पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी के कारण कमजोर पैदावार होने, सिंचाई की लागत बढ़ने और जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में तेजी की आशंका उत्पन्न हो गई है। आगरा संभाग के मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और आगरा जिलों के साथ अलीगढ़ संभाग में इस वर्ष अब तक पर्याप्त बारिश न होने और इस बीच सरकार द्वारा पर्याप्त कदम न उठाए जाने से किसान चिंतित हैं। कृषि अर्थशास्त्री बी.बी. बारिक ने बताया, 'बुआई में पहले ही देर हो चुकी है इसलिए पैदावार कमजोर होगी, सिंचाई की लागत बढ़ेगी और नतीजतन जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी आएगी। निश्चित रूप से हम गहरे संकट का शिकार होने जा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि हल्की फुल्की बारिश हुई है लेकिन वह कृषि कार्य आरंभ करने के लिए पर्याप्त नहीं है। बारिक ने सरकार द्वारा सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कोई आपात योजना तैयार न किए जाने को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आगरा में तो स्थितियां और खराब हैं। जिले में 30 से अधिक चक बांध और जलाशय हैं लेकिन उनमें से अधिकांश सूखे पड़े हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि सरकारी मशीनरी अब तक सोई पड़ी है और किसान निश्चित रूप से गहरे संकट में फंसने जा रहे हैं।
Thursday, July 9, 2009
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