Sunday, August 2, 2009

मेरठ सहित अन्य ११ शहरों में १५०० रोडवेज बसें दौडेगी

स्टेट के सात बडे़ शहरों में रोडवेज सिटी बसें चलाएगी। केंद्र सरकार की जेएनयूआरएमएस (जवाहर
लाल नेहरू अर्बन रिवॉलविंग मैनेजमेंट स्कीम) योजना के तहत यूपी को 1500 बसें दी जाएगी। इस प्लान पर केंद सरकार यूपी में करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया खर्च करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले स्कीम लागू होगी। रोडवेज सूत्रों के मुताबिक तीस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रोडवेज सिटी बस का इंफ्रा स्ट्रक्चर तैयार करेगा। इन शहरों में मेरठ, मथुरा, आगरा, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी शामिल है। इनमें से अभी कुछ शहरों में ही सिटी बसें है, मगर उनका संचालन प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के हाथों में ही है। प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर तमाम शिकायतें सामने आ रही हैं। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक है इन सभी बडे़ शहरों में सिटी बस का संचालन रोडवेज करेगा। इन बसों के लिए रूट नगर निगम तय करेगी। इनको ज्यादा से ज्यादा 40 किलोमीटर के रूट पर चलाया जा सकता है। इन बसों का संचालन नगर निगम के सुझाए गए रूटों पर होगा। बसों का संचालन यूपी रोडवेज करेगा। बसों के रखरखाव और ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए यूपी रोडवेज, नगर निगम और डिवेलपमंट ऑथॉरिटी की एक होगी। सूत्रों का कहना है कि बसों से होने वाली आमदनी और घाटे का जोखिम डिवेलपमंट ऑथॉरिटी उठाएगी। बसों के संचालन में आर्थिक घाटे के कारण आने वाली रुकावटों को दूर करने का प्रबंध भी कर लिया गया है। केंद्र सरकार से सिटी बस के तौर पर मिलने वाली सभी बसें 27 सीटर होगी। बसों का डिजाइन इस तरह से होगा कि वह कम चौड़ी सड़कों से भी गुजर सकेगी।

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