Thursday, July 30, 2009

महिलाएं निर्वस्त्र होकर दल के सामने आ गईं

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में जहरीली शराब के धंधे में लिप्त लोगों की धरपकड़ के लिए पहुंचे आबकारी विभाग के दल को उस समय बीच में ही छापे की कार्रवाई रोकनी पड़ी जब इस काम से जुड़ी कुछ महिलाएं निर्वस्त्र होकर दल के सामने आ गईं। आबकारी इंस्पेक्टर आलोक शर्मा के नेतृत्व में 25 सदस्यीय दल जहरीली शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार शाम देवीदास मोहल्ले में पहुंचा जहां उसे महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। शर्मा ने बताया, 'जहरीली शराब निर्माण से जुड़ी कुछ औरतों ने तो विरोध की तमाम हदें पार कर दीं। वे निर्वस्त्र होकर टीम के सामने आ गईं, जिसके बाद हमें मजबूरन छापे की कार्रवाई रोकनी पड़ी।' शर्मा ने कहा, 'हमने पुलिस अधिकारियों को घटना से अवगत करा दिया है। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि आगे से छापेमारी के दौरान महिला पुलिस बल मुहैया करवाया जाएगा।'

Saturday, July 25, 2009

पूर्व सांसद हाजी शहिद अखलाक के बेटे की पिटाई

मंगलवार को मेरठ में आधा दर्जन युवकों ने पूर्व सांसद हाजी शहिद अखलाक के बेटे की पिटाई कर दी, जिससे क्षेत्र में हंगामा हो गया। हंगामे के दौरान फायरिंग और पथराव की भी सूचना है। इस घटना में पूर्व सांसद की मौसी का पुत्र कासिम चाकू लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गुदड़ी बाजार बंद हो गया। लोगों की भीड़ सड़कों पर इकट्ठी हो गई। मामले की गंभीरता और तनाव को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंच गए हैं। एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि पूर्व सांसद हाजी शहिद अखलाक का 15 वर्षीय पुत्र शाकिर गुदड़ी बाजार स्थित अपने घर से कहीं जा रहा था। रास्ते में कुछ युवकों से उसकी कहासुनी हो गई, जिसके बाद इन युवकों ने उसकी पिटाई कर दी। शोर शराबा सुनकर जब आसपास के लोग तथा पूर्व सांसद के समर्थक वहां एकत्र हुए तो पिटाई करने वाले युवक मौके से फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई गई है, जिसमें 14 लोगों को नामजद किया गया है। उधर, पूर्व सांसद हाजी शहिद अखलाक ने कहा कि वह इस घटना की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।

Tuesday, July 21, 2009

रविवार को सैकड़ों ग्रामीण अपने-अपने टैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर बझीलपुर बिजलीघर पर पहुंच गए।

बिजली न आने से नाराज एक दर्जन गांवों के किसानों ने रविवार को बिजलीघरों का घेराव कर हंगामा किया। नाराज किसानों ने बझीलपुर बिजलीघर में ताला डाल दिया और मोदीनगर मोड़ स्थित बिजलीघर पर धरना दिया। किसानों को गुस्सा देखकर विद्युत अधिकारी और कर्मचारी भाग खड़े हुए। थाना हापुड़ देहात के ग्राम ददायरा, घनौरा, झीलपुर, खड़खडी, असरा, दोमयी, सूदना, अतराड़ा, रजपुरा में कई दिनों से बिजली न आने से किसानों का सब्र टूट गया। रविवार को सैकड़ों ग्रामीण अपने-अपने टैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर बझीलपुर बिजलीघर पर पहुंच गए। किसानों को आता देखकर वहां तैनात कर्मचारी भाग खड़े हुए। किसानों ने वहां पहुंचकर प्रदर्शन किया, फिर उसमें अपना ताला जड़कर मोदीनगर मोड़ स्थित बिजलीघर पर पहुंच गए। किसानों ने वहां भी हंगामा किया और बिजलीघर को घेरकर धरना पर बैठ गए। गुस्साए किसानों को देखकर बिजली अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी जवानों के साथ बिजलीघर पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बाद में जब बिजली विभाग के अधिकारियों ने आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया तो वे मान गए। प्रदर्शन में शिवकुमार त्यागी, सुरेश त्यागी, अरविंद त्यागी, सामेंद त्यागी, तेजपाल , सुशील, बबलू, ओमपाल सिंह, संजीव, ज्ञानेंद्र प्रधान शामिल रहे।

