Friday, December 5, 2014

वीसी और रजिस्ट्रार के बीच लंबे समय से चली आ रही लड़ाई ने नया मोड़

सीसीएस यूनिवर्सिटी के वीसी और रजिस्ट्रार के बीच लंबे समय से चली आ रही लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। वीसी ने सोमवार को प्रदेश सरकार के रजिस्ट्रार को कार्यभार ग्रहण कराने संबंधी आदेश को मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने राज्य सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि अगर सरकार उनसे इस आदेश का पालन करवाना चाहती है तो वह राज्यपाल के माध्यम से यह आदेश उन्हें भिजवाएं। दूसरी ओर रजिस्ट्रार यह मानने को तैयार नहीं हैं कि वे कार्यमुक्त हो चुके हैं। उनका कहना है कि वे अभी भी रजिस्ट्रार हैं। अब यह विवाद विवि परिसर से निकल कर प्रदेश सरकार और राज्यपाल के बीच आ गया है।
रविवार को रजिस्ट्रार मनोज कुमार चौहान के पद पर बने रहने पर अपने पद से त्यागपत्र देने की बात कहने वाले वीसी विक्रम चंद्र गोयल ने सोमवार को ने कहा कि उन्होंने पत्र भेज कर बता दिया है कि वे सरकार के निर्देश पर रजिस्ट्रार मनोज कुमार को पदभार ग्रहण नहीं करा सकते हैं। राज्यपाल की सहमति के बाद ही वे उनके द्वारा दिए गए निर्देश का पालन कर सकते हैं। वीसी की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। वीसी राज्यपाल के दिशा निर्देशों को मानने के लिए ही बाध्य होता है।

वीसी ने बताया कि उन्होंने एक कार्यालय आदेश निकाल कर सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचित कर दिया है कि उप-कुलसचिव डॉ. देशराज विवि के रजिस्ट्रार का कार्य देख रहे हैं। इसलिए सभी पत्रावली उनके सामने पेश की जाएं। वहीं रजिस्ट्रार मनोज कुमार का कहना है कि वे आज भी रजिस्ट्रार हैं।

Monday, December 1, 2014

सभी अनियमितताएं दूर करने के बाद ही फैक्ट्री चलाने के निर्देश

यहां अल आलिया मीट प्लांट को रविवार को जिला प्रशासन की ओर से धारा 133 के अधीन नोटिस जारी कर दिया गया है। एसडीएम सदर की अगुवाई में पहुंची जांच टीम को रविवार को फैक्ट्री में कुछ अनियमितताएं मिली हैं। फैक्ट्री में रखे 90 टन मीट को उसके मैनेजर के हवाले कर दिया गया है। जिस वॉल्व में रिसाव होने के बाद शनिवार की देर शाम प्लांट में काम कर रहे 16 महिलाओं समेत बीस लोग बेहोश हो गए थे, उसे भी ठीक कर दिया गया है। एसडीएम सदर ने फैक्ट्री मालिकों से सभी अनियमितताएं दूर करने के बाद ही फैक्ट्री चलाने के निर्देश दिए हैं।

शनिवार देर शाम मीट प्लांट में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने के कारण मीट की पैकेजिंग कर रहे मजदूर बेहोश होकर गिरने लगे थे। इससे वहां अफरातफरी मच गई थी। बेहोश हो जाने के कारण 16 महिलाओं समेत 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिनकी हालत अब ठीक बताई जा रही हैं। इस घटना के बाद डीएम पंकज यादव ने एसडीएम सदर की अगुवाई में के एक जांच कमिटी का गठन कर दिया था। रविवार को एसडीएम सदर रवीश गुप्ता, सीओ किठौर नीतेश कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर फैक्ट्रीज के.के मिश्रा और प्रदूषण विभाग की टीम के साथ जांच के लिए फैक्ट्री पहंचे। एसडीएम सदर ने बताया कि जांच के दौरान उन्होने पाया कि फैक्ट्री के पास प्रदूषण सर्टिफिकेट तो था, लेकिन फायर सर्टिफिकेट की डेट एक्सपायर हो चुकी थी। इसके अलावा वहां कोई भी तकनीकी स्टाफ उन्हें वहां नहीं मिला। एसडीएम सदर ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक को धारा 133 के तहत नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी अनियमिताताओं को दूर करने से पहले फैक्ट्री नहीं चलाए जाने के निर्देश भी दे दिए गए है। फैक्ट्री मालिकों के अनुरोध पर दौराला आर्गेनिक्स के विशाल गुप्ता की अगुवाई में आई एक टीम की ओर से उस वॉल्व को ठीक कर दिया गया है, जिसके कारण यह घटना हुई थी।

