शिवरात्रि के नजदीक आते ही कांवड़ियों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है। मेरठ रोड पर सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल ला रहे हैं। उनकी सेवा में लगे शिविर संचालकों ने उनके लिए खास तौर पर सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक के लिए खास मेन्यू तैयार कराया है। इसमें सुबह के नाश्ते में ब्रेड पकौड़े, चाय और छोले कुल्चे शामिल किए गए हैं, जबकि दोपहर के खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी और रायता परोसा जा रहा है। दाल में मखनी दाल और राजमा शामिल किया गया है, जबकि सब्जी में मटर पनीर और मिक्स्ड वेज को जगह दी गई है। स्वीट डिश में हलवा दिया जा रहा है। रात के खाने में केवल हरी सब्जियां बदल दी जाती हैं, बाकी मेन्यू लगभग समान रहता है। इसके अलावा, कुछ शिविरों में शिवभक्तों की थकान दूर करने और गमीर् से राहत देने के लिए उन्हें कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडई भी पिलाई जा रही है। स्नैक्स में फ्रूट चाट कांवड़िए ज्यादा पसंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें केला, नाशपाती, पपीता, सेब, आम मिलाकर दिया जाता है। यह खाने में भी हल्का रहती है और गर्मी में नुकसान भी नहीं करती। इसलिए इसे खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इन दिनों शिवभक्तों के जयकारों से महानगर गूंज रहा है। मेरठ रोड पर कांवड़ियों की सेवा के लिए दर्जनों शिविर लगाए गए हैं। इनमें लगे सेवादार उन्हें खाना-पीने से लेकर उनके मनोरंजन तक के लिए शिव महिमा की लीलाओं का मंचन कर रहे हैं। बाहर से आए कलाकार शिव-पार्वती का रूप धरकर तांडव नृत्य करते हैं। उनके रौद रूप को देखने के लिए न केवल कांवड़िए, बल्कि अन्य शिवभक्त भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
Saturday, July 18, 2009
मेरठ रोड पर सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल ला रहे हैं।
शिवरात्रि के नजदीक आते ही कांवड़ियों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है। मेरठ रोड पर सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल ला रहे हैं। उनकी सेवा में लगे शिविर संचालकों ने उनके लिए खास तौर पर सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक के लिए खास मेन्यू तैयार कराया है। इसमें सुबह के नाश्ते में ब्रेड पकौड़े, चाय और छोले कुल्चे शामिल किए गए हैं, जबकि दोपहर के खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी और रायता परोसा जा रहा है। दाल में मखनी दाल और राजमा शामिल किया गया है, जबकि सब्जी में मटर पनीर और मिक्स्ड वेज को जगह दी गई है। स्वीट डिश में हलवा दिया जा रहा है। रात के खाने में केवल हरी सब्जियां बदल दी जाती हैं, बाकी मेन्यू लगभग समान रहता है। इसके अलावा, कुछ शिविरों में शिवभक्तों की थकान दूर करने और गमीर् से राहत देने के लिए उन्हें कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडई भी पिलाई जा रही है। स्नैक्स में फ्रूट चाट कांवड़िए ज्यादा पसंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें केला, नाशपाती, पपीता, सेब, आम मिलाकर दिया जाता है। यह खाने में भी हल्का रहती है और गर्मी में नुकसान भी नहीं करती। इसलिए इसे खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इन दिनों शिवभक्तों के जयकारों से महानगर गूंज रहा है। मेरठ रोड पर कांवड़ियों की सेवा के लिए दर्जनों शिविर लगाए गए हैं। इनमें लगे सेवादार उन्हें खाना-पीने से लेकर उनके मनोरंजन तक के लिए शिव महिमा की लीलाओं का मंचन कर रहे हैं। बाहर से आए कलाकार शिव-पार्वती का रूप धरकर तांडव नृत्य करते हैं। उनके रौद रूप को देखने के लिए न केवल कांवड़िए, बल्कि अन्य शिवभक्त भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment