Tuesday, August 25, 2009

बडौत में स्थानीय लोंगो के विराधके कारण समलैंगिक युवक शादी नहीं रचा पाए

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थानीय लोगों के विरोध के चलते विवाह का पूरा साजो सामान लेकर मंदिर पहुंचे दो समलैंगिक युवक शादी नहीं रचा सके। घटना जिले के बड़ौत कस्बे की है, जहां सोमवार को एक प्राचीन मंदिर में 23 व 20 वर्षीय समलैंगिक युवक शादी रचाने गए थे। उस दौरान मंदिर में मौजूद रहे स्थानीय अमित सैनी ने मंगलवार को बताया कि दोनों युवक फूलों के हार, नये कपड़े और पूजा सामग्री के साथ मंदिर पहुंचे। पहले हमें लगा कि दोनों पूजा करने आए हैं। धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि मंदिर की परिक्रमा करने के बाद दोनों मंदिर के पुजारी के पास गए और कहा कि वे एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। दोनों ने पुजारी से शादी कराने के लिए कहा। यह सुनकर पुजारी ने शादी कराने से मना करते हुए कहा कि यह हिंदू मान्यताओं के खिलाफ होगा। कश्यप के मुताबिक कई बार अनुरोध करने पर जब पुजारी ने शादी कराने के लिए हां नहीं की तो दोनों समलैंगिक गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने लगे। इस पर पुजारी ने शोर मचा दिया जिससे मंदिर में पूजा करने वाले लोगों के अलावा आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गये। उन्होंने दोनों की पिटाई कर वहां से भगा दिया। मंदिर परिसर से भगाये जाने के बाद दोनों समलैंगिक युवक स्थानीय पत्रकारों के पास पहुंचे और समलैंगिकता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए मदद की गुहार लगाई। जिले के एसपी (रूरल)महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से घटना हमें पता चली है । घटना की जानकारी ली जा रही है। पुलिस की तरफ से इस मामले पर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।

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