Sunday, November 30, 2014

मंदिर से भगवान महावीर की मूर्ति और अन्य कीमती सामान चुराया

कर्ज के कारण जैन मंदिर के पुजारी ने ही मंदिर से भगवान महावीर की मूर्ति और अन्य कीमती सामान चुराया था। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही पुजारी को गिरफ्तार कर चुराई गई मूर्ति समेत अन्य सामान भी बरामद कर लिया है। पुलिसकर्मियों को जैनसमाज की ओर से एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।

थाना इंचौली क्षेत्र के गंगानगर ए ब्लॉक स्थित जैन मंदिर से 28 नवंबर की दोपहर भगवान महावीर की रत्नजड़ित मूर्ति, सोने और चांदी के 40 किलों वजन के पात्र चोरी हो गए थे। इस घटना को लेकर जैन समाज में भारी रोष था। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच और थाना इंचौली पुलिस ने संयुक्त रूप से पड़ताल शुरू कर दी थी। एसपी क्राइम ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात का खुलासा किया कि चोरी के मामले में मंदिर के पुजारी योगेंद्र जैन को रविवार की सुबह बहचोला तिराहे से गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी आरए ने बताया कि योगेंद्र ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसकी आय कम थी और खर्च ज्यादा था, जिस कारण उस पर एक लाख का उधार हो गया था। मंदिर में होने वाले चढ़ावे और मूर्ति को देख उसके मन में लालच आ गया और उसने इन्हें चुराकर उधार से मुक्ति पाने का प्लान बनाया। उसने मंदिर के दोनों दरवाजों की नकली चाबी तैयार बनवा ली थी। 28 नवंबर की दोपहर करीब 12:30 बजे मौका देखकर उसने सारा समान मंदिर से निकाल लिया था। एसपी आरए ने बताया कि योगेंद्र की निशानदेही पर मूर्ति समेत चोरी हुआ सारा सामान बरामद कर लिया गया है।

Saturday, November 29, 2014

4 दिनों में हॉरर किलिंग के तीन मामले

मेरठ के अगल-अलग क्षेत्रों में लगातार 4 दिनों में हॉरर किलिंग के तीन मामले सामने आ चुके हैं। मंगलवार को गंगनहर से गर्भवती युवती का शव मिला। गुरुवार देर शाम उसकी शिनाख्त हो पाई। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि प्रेम प्रसंग के चलते युवती के भाइयों ने ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर शव को गंगनहर में बहा दिया था। पुलिस हत्या के आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मंगलवार दोपहर हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव किशोरपुर में गंगनहर से एक युवती का शव मिला। जब उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई तो उसकी फोटो अखबारों में छपवाए गए। गुरुवार को शव की शिनाख्त मवाना के पहाड़पुरी की रहने वाली युवती के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों और गांववालों से पूछताछ की तो मामला हॉरर किलिंग का निकला। परिजनों ने बताया कि युवती के पिता ओमी ने दूधली गांव में जमीन ठेके पर लेकर उस पर फसल बो रखी थी। युवती वहां खेत में काम करने जाती थी। इसी दौरान दूधली निवासी एक युवक से प्रेम हो गया। वह गर्भवती भी हो गई। इस पर घरवालों ने उससे पूछताछ की तो उसने अपने प्रेम प्रसंग के बारे में उन्हें बता दिया। मामला सामने आने पर युवती के भाइयों ने उसे मौत के घाट उतारने का मन बना लिया।

