Thursday, May 27, 2010

चट शादी और पट बच्चे का मामला

चट मंगनी और पट शादी के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन बुधवार को यहां चट शादी और पट बच्चे का मामला प्रकाश में आया है। लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे एक कपल को लड़के के घरवालों ने शादी की मंजूरी उस समय दी, जब उन्हें पता चला कि लड़की किसी भी समय मां बन सकती है। मंगलवार को ही नोएडा निवासी लड़की शिल्पी (बदला हुआ नाम) को मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी योगेंद्र (बदला हुआ नाम) दुल्हन बनाकर लाया था। नवविवाहिता ने बुधवार को शिशु को जन्म दिया। गांव वालों ने बच्चे के जन्म पर मिठाइयां बांटीं। योगेंद्र नोएडा में फर्नीचर का व्यवसाय करता है। वहीं उसकी मुलाकात सेक्टर-50 निवासी शिल्पी से हुई थी। दोनों को पहली नजर में ही एक दूसरे से प्यार हो गया। इसी के बाद योगेंद्र और शिल्पी ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया। जब योगेंद्र ने अपने परिजनों के सामने शिल्पी से शादी की इच्छा जताई तो उसके घरवालों ने इस प्रस्ताव पर असहमति प्रकट करते हुए शादी से इनकार कर दिया। घरवालों की परवाह न करते हुए योगेंद्र ने शिल्पी को अपना जीवनसाथी बनाने का फैसला किया। तब ही से दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इसी बीच शिल्पी प्रेग्नेंट हो गई। इसके बाद योगेंद्र ने फिर अपने घरवालों को शादी के लिए मनाने का प्रयास शुरू कर दिया। घरवालों को जब यह पता चला कि शिल्पी प्रेग्नेंट है तो वह दोनों की शादी के लिए तैयार हो गए। मंगलवार को लड़के के परिजनों के साथ कुछ गांव वाले नोएडा आए और शिल्पी को दुल्हन बनाकर गांव ले आए। अभी शादी का जश्न खत्म भी नहीं हुआ था कि अगले दिन सुबह उन्हें सूचना मिली कि शिल्पी ने एक शिशु को जन्म दिया है। इससे उनकी खुशियां और बढ़ गई। गांव वाले भी उनकी इस खुशी मे शामिल हो गए। उन्होंने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। योगेंद्र के परिजनों का कहना है कि वे इस शादी और घर में बच्चे के आगमन से बहुत खुश है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

Wednesday, May 26, 2010

मलबे में दबने के कारण एक महिला समेत चार लोगों की मौत

यहां के थाना कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक मकान में सिलिंडर फटने से मकान का पिछला हिस्सा ढह गया। इसके मलबे में दबने के कारण एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। घर में रखी आतिशबाजी में आग लग जाने और घटनास्थल का पुराने शहर की तंग गली में होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आई। प्रशासन को क्षेत्र के लोगों के रोष का सामना भी करना पड़ा। क्षेत्र के लोगों ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख का मुआवजा सरकार से दिलाने की मांग की है। मेरठ के मोहल्ला तीरगरान के एक दुमंजिले मकान के निचले हिस्से में शौकत अपनी पत्नी, चार बेटों और दो बेटियों के साथ रहते हैं। वह आतिशबाजी बनाने का काम करते हैं। उसके पास आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस है। मकान के ऊपरी हिस्से में उनके बड़े भाई डॉ लियाकत अली खान का परिवार रहता है। मकान के पिछले हिस्से की छत कड़ी पर टिकी हुई थी, जबकि अगले हिस्से में लेंटर डला हुआ था। शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे लियाकत की पत्नी रुखसाना मकान के पिछले हिस्से में खाना बना रही थी। उस समय उनके बच्चे आसपास खेल रहे थे। उन्हीं के साथ शौकत का दस साल का बेटा अनवर उर्फ मुन्ना भी खेल रहा था। शौकत अपनी पत्नी और बेटे के साथ नीचे के बाहर वाले कमरे में बैठे थे। उसी समय रुखसाना की किचन का सिलिंडर फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि कड़ी पर टिका मकान का पिछला हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर गया।

