Monday, September 29, 2014

गैंगरेप का आरोप

उत्तर प्रदेश के कंकरखेडा थाना क्षेत्र के एक गांव में दो युवकों पर एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ दो दिनों तक गैंगरेप का आरोप है। बाद में आरोपी हालत में किशोरी को जंगल में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके घरों पर दबिशें डाली, लकिन आरोपी घर पर नहीं मिले। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किशोरी 21 सितंबर को अपनी मां के साथ खेत से चारा लेने जा रही थी। इस दौरान गांव के ही एक युवक सुहेल ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने आरोपी सुहेल और उसके दोस्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। किशोरी की मेडिकल जांच भी कराई गई है। 

Thursday, September 25, 2014

पानी बाधित करने के लिए जमा हुए किसानों को रोकने के दौरान पुलिस की कार्रवाई

मुरादनगर से दिल्ली का पानी बाधित करने के लिए जमा हुए किसानों को रोकने के दौरान पुलिस की कार्रवाई को किसानों पर अत्याचार बताते हुए सोमवार को बीकेयू और आरएलडी के नेता आईजी जोन से मिले। उन्होंने आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरएलडी का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई में बड़ी संख्या में किसान घायल हो गए थे। 
दिल्ली स्थित 12 तुगलक रोड खाली कराए जाने के विरोध में बीकेयू और आरएलडी ने मुरादनगर से दिल्ली के लिए पानी की सप्लाई बंद करने की कोशिश की थी। इसी दौरान हुए संघर्ष में कई किसान और पुलिसकर्मी गंभीर घायल हो गए थे। बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र चिकारा ने कहा कि मुरादनगर में कार्यकर्ता अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे। आरएलडी के वेस्ट यूपी के संगठन प्रभारी राजकुमार सांगवान ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की स्मृति में स्मारक या संग्रहालय बनाने की मांग उठाना उनका अधिकार है। 

Wednesday, September 24, 2014

4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

लखनऊ के बिजनेसमैन से 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में सोमवार की रात लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीम ने बुलेट प्रूफ बनाने वाली मेरठ की कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर क्राइमब्रांच की टीम उसे लखनऊ ले गई है। आरोप है कि उसने लखनऊ के एक बिजनेसमैन से अपनी फ्रेंचाइजी देने के नाम पर चार करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन बाद में उसे सामान देने से मना कर दिया। लखनऊ के व्यापारी ने इस मामलें में थाना हजरतगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। 
नौचंदी थाना क्षेत्र की कॉलोनी शास्त्रीनगर में एच ब्लॉक के रहने वाले बलविंदर सिंह की परतापुर में बुलेट प्रूफ सिस्टम के नाम से फैक्टी है। उनकी फैक्टी में बुलेट प्रूफ जैकेट, ग्लास, कार और अन्य बुलेट प्रूफ सामान बनाए जाते हैं। लखनए क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केपी ओझा के अनुसार बलविंदर सिंह ने लखनउ के हजरतगंज निवासी अशोक गुप्ता को पूर्वी उत्तर प्रदेश की अपनी फेंचाइजी देने का वादा किया था। इस एवज में गुप्ता ने उसके बैंक अकाउंट में 2 करोड़ 97 लाख रुपये जमा कराए थे और 1 करोड़ 5 लाख रुपये उन्हें नकद दिए थे। आरोप है कि 4 करोड़ 2 लाख की रकम मिल जाने के बावजूद बलविंदर ने अशोक गुप्ता को फ्रेंचाइजी नहीं दी और न ही उसे सामान की सप्लाई की। इस पर अशोक गुप्ता ने 22 जुलाई 2013 को बलविंद उसकी पत्नी रीना, मां अभाना और साले अभिषेक के खिलाफ थाना हजरतगंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। अशोक की पत्नी, मां और साला उसकी कंपनी में डायरेक्टर हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि कोर्ट से नॉन बेलेबल वारंट इशू जारी होने के बाद वे अपनी टीम के साथ सोमवार की देर शाम यहां पहुंचे थे। रात को उन्होंने बलविंदर को उसके घर से गिरफ्तार कर थाना नौचंदी में रखा। बाकी तीन आरोपी उनके हाथ नहीं लगे। कोर्ट ने बलविंदर को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें सौंपा है। बुधवार को आरोपी को लखनऊ सीजेएम की कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

