उत्तर प्रदेश नव
निर्माण सेना के कार्यकर्ता 11 जनवरी को मेरठ कमिश्नरी से दिल्ली स्थित पीएम निवास तक पैदल मार्च करेंगे।
रोहटा में जनसंवाद रैली के दौरान सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि नाथूराम
गोडसे से प्रदेश के कबीना व मेरठ के प्रभारी मंत्री आजम खां ज्यादा खतरनाक हैं।
तालिबानी विचारधारा के आजम खां के मेरठ का प्रभारी मंत्री रहते मेरठ में नाथूराम
की प्रतिमा की क्या आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनकी सेना को मेरठ में नाथूराम
की प्रतिमा और आजम खां दोनों से परहेज है।
उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना ने रविवार को रोहटा में जनसंवाद रैली का अयोजन किया था। रैली में सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि देश के नेता दोहरी नीति अपना रहे हैं। एक ओर वे महात्मा गांधी को नमन करते हैं और दूसरी ओर वे गांधी जी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमामंडित व उनकी मूर्ति की स्थापना करने की घोषणा करने वालों के खिलाफ कुछ नहीं बोलते हैं। अमित ने रैली में घोषणा की कि 11 जनवरी को सेना के कार्यकर्ता दिल्ली के लिए मेरठ कमिश्नरी से पैदल मार्च करेंगे। प्रदेश के कबीना मंत्री आजम खां पर हमला करते हुए कहा कि वे नाथूराम गोडसे से भी ज्यादा खतरनाक हैं।
गोडसे ने तो महात्मा गांधी की हत्या की थी, लेकिन आजम खां ने तो गांधी के विचारों की हत्या की है। अमित जानी ने आजम खां को तालिबानी विचारधारा का समर्थक बताते हुए कहा कि आज उनके प्रभारी मंत्री होने की वजह से मेरठ 3 वर्षों में 30 साल पीछे पहुंच गया है। जानी ने कहा कि मेरठ की जनता नाथूराम गोडसे और आजम खां दोनों को नही चाहती है। इसलिए वे गोडसे की मूर्ति मेरठ में नहीं लगने देंगे। साथ ही उन्होंने आजम हटाओ मेरठ बचाओ अभियान की शुरूआत करने की घोषणा की।
उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना ने रविवार को रोहटा में जनसंवाद रैली का अयोजन किया था। रैली में सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि देश के नेता दोहरी नीति अपना रहे हैं। एक ओर वे महात्मा गांधी को नमन करते हैं और दूसरी ओर वे गांधी जी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमामंडित व उनकी मूर्ति की स्थापना करने की घोषणा करने वालों के खिलाफ कुछ नहीं बोलते हैं। अमित ने रैली में घोषणा की कि 11 जनवरी को सेना के कार्यकर्ता दिल्ली के लिए मेरठ कमिश्नरी से पैदल मार्च करेंगे। प्रदेश के कबीना मंत्री आजम खां पर हमला करते हुए कहा कि वे नाथूराम गोडसे से भी ज्यादा खतरनाक हैं।
गोडसे ने तो महात्मा गांधी की हत्या की थी, लेकिन आजम खां ने तो गांधी के विचारों की हत्या की है। अमित जानी ने आजम खां को तालिबानी विचारधारा का समर्थक बताते हुए कहा कि आज उनके प्रभारी मंत्री होने की वजह से मेरठ 3 वर्षों में 30 साल पीछे पहुंच गया है। जानी ने कहा कि मेरठ की जनता नाथूराम गोडसे और आजम खां दोनों को नही चाहती है। इसलिए वे गोडसे की मूर्ति मेरठ में नहीं लगने देंगे। साथ ही उन्होंने आजम हटाओ मेरठ बचाओ अभियान की शुरूआत करने की घोषणा की।
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