Friday, May 21, 2010

अपने तीन बच्चों के साथ जहर खा लिया।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बुधवार को आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने तीन बच्चों के साथ जहर खा लिया। बाद में उन सभी की मौत हो गई। घटना लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के लखीपुरा मुहल्ले की है, जहां बुधवार सुबह सगीर(45) ने अपनी दो बेटियों साजिदा और साजिया (12 व 14 वर्ष) और एक बेटे साजिद (10) के साथ जहर खाकर जान दे दी। लिसाड़ीगेट थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि आसपास के लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही उन चारों की मौत हो चुकी थी। सभी के मुंह से झाग निकल रहा था। वर्मा ने कहा कि पड़ोसियों से पता चला कि सगीर की पत्नी की कुछ अर्सा पहले बीमार की वजह से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह बहुत परेशान रहता था। उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पत्नी की बीमारी का इलाज कराने की वजह से सगीर पर लाखों रुपयों का कर्ज था। नौकरी न होने के कारण वह परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहा था।

Tuesday, May 18, 2010

ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए वहां से फरार

मेरठ कॉलेज में एमए (पॉलिटिकल साइंस) का एंट्रेंस टेस्ट दे रहे एक छात्र को कुछ आउट साइडर लड़कों पांच गोलियां मार दीं। इस ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गए। घायल छात्र का नाम दीपक राठी है। उसे पास ही के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस बीच पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, दीपक राठी ने सीसीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति के निजी सुरक्षा गार्ड को आरोपी बताया है। मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना थाने के तहत गांव ताबा के रहने वाले दीपक राठी शनिवार को मेरठ कॉलेज में एमए (पॉलिटिकल साइंस) का एंट्रेंस एग्जाम देने आए थे। इस एग्जाम के लिए मेरठ कॉलेज में कुल 16 सौ लड़के पहुंचे थे। एग्जाम शनिवार को 12:30 बजे शुरू हुआ था। दीपक राठी रूम नंबर 37 में थे। यहां कुल 73 छात्रों के बैठने की व्यवस्था की गई थी, जबकि उपस्थित 63 थे। रूम नंबर 73 में एग्जाम शुरू होने के तकरीबन 10 मिनट बाद तीन लड़के वहां पहुंचे। दो लड़के कमरे के बाहर खड़े हो गए जबकि तीसरे ने कमरे में घुसकर दीपक पर ताबड़तोड़ फायंरिंग कर दी। दीपक को कुल पांच गोलियां लगी हैं। खून से लथपथ दीपक वहीं गिर गए। उन्हें मरा समझकर तीनों युवक हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गए। इस वारदात से वहां भगदड़ मच गई। वारदात की सूचना मिलते ही डीआईजी व डीएम मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों का कहना है कि दीपक की हालत गंभीर बनी हुई है। दीपक राठी मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन के फाइनल इयर का स्टूडेंट है। फिलहाल वह सीसीएस यूनिवर्सिटी के कैलाश प्रकाश हॉस्टल में रह रहा था। पुलिस का कहना है कि अभी इस मामले की छानबीन की जा रही है। इस बीच विरोध में उठे शहर के छात्रों ने कहा कि आरोपी के खिलाफ अगर कार्रवाई नहीं की गई तो कॉलेज प्रशासन और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ जबर्दस्त आंदोलन चलाया जाएगा।

Monday, May 17, 2010

थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में रविवार सुबह एक घर में आग

थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में रविवार सुबह एक घर में आग लग गई। इस हादसे में घर में सो रही एक महिला और उसके तीन बच्चों की मौत हो गई। घर में खून से सनी चारपाई और छत पर बिखरे खून के कारण पुलिस ने आग लगने की घटना को संदिग्ध करार दिया है। पुलिस ने आशंका जताई कि गोल्डी के सिर पर भारी चीज से वार किया गया था। लीलू की पत्नी मुकेश मानसिक रूप से बीमार थी। गांव छपकौली में रहने वाला ओमवीर उर्फ लीलू बाबूगढ़ छावनी स्थित एक मिल्क प्लांट में ड्राइवर है। वह छावनी में चौधरी लाखन सिंह के मकान में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराये पर रहता था। रविवार सुबह जब वह ड्यूटी पर था, उसे घर में आग लगने की सूचना मिली। जब तक वह घर पहुंचता, तब तक उसकी पत्नी और एक बेटे संतवीर (14 वर्ष) की जलकर मौत हो चुकी थी। राहगीरों ने बेटे गोलू (12 वर्ष) और गोल्डी (11 वर्ष) को घर से बाहर निकालकर देवनंदिनी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां दोनों ने दम तोड़ दिया। लोगों ने आग लगने की सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी। फायर बिग्रेड ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया।

