डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के सिर पर 51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर चर्चा में आए उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान में बीएसपी नेता हाजी याकूब कुरैशी ने पैरिस में शार्ली एब्दो मैगजीन पर हमले का समर्थन किया है। उन्होंने मैगजीन के ऑफिस में अंधाधुंध फायरिंग करके 12 लोगों को मौत के घाट उतार देने को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि जो भी पैगंबर के प्रति अनादर दिखाएगा, उसकी मौत शार्ली एब्दो के पत्रकारों और कार्टूनिस्टों की तरह ही होगी। हालांकि हाजी याकूब गुरुवार को दिन भर मीडिया के सामने आने से बचता रहा। बताया जा रहा है कि बीएसपी सुप्रीमो की कड़ी फटकार के बाद चुप्पी साध ली है। वहीं, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कमिश्नरी चौराहे पर हाजी याकूब का पुतला जलाया। एसएसपी ओंकार सिंह का कहना है कि इस मामले का कानूनी परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के कार्टून बनाने और मैगजीन में छपने के बाद याकूब कुरैशी ने 2006 में घोषणा की थी कि उस कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। याकूब के इस बयान से उस समय हलचल मच गई थी। याकूब अब फिर कह रहे हैं कि उन्होंने अपने धर्म के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ घोषणा की थी और पैरिस में जो हुआ, वह गलत नहीं है। डेन कार्टूनिस्ट के विवादस्पद कार्टून को शार्ली एब्दो ने भी 2007 में छापा था। उन्होंने ऐलान किया है कि पैरिस में हमला करने वाले अगर दावा करेंगे तो उन्हें 51 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। कुरैशी ने कहा कि पैगंबर की शान से छेड़छाड़ करने वाला सिर्फ मौत का हकदार है और ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की कोई जरूरत नहीं है। रसूल के आशिक (पैगंबर को मानने वाले) ही उन्हें सजा देंगे। बीएसपी नेता हाजी ने कहा कि पैरिस की मैगजीन लगातार धर्म के साथ छेड़छाड़ कर रही थी, इसीलिए उनके पत्रकारों के साथ ऐसा सुलूक हुआ है। उन्होने पैरिस पर हमले को जायज ठहराते हुए कहा कि यह धर्म का मामला है, इससे राजनीति का कोई लेनादेना नही है। अपने बयान पर कायम रहने का दावा करने वाला याकूब कुरैशी ने गुरुवार दोपहर 2 बजे अपने घर पर प्रेस क्रॉन्फ्रेंस का एलान किया था। पत्रकार तो समय से वहां पहुंचे, लेकिन हाजी वहां नहीं मिला। बताया गया कि वह दिल्ली में है। उसके दोनों मोबाइल स्वीचऑफ मिले। बीएसपी के सूत्र बता रहे हैं कि इस विवादित बयान के बाद बीएसपी सुप्रीमो से मिली फटकार के कारण से ही हाजी याकूब ने मीडिया से दूरी बना ली है। बीएसपी के नेता याकूब के इस बयान को उनका निजी बयान बता रहे हैं। हाजी याकूब और विवादों का चोली दामन का साथ रहा है। उन्होंने 2011 में पुलिस के आला अधिकारी की मौजूदगी में एक सिपाही से मारपीट करते हुए उसकी वर्दी फाड़ दी थी। 2014 के चुनाव में मतदान के दौरान याकूब ने अपने सर्मथकों के साथ पुलिस के साथ धक्कामुक्की की थी। पार्टियां बदलने के लिए मशहूर याकूब इस बार के लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद से बीएसपी के उम्मीदवार थे। वह एसपी, आरएलडी और बीएसपी में किस्मत आजमा चुका है। याकूब को दो साल पहले ही सिखों पर आपत्तिजनक बयान देने के कारण बीएसपी से निकाला भी गया था।
Friday, January 9, 2015
बीएसपी नेता हाजी याकूब कुरैशी ने पैरिस में शार्ली एब्दो मैगजीन पर हमले का समर्थन
डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के सिर पर 51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर चर्चा में आए उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान में बीएसपी नेता हाजी याकूब कुरैशी ने पैरिस में शार्ली एब्दो मैगजीन पर हमले का समर्थन किया है। उन्होंने मैगजीन के ऑफिस में अंधाधुंध फायरिंग करके 12 लोगों को मौत के घाट उतार देने को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि जो भी पैगंबर के प्रति अनादर दिखाएगा, उसकी मौत शार्ली एब्दो के पत्रकारों और कार्टूनिस्टों की तरह ही होगी। हालांकि हाजी याकूब गुरुवार को दिन भर मीडिया के सामने आने से बचता रहा। बताया जा रहा है कि बीएसपी सुप्रीमो की कड़ी फटकार के बाद चुप्पी साध ली है। वहीं, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कमिश्नरी चौराहे पर हाजी याकूब का पुतला जलाया। एसएसपी ओंकार सिंह का कहना है कि इस मामले का कानूनी परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के कार्टून बनाने और मैगजीन में छपने के बाद याकूब कुरैशी ने 2006 में घोषणा की थी कि उस कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। याकूब के इस बयान से उस समय हलचल मच गई थी। याकूब अब फिर कह रहे हैं कि उन्होंने अपने धर्म के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ घोषणा की थी और पैरिस में जो हुआ, वह गलत नहीं है। डेन कार्टूनिस्ट के विवादस्पद कार्टून को शार्ली एब्दो ने भी 2007 में छापा था। उन्होंने ऐलान किया है कि पैरिस में हमला करने वाले अगर दावा करेंगे तो उन्हें 51 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। कुरैशी ने कहा कि पैगंबर की शान से छेड़छाड़ करने वाला सिर्फ मौत का हकदार है और ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की कोई जरूरत नहीं है। रसूल के आशिक (पैगंबर को मानने वाले) ही उन्हें सजा देंगे। बीएसपी नेता हाजी ने कहा कि पैरिस की मैगजीन लगातार धर्म के साथ छेड़छाड़ कर रही थी, इसीलिए उनके पत्रकारों के साथ ऐसा सुलूक हुआ है। उन्होने पैरिस पर हमले को जायज ठहराते हुए कहा कि यह धर्म का मामला है, इससे राजनीति का कोई लेनादेना नही है। अपने बयान पर कायम रहने का दावा करने वाला याकूब कुरैशी ने गुरुवार दोपहर 2 बजे अपने घर पर प्रेस क्रॉन्फ्रेंस का एलान किया था। पत्रकार तो समय से वहां पहुंचे, लेकिन हाजी वहां नहीं मिला। बताया गया कि वह दिल्ली में है। उसके दोनों मोबाइल स्वीचऑफ मिले। बीएसपी के सूत्र बता रहे हैं कि इस विवादित बयान के बाद बीएसपी सुप्रीमो से मिली फटकार के कारण से ही हाजी याकूब ने मीडिया से दूरी बना ली है। बीएसपी के नेता याकूब के इस बयान को उनका निजी बयान बता रहे हैं। हाजी याकूब और विवादों का चोली दामन का साथ रहा है। उन्होंने 2011 में पुलिस के आला अधिकारी की मौजूदगी में एक सिपाही से मारपीट करते हुए उसकी वर्दी फाड़ दी थी। 2014 के चुनाव में मतदान के दौरान याकूब ने अपने सर्मथकों के साथ पुलिस के साथ धक्कामुक्की की थी। पार्टियां बदलने के लिए मशहूर याकूब इस बार के लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद से बीएसपी के उम्मीदवार थे। वह एसपी, आरएलडी और बीएसपी में किस्मत आजमा चुका है। याकूब को दो साल पहले ही सिखों पर आपत्तिजनक बयान देने के कारण बीएसपी से निकाला भी गया था।
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