Monday, September 22, 2014

किसान केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान के खिलाफ

चीनी के भाव न बढ़े, इस तर्क पर गन्ने का मूल्य न बढ़ाने वाली सरकारों का इसके पीछा अजेंडा कुछ खास कंपनियों का लाभ पहुंचाना तो नहीं है? जानकारों का कहना है कि एमएनसी को लाभ पहुंचाने के लिए ही सारा खेल खेला जा रहा है। इससे एक ओर जहां किसानों को उनका वाजिब हक नहीं मिल पाता। वहीं, कई बड़ी मल्टीनैशन कंपनियां करोड़ों का लाभ कमा रही हैं। 
जनकारों का मानना है गन्ना मूल्य न बढ़ाए जाने के पीछे की सचाई कुछ और है। कुछ खास उत्पाद तैयार करने वाली एमएनसी कंपनियों को लाभ पहंचाने के लिए यह सारा खेल खेला जा रहा है, जिसकी मार किसानों पर पड़ रही है। दौराला शुगर मिल के जनरल मैनेजर संजीव कुमार के अनुसार देश में हर साल 240 लाख टन चीनी का उत्पादन होता है। इसका 65 प्रतिशत हिस्सा कोल्ड डिंक, चॉकलेट, बिस्कुट, जूस और अन्य सॉफ्ट ड्रिंक आदि बनाने में इस्तेमाल होता है। कुल उत्पाद का 10 प्रतिशत चीनी सरकार की तरफ से सब्सिडाइज्ड रेट पर गरीबों को राशन की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। बाकी 25 प्रतिशत चीनी बाजार के माध्यम से लोगों तक पहुंचती है। इससे साफ जाहिर है कि चीनी का मूल्य न बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा इन उत्पादों को तैयार करने वाली मल्टीनैशन कंपनियों को मिल रहा है। ये कंपनियां अपने उत्पाद को मुंहमांगी कीमतों पर बाजार में बेचकर करोड़ों का मुनाफा कमा रही हैं। दूसरी ओर किसान को अपने उत्पाद का तय मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है।
 
बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कलंजरी का कहना है कि गन्ना किसान को एक क्विंटल गन्ना पैदा करने के लिए 257 रुपये की लागत अपनी जेब से लगानी पड़ती है। इसमें फसल के लिए जमीन तैयार करने से लेकर उसकी बुआई, नराई, कीटनाशक और कटाई के अलावा शुगर मिल तक गन्ना पहुंचाने का खर्च भी शामिल है। सरकार की ओर से गन्ने का मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। प्राइवेट मिलें 20 रुपये रोककर 260 रूपए क्विंटल के दर से ही भुगतान कर रही हैं। इस तरह किसान को महज 13 रुपये प्रति क्विंटल की बचत होती है। लेकिन समय से भुगतान न होने से बचत की जगह उसे उल्टा नुकसान हो रहा है। किसान जब फसल का मूल्य बढ़ाने की मांग करता है तो सरकार की ओर से तर्क दिया जाता है कि गन्ना मूल्य बढ़ने से चीनी का मूल्य बढ़ जाएगा और इससे गरीबों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
 
वेस्ट
 यूपी के किसानो में केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान के खिलाफ नाराजगी है। मुजफ्फरनगर केसांसद बालियान को केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री बनाए जाने पर क्षेत्र के गन्ना किसानों को लगा था कि अब उनकीसमस्याओं का हल निकलेगा। लेकिन यहां के किसानों का कहना है कि बालियान की तरफ से किसानों को गन्ने कामूल्य दिलाने के लिए कोई प्रयास होता नहीं दिखाई दिया है। बालियान खाप के थाम्बेदार चौधरी मांगे राम काकहना है कि मंत्री जी ने शुगर मिल से किसानो का भुगतान करने के लिए कहा था , लेकिन मिलें उनकी सुन नहींरही हैं। इससे यहां का किसान निराश है। साथ ही वे यह भी कहते हैं कि मिलों से किसानों का भुगतान कराने कीजिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कलंजरी का कहना है कि नरेंद्र मोदी ने अपनीचुनावी सभा के दौरान किसानों से वादा किया था कि उनकी सरकार के बनने पर किसानों को उनकी फसल कीकीमत लागत से डेढ़ गुना कीमत मिलेगी। लेकिन हालत यह है कि आज भी किसान बदहाली का जीवन जी रहेहैं। 

Saturday, September 20, 2014

थाना ब्रहमपुरी क्षेत्र में शुक्रवार दिनदहाड़े लूट

थाना ब्रहमपुरी क्षेत्र में शुक्रवार दिनदहाड़े तीन बाइक पर सवार सात बदमाशों ने एक जूलर्स की दुकान पर धावा बोल दिया। सभी लुटेरे हथियारों से लैस थे। उन्होंने गन पॉइंट पर जूलर्स को बंधक बनाकर एक लाख रुपये नकद और जूलरी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। सूचना पर एसएसपी व एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में पुलिस को लुटेरों की फोटो मिल गई है। 
माधवपुरम सेक्टर दो निवासी सुभाष मंगा ने अपने घर के बाहर ही गणपति जूलर्स के नाम से दुकान खोल रखी है। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सुभाष अपनी दूकान पर बैठे हुए थे। उनकी पत्नी शोभा, दो बेटे आशीष व सचिन और सचिन की पत्नी घर पर थे। उसी समय तीन बाइक पर सवार होकर सात लुटेरे वहां पहुंचे। चार लुटेरे दूकान के अंदर घुस आए, जबकि तीन बाहर खड़ रहे। इसके बाद लुटेरों ने सुभाष पर गन तान दिए और उसके साथ मारपीट की। लुटेरों ने दुकान के गल्ले में रखे एक लाख रुपये नकद, ढाई किलो चांदी की जूलरी और कुछ सोने के जेवरात लूट लिए। पुलिस का कहना है कि लुटेरों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
 

Wednesday, September 17, 2014

बदमाशों की तलाश

थाना जानी क्षेत्र में बदमाशों ने दिल्ली पुलिस के एक सिपाही और उसके परिवार से गाड़ी, नगदी और जेवरात लूट लिए। थानें में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराय गया है। एसओ जानी का कहना है कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। 
जानी के कल्याणनगर के रहने वाले सोनू दिल्ली पुलिस में सिपाही हैं। मंगलवार सुबह वह अपने परिवार के साथ कार से गांव जा रहे थे। जैसे ही सरूरपुर थाना क्षेत्र के रासना चौपला पहुंचे तभी वहां टाटा सफारी पर सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया। इसके बाद बदमाश उन्हें थाना जानी ले गए। वहां चौ. चरण सिंह कांवड मार्ग पर महिलाओं से गहने, 20 हजार की नकदी और सेंट्रों गाड़ी लूट ली। खिवई चौकी में 4 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसओ सरूरपुर योगेंद्र सिंह काजला ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास किये जा रहे हैं। 

Monday, September 15, 2014

सुरेंद्र कोली का चेहरा चमचमा उठा

यह जानकर कि अब उसे 29 अक्टूबर तक फांसी नहीं दी जाएगी, सुरेंद्र कोली का चेहरा चमचमा उठा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फांसी पर लगायी रोक की खबर सुनते ही मेरठ के जिला जेल में बंद नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के दोषी सुरेन्द्र कोली के चेहरे से तनाव गायब हो गया है।
जेल सूत्रों के अनुसार कल अपनी मां से मिलने के बाद कोली पहले के मुकाबले कम तनाव में दिख रहा था। आज जब जेल कर्मियों ने उसे बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 29 अक्टूबर तक उसकी फांसी पर रोक लगा दी है, तो उसके चेहरे से तनाव गायब दिखा। सूत्रों के अनुसार कोली कुछ बोला तो नहीं, लेकिन उसके चेहरे के हाव-भाव बता रहे थे कि वह उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद राहत महसूस कर रहा है।
इस बीच, मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने कहा, 'मुझे मीडिया के जरिए उच्चतम न्यायालय के नए आदेश के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक मेरे पास इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं पहुंचा है।' उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश के बाद वापस डासना जेल में शिफ्ट करने के सवाल पर रिजवी ने कहा कि इसका निर्णय आईजी जेल द्वारा लिया जाएगा।

Thursday, September 11, 2014

टॉयलेट जाने के दौरान ही प्रसव

यहां के जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित गर्भवती महिला को रात में टॉयलेट के दौरान ही डिलीवरी हो गई। आरोप है कि हॉस्पिटल स्टाफ को जब इसकी सूचना मिली, तो उसने नवजात को टॉइलट में ही बहा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। बाद में स्थानीय विधायक लोकेश दीक्षित को जब मामले की जानकारी मिली, तो उसने भी इसे गंभीरता से लेते हुए दोषी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। 
दरअसल, निवाडा गांव की एक महिला को 7 महीने का गर्भ था। उसे तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण मंगलवार शाम को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसका टॉयलेट जाने के दौरान ही प्रसव हो गया। लेकिन, सुबह बच्चा नहीं मिला तो मां समेत अन्य परिजनों ने उसकी तलाश करने लगी। उसके बाद जो पता चला, उससे सभी के पांव तले जमीन खिसक गयी।
आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात अस्पताल के कर्मचारियों ने नवजात को टॉइलट में बहा दिया। बच्चे को टॉइलट से निकालने पर वह मृत पाया गया। घटना की जानकारी होने पर स्थानीय बसपा विधायक लोकेश दीक्षित भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों को हंगामा करते देख कर्मचारियों ने तालाबंदी कर वहां से भागने की कोशिश की।
 
बहरहाल, परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। इधर, जिले की डीएम धनलक्ष्मी की ओर से करवाई गई जांच में महिला को तेज बुखार के कारण गर्भपात और नवजात की मौत का कारण बताया गया है।

Tuesday, September 9, 2014

मौत की सजा की तामील पर एक हफ्ते तक रोक

नोएडा के चर्चित निठारी कांड में दोषी ठहराए गए सुरेंद्र कोली की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोली को 12 सितंबर को फांसी दी जानी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब इसपर 7 दिनों की रोक लगा दी है। कोली की दया याचिका राष्ट्रपति पहले ही ठुकरा चुके थे।
न्यायमूर्ति एच एल दत्तू और ए आर दवे की पीठ ने कोली की मौत की सजा की तामील पर एक हफ्ते के लिए रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पीठ के समक्ष मध्य रात्रि के बाद एक अपील पेश की गई और देर रात 1 बजकर 40 मिनट पर आदेश जारी किया गया।

सीनियर ऐडवोकेट इंदिरा जयसिंह की अगुवाई में वकीलों के एक दल ने 42 वर्षीय कोली की ओर से आवेदन दाखिल किया। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के 24 जुलाई 2014 को दिए गए आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
न्यायालय ने 24 जुलाई के आदेश में निठारी में हुए बलात्कार और हत्याओं के मामले के दोषी कोली को सुनाई गई मौत की सजा की तामील पर रोक लगाने का अनुरोध ठुकरा दिया था। इंदिरा जयसिंह, ऐडवोकेट युग चौधरी और अन्य ने कोली को सुनाई गई मौत की सजा की तामील पर रोक की मांग करते हुए कोर्ट के 2 सितंबर को दिए गए फैसले का संदर्भ दिया है।
 
न्यायालय ने 2 सितंबर को अपने फैसले में कहा था कि मौत की सजा का सामना कर रहे कैदियों की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई खुली अदालत में की जानी चाहिए। सोमवार को तड़के जारी आदेश में पीठ ने कहा है, '(कोली की) पुनर्विचार याचिका पर 24 जुलाई 2014 को दिए गए आदेश पर फिर से विचार करने के लिए एक आवेदन 8 सितंबर 2014 को हमारे समक्ष पेश किया गया। आवेदन में कहा गया है कि मौत की सजा के वॉरंट पर 8 सितंबर 2014, सोमवार को सुबह 5 बज कर 30 मिनट पर तामील की जाएगी।'
 
पीठ ने आगे कहा कि हमारे आदेश पर पुनर्विचार के लिए आवेदक (कोली) ने सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ की उस व्यवस्था का संदर्भ दिया है जिसमें 2 सितंबर 2014 को आदेश जारी किया गया था। कोर्ट ने कहा कि मामले की अत्यावश्यकता को देखते हुए आवेदक-याचिकाकर्ता को सुनाई गई मौत की सजा की तामील पर एक हफ्ते तक रोक लगाई जाती है।
मेरठ जेल के सुपरिनटेंडेंट एसएम रिजवी ने बताया, 'डीएम के जरिए हमें कोर्ट का फांसी रोक लेने का आदेश मिला है। हम अगले सात दिन तक फांसी के आदेश पर अमल रोक रहे हैं। उसके बाद अगले आदेश तक इंतजार किया जाएगा।'
अधिकारी ने बताया कि आदेश के बारे में संबद्ध जेल प्राधिकारियों को बता दिया गया है। कोली को मेरठ जेल में आगामी 12 सितंबर को फांसी दी जानी थी। उसे मेरठ जेल में हाई सिक्यॉरिटी वाली बैरक में रखा गया है।
कोली को गाजियाबाद जिले की डासना जेल में फांसी की सुविधा न होने के कारण 4 सितंबर को मेरठ जेल लाया गया है। सुरेंद्र कोली नोएडा के निठारी गांव में साल 2006 में एक मकान में बच्चों की हत्या का दोषी है।