Saturday, July 18, 2009

मेरठ रोड पर सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल ला रहे हैं।


शिवरात्रि के नजदीक आते ही कांवड़ियों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है। मेरठ रोड पर सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल ला रहे हैं। उनकी सेवा में लगे शिविर संचालकों ने उनके लिए खास तौर पर सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक के लिए खास मेन्यू तैयार कराया है। इसमें सुबह के नाश्ते में ब्रेड पकौड़े, चाय और छोले कुल्चे शामिल किए गए हैं, जबकि दोपहर के खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी और रायता परोसा जा रहा है। दाल में मखनी दाल और राजमा शामिल किया गया है, जबकि सब्जी में मटर पनीर और मिक्स्ड वेज को जगह दी गई है। स्वीट डिश में हलवा दिया जा रहा है। रात के खाने में केवल हरी सब्जियां बदल दी जाती हैं, बाकी मेन्यू लगभग समान रहता है। इसके अलावा, कुछ शिविरों में शिवभक्तों की थकान दूर करने और गमीर् से राहत देने के लिए उन्हें कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडई भी पिलाई जा रही है। स्नैक्स में फ्रूट चाट कांवड़िए ज्यादा पसंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें केला, नाशपाती, पपीता, सेब, आम मिलाकर दिया जाता है। यह खाने में भी हल्का रहती है और गर्मी में नुकसान भी नहीं करती। इसलिए इसे खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इन दिनों शिवभक्तों के जयकारों से महानगर गूंज रहा है। मेरठ रोड पर कांवड़ियों की सेवा के लिए दर्जनों शिविर लगाए गए हैं। इनमें लगे सेवादार उन्हें खाना-पीने से लेकर उनके मनोरंजन तक के लिए शिव महिमा की लीलाओं का मंचन कर रहे हैं। बाहर से आए कलाकार शिव-पार्वती का रूप धरकर तांडव नृत्य करते हैं। उनके रौद रूप को देखने के लिए न केवल कांवड़िए, बल्कि अन्य शिवभक्त भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

Tuesday, July 14, 2009

हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम और सिख भी कांवड़ियों की सेवा करके पुण्य कमाने का मौका नहीं चूक रहे

