Monday, May 17, 2010

थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में रविवार सुबह एक घर में आग

थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में रविवार सुबह एक घर में आग लग गई। इस हादसे में घर में सो रही एक महिला और उसके तीन बच्चों की मौत हो गई। घर में खून से सनी चारपाई और छत पर बिखरे खून के कारण पुलिस ने आग लगने की घटना को संदिग्ध करार दिया है। पुलिस ने आशंका जताई कि गोल्डी के सिर पर भारी चीज से वार किया गया था। लीलू की पत्नी मुकेश मानसिक रूप से बीमार थी। गांव छपकौली में रहने वाला ओमवीर उर्फ लीलू बाबूगढ़ छावनी स्थित एक मिल्क प्लांट में ड्राइवर है। वह छावनी में चौधरी लाखन सिंह के मकान में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराये पर रहता था। रविवार सुबह जब वह ड्यूटी पर था, उसे घर में आग लगने की सूचना मिली। जब तक वह घर पहुंचता, तब तक उसकी पत्नी और एक बेटे संतवीर (14 वर्ष) की जलकर मौत हो चुकी थी। राहगीरों ने बेटे गोलू (12 वर्ष) और गोल्डी (11 वर्ष) को घर से बाहर निकालकर देवनंदिनी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां दोनों ने दम तोड़ दिया। लोगों ने आग लगने की सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी। फायर बिग्रेड ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया।

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