डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के सिर पर 51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर चर्चा में आए उत्तर
प्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान में बीएसपी नेता हाजी
याकूब कुरैशी ने पैरिस में शार्ली एब्दो मैगजीन पर हमले का समर्थन किया है। उन्होंने मैगजीन
के ऑफिस में अंधाधुंध फायरिंग करके 12 लोगों को मौत के घाट उतार देने को सही ठहराया है।
उन्होंने कहा कि जो भी पैगंबर के प्रति अनादर दिखाएगा, उसकी मौत शार्ली एब्दो
के पत्रकारों और कार्टूनिस्टों की तरह ही होगी।
उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि पैरिस में हमला करने वाले अगर दावा करेंगे तो उन्हें 51 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। कुरैशी ने कहा, 'पैगंबर की शान से छेड़छाड़ करने वाला सिर्फ मौत का हकदार है और ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने की कोई जरूरत नहीं है। रसूल के आशिक (पैगंबर को मानने वाले) ही उन्हें सजा देंगे।' बीएसपी नेता ने कहा कि पैरिस की मैगजीन लगातार धर्म के साथ छेड़छाड़ कर रही थी, इसीलिए उनके पत्रकारों के साथ ऐसा सुलूक हुआ है।
इससे पहले डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के कार्टून बनाने और मैगजीन में छपने के बाद याकूब कुरैशी ने वर्ष 2006 में घोषणा की थी कि उस कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। याकूब के इस बयान से उस समय हलचल मच गई थी। याकूब अब फिर कह रहे हैं कि उन्होंने अपने धर्म के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ घोषणा की थी और पैरिस में जो हुआ, वह गलत नहीं है। याकूब का कहना है कि यह उनके धर्म से जुड़ा मामला है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। डेन कार्टूनिस्ट के विवादस्पद कार्टून को शार्ली एब्दो ने भी 2007 में छापा था।
अपने बयानों और पार्टियां बदलने के लिए मशहूर याकूब कुरैशी इस बार के लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद से बीएसपी के उम्मीदवार थे। वह एसपी, आरएलडी और बीएसपी में किस्मत आजमा चुके हैं। याकूब को दो साल पहले ही सिखों पर आपत्तिजनक बयान देने के कारण बीएसपी से निष्कासित भी किया गया था।
उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि पैरिस में हमला करने वाले अगर दावा करेंगे तो उन्हें 51 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। कुरैशी ने कहा, 'पैगंबर की शान से छेड़छाड़ करने वाला सिर्फ मौत का हकदार है और ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने की कोई जरूरत नहीं है। रसूल के आशिक (पैगंबर को मानने वाले) ही उन्हें सजा देंगे।' बीएसपी नेता ने कहा कि पैरिस की मैगजीन लगातार धर्म के साथ छेड़छाड़ कर रही थी, इसीलिए उनके पत्रकारों के साथ ऐसा सुलूक हुआ है।
इससे पहले डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के कार्टून बनाने और मैगजीन में छपने के बाद याकूब कुरैशी ने वर्ष 2006 में घोषणा की थी कि उस कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। याकूब के इस बयान से उस समय हलचल मच गई थी। याकूब अब फिर कह रहे हैं कि उन्होंने अपने धर्म के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ घोषणा की थी और पैरिस में जो हुआ, वह गलत नहीं है। याकूब का कहना है कि यह उनके धर्म से जुड़ा मामला है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। डेन कार्टूनिस्ट के विवादस्पद कार्टून को शार्ली एब्दो ने भी 2007 में छापा था।
अपने बयानों और पार्टियां बदलने के लिए मशहूर याकूब कुरैशी इस बार के लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद से बीएसपी के उम्मीदवार थे। वह एसपी, आरएलडी और बीएसपी में किस्मत आजमा चुके हैं। याकूब को दो साल पहले ही सिखों पर आपत्तिजनक बयान देने के कारण बीएसपी से निष्कासित भी किया गया था।
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