबाजी के दांव में हारने के बाद उसे साथी जुआरी को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार यह घटना जिले के सिंघावली थाना क्षेत्र के बिलौचपुरा गांव की है। मामला तब प्रकाश में आया जब 32 वर्षीय उक्त महिला जुआरी के चंगुल से भागकर पुलिस के पास जा पहुंची।
सिंघावली के एसएचओ फूल सिंह ने बुधवार को वहां संवाददाताओं को बताया कि पीड़िता ने मंगलवार शाम उनसे संपर्क कर अपने पति मोहम्मद रहीस पर आरोप लगाया कि जुए में पैसे हारने पर उसने जबरन उसे जुआरी फिरोज को सौंप दिया। सिंह ने कहा कि पीड़िता की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपी रहीस और फिरोज फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

Sunday, December 13, 2009

मकान खरीदने के लिए 66 हजार रुपये लिए और मकान को अपनी पत्नी के नाम करवा दिया।

एक व्यक्ति ने अपनी बहन से उसके नाम पर मकान खरीदने के लिए 66 हजार रुपये लिए और मकान को अपनी पत्नी के नाम करवा दिया। हापुड़ कोतवाली क्षेत्र में पीर वाली गली में पप्पू के मकान पर रहने वाले नईम और उसकी बहन परवीन पत्नी बुनदन रहते हैं। नईम ने बहन से 66 हजार रुपये यह कहकर लिए कि वह उक्त मकान का बैनामा उसके नाम करवा देगा, लेकिन नईम ने परवीन को धोखा देकर उक्त मकान का बैनामा अपनी पत्नी के नाम करवा लिया। परवीन को जब वास्तविकता का पता चला तो उसने नईम से पूछताछ की जिस पर नईम उसका बेटा सगे संबंधियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। परवीन ने थाना कोतवाली में नईम, सलीम, अमीर के खिलाफ तहरीर दी है।

Monday, December 7, 2009

नशे में धुत देसी शराब के ठेके पर वहीं के सेल्समैन ने फायरिंग कर सनसनी फैला दी।

शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र इंदिरा चौक पर गुरुवार की रात नशे में धुत देसी शराब के ठेके पर वहीं के सेल्समैन ने फायरिंग कर सनसनी फैला दी। मौके पर पुलिस ने उसे गैर जिम्मेदाराना हरकत करते हुए दबोचा तो आरोपी ने खुद को भारतीय किसान यूनियन के नेता महेंद्र सिंह टिकैत का रिश्तेदार बताते हुए पुलिसकर्मियों पर रोब जमाने की कोशिश की। बहरहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजस्थान के हनुमान गढ़ का निवासी सुभाष चौधरी यहां इंदिरा चौक स्थित देसी शराब के ठेके पर पिछले कई महीनों से सेल्समैन का काम करता है। वह खुद भी शराब का शौकीन है। गुरुवार को शाम से ही उसने पीना शुरू कर दिया। रात को नशे में धुत होकर गुरुवार की रात वह दुकान से बाहर आया और 315 बोर के तमंचे से अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस की मौजूदगी में भी सुभाष ने दो फायर किए। इससे वहां एकत्र हुए लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने उसे दबोचकर उसका तमंचा अपने कब्जे मे ले लिया। इस पर वह पुलिस वालों पर भड़क गया। पुलिस वालों पर रोब जमाते हुए उसने कहा कि वह टिकैत का रिश्तेदार है और उसकी वर्दी उतरवा देगा। पुलिस ने उसकी बात पर ध्यान न देते हुए उसे हिरासत मे ले लिया।

Friday, December 4, 2009

क्रिकेटर गगनदीप के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी

उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ में मारे गए क्रिकेटर गगनदीप के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है। इससे पहले एक माह पूर्व गगनदीप के परिवार को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए)ने पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। केन्द्रीय कोयला राज्य मंत्री और कानपुर के सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल भी 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर चुके हैं। डीएम अनिल सागर ने बताया कि शहर के उभरते क्रिकेट सितारे गगनदीन की मौत के बाद जिला प्रशासन ने उसके परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखा था। इस पर शासन ने इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष से पचास हजार रुपये की धनराशि गगनदीप के परिजनों के लिए मंजूर की थी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने यह सहायता राशि गगनदीप के परिवार को सौंप दी है। यूपीसीए, सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार के अलावा कई स्वयं सेवी संस्थाओं ने भी गगनदीप के परिवार को आर्थिक सहायता दी है। गौरतलब है कि गगनदीप की हत्या 9 अक्टूबर को आधी रात के समय मेरठ में उस समय कर दी गयी थी जब वह होटल के बाहर कबाब खाने गया था। गगनदीप अपनी टीम के साथ अंडर 22 सीके नायडू ट्राफी खेलने मेरठ गया था।

Wednesday, December 2, 2009

मंगलवार को फिर कलंजरी गांव में अपने 2 साथियों के साथ मिलकर एक युवक को गोलियां मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

पुलिस के सामने लगातार चुनौती पेश करने वाले ईनामी अपराधी अजय राज ने मंगलवार को फिर कलंजरी गांव में अपने 2 साथियों के साथ मिलकर एक युवक को गोलियां मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हर बार की तरह इस बार भी वह घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस कुख्यात अजय राज को पकड़ने के लिए कितनी बेचैन है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह पहले ही उस पर रखी गई ईनामी राशि बढ़ाकर 20 हजार से 50 हजार रुपये करने की सिफारिश कर चुकी है। एक ही कुनबे पर उसके द्वारा किए जा रहे हमले से गांव के लोग दहशत में हैं। थाना जॉनी क्षेत्र निवासी किसान नेता विनोद कलंजरी का भाई सुबोध मंगलवार सुबह अपने घर पर था। आरोप है कि उसी समय अजय राज अपने 2 साथियों के साथ वहां पहुंचा और उस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। तीन गोलियां लगने से सुबोध वहीं गिर गया। उसे मरा समझ अजय राज साथियों समेत हवा में हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गया। गोलियों की आवाज सुनकर गांव वाले वहां पहुंचे। सुबोध को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। सुबोध के भाई का कहना है कि अजय राज ने हमारे परिवार के 8 लोगों की लिस्ट बना रखी है। उसने धमकी दी है कि वह इनमें से किसी को नहीं छोड़ेगा। करीब आठ महीने पहले उसने शराब पीकर गांव में हंगामा किया था, जिसका हमारे परिवार ने विरोध किया था। तभी से वह हमारे परिवार को दुश्मन मानता है। इससे पहले भी नवंबर माह में वह हमारे कुनबे से जुड़े सदस्य मनोज सांगवान को मुहद्दीनपुर में गोली मारकर मौत के घाट उतार चुका है। अजय राज का नाम उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने 10 अक्टूबर को कानपुर से यहां सीके नायडू क्रिकेट ट्रॉफी में हिस्सा लेने आए नौजवान क्रिकेटर गगनदीप की हत्या कर दी थी। तभी से पुलिस दावा कर रही है कि वह अजय राज को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस ने उस पर 20 हजार हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। नवंबर में उसके द्वारा मनोज की हत्या किए जाने के बाद शासन को उस पर इनामी राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की सिफारिश की गई। लेकिन इस सबसे बेखौफ अजय राज का आतंक जारी है। वह पुलिस के सामने नई चुनौती पेश कर हर बार उसके बौने होने का अहसास करा रहा है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मंगलवार के कांड में अजय राज की क्या भूमिका थी, इसकी जांच की जा रही है।