शहर में विभिन्न जगहों पर लगाए गए कांवड़ शिविरों में सर्वधर्म समभाव की झलक देखने को मिल रही है। हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम और सिख भी कांवड़ियों की सेवा करके पुण्य कमाने का मौका नहीं चूक रहे हैं। इन्हें ऐसा करते देख बहुत से लोगों को हैरत सी होती है। लेकिन अधिकतर लोग इसमें भारतीय संस्कृति की असली तस्वीर देखते हैं। चिल्ला रेगुलेटर पर पिछले 13 साल से कांवड़ सेवा शिविर लगा रही शिव कांवड़ सेवा समिति में कई मुस्लिम और सिख कार्यकर्ता हैं। समिति में न्यू अशोक नगर निवासी जुल्फिकार अली, मोहम्मद लतीफ अहमद, इरफान खान और सायरा बानो सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जुड़े हुए हैं। वहीं सरदार कुलदीप सिंह, गुरजीत सिंह और कुलजीत सिंह भी सक्रिय सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। अलग-अलग पेशों से जुड़े सभी लोग सावन का महीना आते ही भगवान भोले के भक्तों की सेवा में जुट जाते हैं। नोएडा के सेक्टर-5 में वायर की दुकान चलाने वाले और पूर्वी दिल्ली जिला कांग्रेस कमिटी के महासचिव जुल्फिकार अली बताते हैं कि 3 साल पहले समिति से जुड़े कुछ हिंदू दोस्तों ने कहा कि कांवड़ शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने उनसे आर्थिक सहयोग की अपील की, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। शुरुआत में शिविर में आने पर उन्हें कुछ अजीब सा लगा। अब यहां आने पर एक आध्यात्मिक शांति मिलती है। घरवाले भी हिंदू भाइयों के दुख-सुख में शामिल होने के लिए उन्हें प्रेरित करते हैं और कांवड़ शिविर के दौरान दुकान की जिम्मेदारी खुद संभाल लेते हैं। सरदार गुरजीत सिंह बताते हैं कि समिति सदस्यों ने अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग शिफ्ट तय की हुई है। प्रत्येक सदस्य अपनी सुविधा के अनुसार शिविर में आकर कांवड़ियों की सेवा में जुट जाता है। कांवड़ियों के पैरों में पड़े छालों की मरहम-पट्टी की जाती है और उन्हें ताजा भोजन कराया जाता है। अगर कोई कांवड़िया बीमार हो जाए तो समिति सदस्य उसे अपनी गाड़ी से उसके घर तक छोड़ आते हैं। समिति के लिए सभी सदस्य अपनी श्रद्धानुसार दान भी देते हैं। पेंटर का काम करने वाले मोहम्मद लतीफ अहमद कहते हैं कि सभी धर्मों का सार एक ही है, और वह है इंसानियत। इसी धर्म का पालन करने के लिए वे हर साल कांवड़ियों की सेवा में खिंचे चले आते हैं। वैसे भी कुरान शरीफ में साफ लिखा है कि अपने पड़ोसियों की मदद करो, फिर चाहे वे हिंदू हो या कोई और। छाले पड़े पैरों के साथ कांवड़ लेकर आने वाले लोगों की सेवा करके वे अल्लाह ताला के उसी हुक्म की तामील कर रहे हैं।

कांग्रेसियों ने आईजी और एसओजी के कार्यालय पर जमकर हंगामा किया।

अक्षय बंसल के हत्या के मामले में पुलिस के हाथ कातिलों तक पहुंच गए हैं। पुलिस आधा दर्जन लोगों से इस मामले में पूछताछ कर रही है। इनमें से दो युवक एक कांग्रेसी नेता के बेटे हैं। कांग्रेसी नेता के बेटे को पुलिस द्वारा उठाए जाने की सूचना पर कांग्रेसियों ने आईजी और एसओजी के कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। शहर के प्रमुख उद्योगपति और मेरठ कॉलिज की प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष योगेश बंसल के पोते अक्षय बंसल का 3 जुलाई को अपहरण कर लिया गया था। अपहरण करने वालों ने फोन कर एक करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। पहले तो पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन शहर में बढ़ते गुस्से को देख उसने जल्द ही अक्षय को सकुशल बरामद करने का दावा किया था। 9 जुलाई को अक्षय का शव गाजियाबाद की नहर से मिलने के बाद पुलिस के सभी दावों की हवा निकल गई। अपनी किरकिरी होते देख पुलिस नए सिरे से इस केस को हल करने में जुट गई थी। पुलिस ने अपना ध्यान उस मोबाइल फोन केबर पर लगाया जिससे फोन कर फिरौती की रकम मांगी गई थी। यह सिम फर्जी आईडी पर 22 जून को एक्टिवेट हुआ था। इससे 58 कॉल और 18 एसएमएस हुए। अक्षय से इस नंबर से 16 बार बातें हुई। अक्षय की गर्ल फ्रेंड के मोबाइल पर 20 कॉल्स हुई थीं। अक्षय के अपहरण के बाद इसी फोन से फिरौती मांगी गई। उसी दिन से यह सिम बंद हो गया था। इसी सिम से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रविवार को छह लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें दो सगे भाई हैं जो एक कांग्रेसी नेता के बेटे हैं। गिरफ्तार युवकों में एक मोबाइल व्यापारी व एक विधायक का रिश्तेदार भी है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है। सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां मिल रही हैं।

