खेल के मैदान पर कैदियों के सिक्सर पर जब जेलर बने अंपायर सिक्स का इशारा करेंगे तो यह नजारा बड़ा रोमांचक होगा। इस मौके पर आप जोरदार ताली बजाए बिना नहीं रह पाएंगे। यूपी सरकार ने राज्य की जेलों में सजा काट रहे कैदियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है। आउटडोर व इनडोर खेलों में अपना जौहर दिखाने वाले कैदियों को स्टेट लेवल की टीम में भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला जेलों में एक कमिटी का गठन कर दिया गया है।
यूपी की 60 जेलों में इस समय करीब 87 हजार कैदी हैं। इनमें से कई खेल में रुचि रखते हैं। अगर इन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले, तो ये एक बेहतर खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार ने ऐसे कैदियों को मौका देने का फैसला किया है। पूरे राज्य की जेलों को इसके लिए नौ जोन में बांटा गया है। आईजी जेल के आदेश पर इन जेलों में बंद सजायाफ्ता कैदियों में से उनकी रुचि व क्षमता के अनुसार इनडोर व आउटडोर खेलों के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है। कैदियों के चयन के लिए एक पांच सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है। इस कमिटी में जेल के डीआईजी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर व हेड वार्डन शामिल होंगे। कमिटी खिलाड़ियों का चयन करते समय खेल प्रतिभा के साथ ही कैदियों के अच्छे चालचलन पर भी ध्यान देगी। अंडर ट्रायल बंदियों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। चयन के मामले में कमिटी का निर्णय अंतिम माना जाएगा। सिलेक्टेड खिलाड़ियों को पहले जिलास्तर पर मौका दिया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने पर कैदियों को जोन की टीम में खेलने का मौका मिलेगा। फिर यहां के प्रदर्शन के आधार पर स्टेट लेवल टीम में खेलने का मौका मिलेगा। खेल प्रतियोगिता के दौरान अंपायर व रेफरी बनने का जिम्मा जेलर व डिप्टी जेलर को दिया जाएगा। जेल अधीक्षक संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि कैदियों में खिलाडि़यों के चयन का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकांश कैदियों ने अपनी रुचि क्रिकेट, वॉलिबॉल, बैडमिंटन, चेस व कैरम में दिखाई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के इस आदेश की जानकारी मिलने पर कैदियों में खेल को लेकर जबर्दस्त उत्साह है। इससे कैदियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ ही उनके बीच आपसी भाईचारा भी बढ़ेगा। साथ ही वे सेहतमंद भी होंगे।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment