डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन (डीओटी) और मेरठ क्राइम ब्रांच के
अधिकारियों ने यहां एक मकान पर छापा मारकर वहां से अवैध रूप से इंटरनैशनल कॉल करने
के मामले का भंडाफोड़ किया है। टीम को यहां से हाईपावर के ट्रांसमीटर के अलावा
संचार माध्यम में प्रयोग होने वाले अन्य आधुनिक उपकरण मिले हैं। क्राइम ब्रांच की
टीम मकान मालिकन,
उसके बेटे और मकान के पास ही
साइबर कैफे चलाने वाले युवक से पूछताछ कर रही है। इस मामले से जुड़े दो छात्रों की
पुलिस तलाश कर रही है।
बताया जा रहा है कि यहां से इंटरनेट के जरिए विदेशों में सस्ती
कॉल कराने का धंधा चल रहा था। इसके लिए एक प्राइवेट टेलिकॉम कंपनी से इंटरनेट की
लीज लाइन ली गई थी। डीओटी के अधिकारी एके वर्मा ने बताया कि यह अवैध कॉल का मामला
है। इससे अधिक जानकारी देने से उन्होंने इनकार कर दिया।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के तहत काम करने वाली दिल्ली स्थित
डीओटी सेल को मेरठ से अवैध इंटरनैशनल कॉलिंग की जानकारी मिली थी। अधिकारी मेरठ
स्थित ब्रह्मापुरी स्थित डीओटी सेल की शाखा पहुंचे। मेरठ डीओटी के अधिकारी एके
वर्मा और मेरठ क्राइम ब्रांच ने गंगानगर स्थित मकान संख्या ए-271 पर छापा मारा। मकान की पहली मंजिल पर हाईपावर के ट्रांसमीटर के
अलावा दूरसंचार में प्रयोग होने वाले आधुनिक उपकरण रखे थे। मकान मालिकन ने
अधिकारियों को बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। वह अपने बेटे के साथ नीचे के
हिस्से में रहती है। मकान की पहली मंजिल को उसने किराए पर उठा रखा है। बताया जा
रहा है कि पास ही गंगा प्लाजा में साइबर कैफे चलाने वाले शख्स ने बीटेक के दो
छात्रों को यह मकान किराए पर दिलाया था। उन छात्रों ने एक प्राइवेट कंपनी की
इंटरनेट की लीज लाइन ली थी। टीम ने इनसे घंटों पूछताछ की। उसके बाद उन्होंने वहां
रखे सभी उपकरणों को सील कर दिया और अपने साथ ले गए। टीम ने पूरे मकान और उसकी छत
की भी बारीकी से जांच की। इस दौरान फॉरेसिंक विभाग की टीम भी वहां मौजूद रही।
क्राइम ब्रांच मकान मालकिन, उसके बेटे
को अपने साथ ले गई। पुलिस बीटेक के दो छात्रों की तलाश कर रही है।
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