Wednesday, May 12, 2010

अदालत ने मौत की सजा सुनाई।

बहुचर्चित निठारी कांड के आरती मर्डर केस में दोषी पाए गए सुरेंद्र कोली को सीबीआई की विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई। कोली को अदालत ने 4 मई को इस मामले में दोषी करार दिया था। सजा पर सुनवाई की तारीख 5 मई तय की गई थी। मगर, वकीलों की हड़ताल के चलते उस दिन सुनवाई नहीं हो पाई थी। बुधवार को न्यायाधीश डॉक्टर ए.के. सिंह ने कोली को फांसी की सजा सुनाई। उसे बलात्कार, अपहरण और हत्या के जुर्म में यह सजा सुनाई गई है।

Friday, May 7, 2010

पश्चिम बंगाल की युवती के साथ शहर के कुछ युवकों ने गैंग रेप

आरोप है कि शादी का झांसा देकर पश्चिम बंगाल की युवती के साथ शहर के कुछ युवकों ने गैंग रेप किया। नशे की हालत में लड़की को दिल्ली ले जाने की कोशिश के दौरान एक सामाजिक संस्था के कार्यकर्ताओं ने उसे रिहा कराया। फिलहाल सभी आरोपी युवक फरार हैं। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। मेरठ स्टेशन पर गुरुवार की सुबह चार युवक एक युवती को जबरन ट्रेन में चढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। युवती उनका लगातार विरोध कर रही थी। यह नजारा देखकर सामाजिक संस्था संकल्प के कार्यकर्ताओं ने युवकों से पूछताछ करनी चाही तो चारों युवक लड़की को वहीं छोड़कर फरार हो गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी युवती को एक महीने पहले मेरठ के सूरज नामक युवक ने शादी का झांसा दिया था। प्रेमजाल में फंसाने के बाद वह लड़की को मेरठ ले आया। वहां उसने लड़की के साथ कुछ दिन होटल में मौज-मस्ती की। फिर उसने उसके सामने वेश्यावृत्ति का प्रस्ताव रखा। लड़की के मना करने पर उसने धोखे से उसे अपने दोस्तों के हवाले कर दिया, जहां उन्होंने युवती को गैंग रेप का शिकार बनाया। आरोपी युवकों की तलाश की जा रही है।

Monday, May 3, 2010

पंचायत ने कल एक रेप पीड़ित युवती से दुष्कर्म करने वाले युवक को शादी करने का फैसला

जहां एक तरफ खाप पंचायतें कुछ ऐसे भी फैसले कर रही हैं जो उचित नहीं माने जा सकते। वहीं दूसरी तरफ एक पंचायत ने कल एक रेप पीड़ित युवती से दुष्कर्म करने वाले युवक को शादी करने का फैसला सुनाया है। मेरठ के गांव अगवानपुर में पंचायत ने यह फैसला लिया है। इस गांव में शाहजहांपुर का शादाब अपने एक रिश्तेदार के यहां आया था। उसने पड़ोस की एक लड़की को घर में अकेला देख उसकी इज्जत लूट ली। मामला थाने पहुंचा लेकिन आरोपी घटना के बाद फरार हो गया। लोगों ने इस मामले में कल पंचायत की, उसमें दोना पक्षों को बुलाया गया। पंचायत में यह बात रखी गई कि दोनों का निकाह करा दिया जाए। लोगों के समझाने बुझाने पर दोनों पक्ष इस पर राजी हो गए। यह तय किया गया है कि आठ दिन बाद यह युवक बारात लेकर आएगा और यह शादी हो जाएगी।