Saturday, July 11, 2009

मेरठ में दो प्रेमियों को फिर मौत के घाट उतार दिया गया।

धर्म के नाम पर मेरठ में दो प्रेमियों को फिर मौत के घाट उतार दिया गया। थाना भावनपुर के किनानगर गांव मे शुक्रवार सुबह एक लड़की के परिवारवालों ने लड़की के सामने ही उसके प्रेमी की गला काट कर हत्या कर दी। लड़की द्वारा शोर मचाये जाने पर उन्होंने उसका गला भी काट दिया। दोनों का अपराध सिर्फ इतना था कि अलग धर्म के होने के बावजूद उन्होंने प्यार किया था। इस मामले को लेकर पूरे गांव मे दहशत है। पुलिस ने लड़की के चाचा और उसके बेटे को हिरासत मे ले लिया है। किनानगर निवासी ओमपाल का 18 वर्षीय बेटा मनोज 8वीं तक पढ़ा था। बाप-बेटे मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे। उनके घर के ठीक सामने कलुवा का परिवार रहता है। कलुवा की 17 वर्षीय बेटी अफसाना और मनोज में करीब एक साल से संबंध था। 15 दिन पहले इस बात का पता लगने पर कलुवा के घरवालों ने ओमपाल को अपने बेटे को समझा लेने की नसीहत देते हुए कहा था कि अगर आइंदा वह उनके घर आया तो ठीक नहीं होगा।

Thursday, July 9, 2009

उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में तेजी की आशंका उत्पन्न हो गई है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी के कारण कमजोर पैदावार होने, सिंचाई की लागत बढ़ने और जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में तेजी की आशंका उत्पन्न हो गई है। आगरा संभाग के मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और आगरा जिलों के साथ अलीगढ़ संभाग में इस वर्ष अब तक पर्याप्त बारिश न होने और इस बीच सरकार द्वारा पर्याप्त कदम न उठाए जाने से किसान चिंतित हैं। कृषि अर्थशास्त्री बी.बी. बारिक ने बताया, 'बुआई में पहले ही देर हो चुकी है इसलिए पैदावार कमजोर होगी, सिंचाई की लागत बढ़ेगी और नतीजतन जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी आएगी। निश्चित रूप से हम गहरे संकट का शिकार होने जा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि हल्की फुल्की बारिश हुई है लेकिन वह कृषि कार्य आरंभ करने के लिए पर्याप्त नहीं है। बारिक ने सरकार द्वारा सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कोई आपात योजना तैयार न किए जाने को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आगरा में तो स्थितियां और खराब हैं। जिले में 30 से अधिक चक बांध और जलाशय हैं लेकिन उनमें से अधिकांश सूखे पड़े हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि सरकारी मशीनरी अब तक सोई पड़ी है और किसान निश्चित रूप से गहरे संकट में फंसने जा रहे हैं।

Thursday, July 2, 2009

गर्भवती महिला के घर में घुसकर उसके साथ गैंग रेप किया।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दबंगों ने एक गर्भवती महिला के घर में घुसकर उसके साथ गैंग रेप किया। आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही थी। जिले के मंसूरपुर क्षेत्र के गांव नरा की एक 32 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि गांव के 5 लोगों ने उसके घर में घुसकर उसके साथ गैंग रेप किया। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक गांव के कुछ लोगों ने कुछ दिन पहले उसे व उसके पति के पीटा था, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। शिकायत से क्षुब्ध पांच लोग 28 जून की रात उसके घर में घुस गए और सास-ननद को बांधकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मंसूरपुर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उसने बुधवार को एसपी से कार्रवाई के लिए गुहार लगाई। एसपी विजय प्रताप सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर, मंसूरपुर थानाप्रभारी रामपाल सिंह ने गुरुवार को कहा कि पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।