Friday, September 5, 2014

परतापुर एयरपोर्ट :

मेरठ मंडल के कमिश्नर भूपेन्द्र सिंह ने गुरुवार को परतापुर एयरपोर्ट, दिल्ली गाजियाबाद मेरठ कॉरिडोर और ईस्ट एंड वेस्ट डेडिकेटिड कॉरीडोर प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने इन प्रोजेक्ट के लिए जमीन मुहैया कराने के लिए तत्परता से काम करने का निर्देश दिया। साथ ही किसानों की उनकी जमीन का मुआवजा जल्द देने के लिए कहा। 
कमिश्नर ने परतापुर एयरपोर्ट के लिए अपर आयुक्त चुनकुराम पटेल को नोडल अधिकारी नॉमिनेट किया। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की भूमि एयरपोर्ट में आ रही है उनको बिना देरी के एयरपोर्ट ऑथरटी को ट्रांसफर कर दी जाए। किसानों के साथ बातचीत में तेजी लाई जाए। उनके द्वारा जो भी भूमि की दर की मांग की जा रही है उसपर डीएम मेरठ तुरंत निर्णय लें और शासन को अवगत कराएं। जिन विभागों ने भूमि के लिए एनओसी दे दी है उनकी जमीन को तत्काल एयरपोर्ट ऑथरटी को दिया जाए। किसानों की ओर से जमीन के लिए 7000 रुपये प्रति वर्ग मीटर रेट की मांग की जा रही है। साथ ही किसानों ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि जो जमीन एयरपोर्ट में जाने से बचती है उसको भी खरीदा जाए। साथ ही एयरपोर्ट का द्वार गांव के दूसरी तरफ रखने की उन्होंने मांग रखी है। 
दिल्ली गाजियाबाद मेरठ कॉरीडोर : 
कमिश्नर ने दिल्ली गाजियाबाद मेरठ कॉरीडोर के प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की। 90 किमी के इस कॉरीडोर पर हाईस्पीड ट्रेन का सराय काले खां से मोदीपुरम तक चलाया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जल्द अलाइनमेंट तय करें। मीटिंग में ईस्टर्न एंड वेस्टर्न कॉरिडोर के प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की गई। 

Wednesday, September 3, 2014

थाना ब्रहमपुरी पुलिस ने नकली नोट बरामद किये

थाना ब्रहमपुरी पुलिस ने वेस्ट बंगाल निवासी एक व्यकि को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 24 लाख 7 हजार रुपए के नकली नोट बरामद किये हैं। युवक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस नकली नोटों का धंधा करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार युवक ने अपने गिरोह के मास्टरमाइंड की जानकारी पुलिस को दी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हैं। उसने यह भी बताया है कि उसके गिरोह तक नकली नोट आईएसआई के माध्यम से पहुंचते हैं। वह करीब डेढ़ साल से नकली नोटों को इधर से उधर करने में लगा था। युवक के अनुसार वह पहली बार पकड़ गया है। वह अब तक करोड़ो रुपये के नकली नोट वेस्ट यूपी के जिलो में खपा चुका है। 

Monday, September 1, 2014

चार युवकों की जाट कॉलोनी में पिटाई के बाद प्रदर्शन शुरू

यूपी के मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगों का एक साल पूरा होते ही फिर से तनाव बढ़ गया है। एक समुदाय के चार युवकों की जाट कॉलोनी में पिटाई के बाद प्रदर्शन शुरू हो गए। 
शुक्रवार शाम को ये चार स्टूडेंट्स जाट कॉलोनी में ट्यूशन पढ़ने गए थे। पुलिस ने बताया कि कुछ युवकों ने उन पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर हमला बोल दिया। इन स्टूडेंट्स को पुलिस ने बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया।
 

इससे उस समुदाय के लोग भड़क गए और पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस ने 150 लोगों के खिलाफ हिंसा का केस दर्ज किया है। इनमें से तीन लोगों की पहचान हो गई है। 
जिले के एसपी स्वर्ण कुमार ने बताया कि कुछ लोगों ने शुक्रवार शाम को मीनाक्षी चौक पर जाम लगाने की कोशिश की लेकिन अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजकर हालात को काबू कर लिया गया।
 
मुजफ्फरनगर के संवेदनशील इलाकों में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है।
  मुजफ्फरनगर में पिछले साल सितंबर में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी जिसमें 60 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों लोगों को घर-बार छोड़कर कैंपों में शरण लेनी पड़ी थी।