Thursday, September 24, 2009
एमबीए की स्टूडेंट ने अपने ही पिता पर रेप का आरोप लगाया
Sunday, September 20, 2009
अपर जनपद न्यायाधीश पर हथियार तान दिए।
हापुड़ के एसपी नेता कुरैशी हत्याकांड में शनिवार को कोर्ट में उनके समर्थकों ने अपर जनपद न्यायाधीश पर हथियार तान दिए। घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में वकील, जज व पुलिस मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तीन हथियारबंद बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। व्यापारिक विवाद में तीन दिन पहले ही राष्ट्रीय जमीयत कुरैशी के अध्यक्ष व एसपी नेता शमशुद्दीन कुरैशी की हत्या हो गई थी। इस मामले में मृतक के भानजे अफजाल ने एसपी के पूर्व नगर अध्यक्ष हाजी याद इलाही कुरैशी, बीएसपी नेता हाजी असलम, मुस्तकीम, रितू, मास्टर रियाज व इकबाल तगड़ा को नामजद किया था। इन आरोपियों को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपियों के शनिवार को हापुड़ कोर्ट में सरेंडर की सूचना पर कुरैशी के सैकड़ों समर्थक कोर्ट परिसर में जमा हो गए। इस दौरान हापुड़ व गढ़ के जजों की बैठक लेने गाजियाबाद से अपनी कार में आए अपर न्यायाधीश विशु चंद्र गुप्ता कचहरी पहुंचे। बताया जा रहा है कि कुरैशी के समर्थकों ने गाड़ी पर अपने हथियार तान दिए। जज गुप्ता ने गाड़ी से उतरकर अपना परिचय दिया। उन्होंने मामले की सूचना अन्य जजों को दी। अपर जिला जज पर हथियार ताने जाने की सूचना पर जजों और वकीलों में हड़कंप मच गया पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
बागपत के बसी गांव में हत्याकांड
बसी गांव में गुरुवार सुबह प्रॉपर्टी विवाद में एक विधवा, उसकी बेटी व 12 साल के बच्चे की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में जेठ व देवर को अभियुक्त बनाया गया है। खेकडा थाना क्षेत्र के बसी गांव निवासी सरदारे उर्फ लाला के 3 बेटे कृष्णपाल, कुसुमपाल व संजीव थे। इनमें से मंझले कुसुमपाल ही विवाहित थे। कृष्णपाल व संजीव से अनबन के कारण करीब 10 साल पहले सरदारे ने अपनी जमीन की वसीयत इकलौते पोते रिंकू के नाम कर दी थी। कुछ समय बाद सरदारे की मौत हो गई। इसी बची कृष्णपाल व संजीव गांव छोड़कर कहीं बाहर रहने लगे थे। करीब 4 साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में कुसुमपाल की भी मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों के समझाने-बुझाने पर कृष्णपाल व संजीव गांव में रहकर भाई के परिवार की देखभाल और खेती करने लगे। इसी बीच कुसुमपाल की सास शांति देवी भी अपनी बेटी के साथ बसी गांव में ही रहने लगी थी। गुरुवार सुबह कुसुमपाल की विधवा मनीषा (38) बेटी रीमा (16) व बेटे रिंकू (12) की हत्या कर दी गई। हत्याकांड की रिपोर्ट शांति देवी ने दर्ज कराते हुए कृष्णपाल व संजीव को नामजद किया है।
Tuesday, September 15, 2009
वेस्टर्न यूपी के वकील इस मांग को लेकर फिर एकजुट
हाई कोर्ट बेंच के मुद्दे पर पिछले 27 साल से आंदोलन कर रहे वेस्टर्न यूपी के वकील इस मांग को लेकर फिर एकजुट हो गए हैं। केंद्रीय संघर्ष समिति के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार से वेस्टर्न यूपी की सभी जिला अदालतों में कामकाज ठप हो जाएगा। शुरुआत के 2 दिन कोर्ट, कलक्ट्रेट और तहसीलों में हड़ताल कर बेंच की मांग की जाएगी, जबकि गुरुवार को वेस्टर्न यूपी में चक्का जाम करके केंद्र और राज्य सरकार से उनकी मांग पर ध्यान देने की अपील की जाएगी। समिति के जिला संयोजक और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार असोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर नागर ने बताया कि बेंच की मांग को वेस्टर्न यूपी के लोगों से खूब समर्थन मिल रहा है। गौतमबुद्धनगर जिले में भी उद्योग व्यापार मंडल, ग्राम प्रधान संगठन, केमिस्ट असोसिएशन, नोएडा लोक मंच, बीजेपी, कांग्रेस, एसपी और बीएसपी ने बेंच की मांग का समर्थन किया है। गुरुवार के चक्का जाम के बाद पिछले 27 साल से वेस्टर्न यूपी की मांग को दबाते आ रहे सत्ताधारियों की आंखें खुल जाएंगी और उन्हें लोगों की मांग माननी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्रीय विधायक सतबीर गुर्जर, होराम सिंह, वेदराम भाटी और सांसद सुरेंद्र नागर भी बेंच की मांग पर सहमत हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को पार्टी सुप्रीमो के सामने उठाएंगे। शनिवार को मेरठ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार असोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह धामा के नेतृत्व में बनी केंदीय संघर्ष समिति की सामान्य बैठक नोएडा में होगी और आंदोलन की भावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उधर गुरुवार के चक्का जाम को सफल बनाने के लिए असोसिएशन अध्यक्ष अंकुर नागर और सेकेटरी संजीव वर्मा के नेतृत्व में वकीलों की 2 दर्जन टोलियों ने सोमवार को जिले के विभिन्न इलाकों में दौरा किया।
Sunday, September 13, 2009
गर्भवती महिला, संगीता गोयल अकेली ही कार चलाकर बिजनौर से दिल्ली जा रही थी।
दिल्ली-मेरठ नैशनल हाइवे पर मेरठ और मोदीनगर की सीमा पर बुधवार की सुबह लगभग 30 साल की एक महिला और नवजात शिशु की कार में ही प्रसव के दौरान मौत हो गई। गर्भवती महिला, संगीता गोयल अकेली ही कार चलाकर बिजनौर से दिल्ली जा रही थी। मोदीनगर पुलिस के मुताबिक, बुधवार की सुबह संगीता खुद गाड़ी चलाकर अपनी ससुराल बिजनौर से दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में पति के वापस लौट रही थी। जब वह मोदीनगर की सीमा के बाहर कादराबाद के नजदीक पहुंची, तभी उसे लेबर पेन शुरू हो गया। उसने नोएडा में रहने वाली अपनी बहन विनीता को फोन करके अपनी हालत की जानकारी दी और वहीं साइड में गाड़ी पार्क करके उसके आने का इंतजार करने लगी। इस दौरान बिना किसी मेडिकल केयर के उसने सड़क किनारे अपनी कार में ही बच्ची को जन्म दे दिया। लेकिन किसी तरह की मेडिकल सुविधा न मिलने के कारण मां-बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई और विनीता के वहां पहुंचने के पहले दोनों ने दम तोड़ दिए। मोदीनगर पुलिस के एक अधिकारी कपिल देव सिंह ने बताया कि विनीता ने दोनों की बॉडी अपने कार में रख ली और बिना पुलिस को सूचित किए नोएडा लौट आई। वहीं विनीता के मुताबिक, पति के बुलाने पर 'तत्काल' दिल्ली पहुंचने के लिए संगीता खुद ही कार लेकर बिजनौर से निकल पड़ी थी। उसने आश्चर्य जताई कि पता नहीं, ऐसी क्या इमर्जन्सी थी कि संगीता के पति ने उसे ऐसी हालत में अकेली तत्काल दिल्ली आने को कहा।
Thursday, September 10, 2009
थाने के पास सरेआम हुई इस हत्या से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान
कोतवाली के पास पुलिस के सामने सोमवार की सुबह 22 साल के युवक को चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया गया। थाने के पास सरेआम हुई इस हत्या से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग गया है। बताया जाता है कि युवक को चाकू गोदने के बाद हत्यारे पुलिस वालों के सामने चाकू लहराते हुए फरार हो गया। हत्या के मामले में कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आजाद, सत्यवीर, रवि और उदयवीर को नामजद कराया है। बाद में पुलिस ने आजाद और रवि को हिरासत में ले लिया है। उधर ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी अखिल कुमार ने एक सब इंस्पेक्टर और एक दीवान समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है । स्थानीय कोतवाली के सामने रेलवे रोड़ पर शहीद मेजर आशा राम त्यागी की प्रतिमा के पास सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और बस यात्रियों की खासी चहल-पहल रहती है। ब्रह्मापुरी मोहल्ले के अमित शर्मा के मुताबिक सोमवार की सुबह लगभग 10.30 बजे वह और उसका छोटा भाई पवन शर्मा ड्यूटी जाने के लिए कोतवाली की सामने बस के इंतजार में खड़े थे। इसी दौरान भूपेंद्र पुरी का आजाद, उसके पिता सत्यवीर, रवि और उदयवीर वहां आए। उन्होंने पवन से पैसे मांगे। इनकार करने पर उन्होंने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। भागने पर बदमाशों ने उसे पुलिस के सामने ही दबोचकर चाकू से गोद दिया और हवा में चाकू लहराते हुए फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल पवन को एक नर्सिन्ग होम ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे तुरंत मेरठ के लिए रेफर कर दिया, लेकिन उसने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अमित ने अपने भाई पवन की हत्या के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।