पुलिस के अनुसार मंगलवार को युवती का भाई सोनू, तहेरा भाई भूरे और उसका दोस्त धर्मपाल उसे रिश्तेदारी में छोड़ने के बहाने बाइक से गांव से चले थे। वे युवती को लेकर गंगनहर पहंचे और वहां तीनों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस अब हत्यारों की तलाश कर रही है। 24 नवंबर को थाना जानी क्षेत्र में एक युवक ने अपनी बहन की हत्या कर दी थी। 25 नवंबर को दौराला थाना क्षेत्र में बहन के दूसरे संप्रदाय के युवक से प्रेम विवाह करने पर उसके भाइयों ने उस पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

Wednesday, November 26, 2014

वकील बुधवार को जंतर-मंतर पर धरना देंगे

करीब छह दशक से वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग कर रहे वकील बुधवार को जंतर-मंतर पर धरना देंगे। केंद्रीय संर्घष समिति के चेयरमैन डीडी शर्मा का दावा है कि वेस्ट यूपी से करीब 7000 वकील बुधवार को जंतर-मंतर पहुंचेंगे। संसद के घेराव के मुद्दे पर उनका कहना है कि आगे की रणनीति दिल्ली में तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में दिल्ली के वकील भी साथ देंगे।
शर्मा का दावा है कि केंद्र के कुछ मंत्रियों के अलावा लगभग सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से उन्हें समर्थन मिल रहा है। धरना देने के बाद वकील केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल की अगुवाई में कानून मंत्री को ज्ञापन देने की तैयारी में हैं। 50 बसों में सवार होकर करीब 7000 वकील जंतर-मंतर पहुंचेंगे। दिल्ली के सभी बार एसोसिएशन के सदस्यों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि दिल्ली के सभी वकील भी बुधवार को उनके साथ धरने में शामिल होंगें।

डीडी शर्मा के अनुसार जंतर मंतर पर धरना-प्रर्दशन करने के बाद वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान और मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल के साथ संसद भवन जाकर सदानंद गौड़ा और जनरल वीके सिंह को ज्ञापन देगा। उनका कहना है कि कांग्रेस, जनता दल, आरएलडी, बीएसपी समेत कई अन्य दलों का भी उन्हें सर्मथन मिल रहा है। राजनीतिक दलों के अलावा व्यापार संघ, छात्र, इनकम टैक्स कर्मचारी असोसिएशन का सर्मथन भी प्राप्त हो गया है। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट के बेंच की स्थापना को लेकर है।

Monday, November 24, 2014

अंधाधुंध फायरिंग

मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान कस्बा मवाना के निलोहा गांव में हत्या के आरोप में जेल मे बंद युवक से मिलकर गांव लौट रहे उसके पिता और भाई पर आधा दर्जन बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसके बेटे ने जांघ में गोली लगने के बावजूद भागकर अपनी जान बचाई। बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही गुस्साए गांववालों ने मवाना-खुर्द मार्ग पर टैक्टर-ट्रॉली में शव रखकर घंटों जाम लगाए रखा। अपनी मांगें पूरी होने के आश्वासन के बाद ही वे रास्ते से हटे।
कवाल में भड़के दंगों की लपेट मे जब पूरा मुजफ्फरनगर आ गया था, उसी समय इसकी तपिश मेरठ के कस्बा मवाना के निलोहा गांव तक भी पहुंची थी। गांव के मुंशी की हत्या होने से पूरे गांव में तनाव फैल गया था। पुलिस ने मुंशी की हत्या के आरोप में गांव के ही सोनू पुत्र नरेंद्र और अश्विनी को जेल भेज दिया था। रविवार को नरेंद्र अपने बेटे मोनू के साथ जेल में बंद अपने बेटे सोनू से मिलने मेरठ जेल गया था। बताया जा रहा है कि जब दोनों वापस गांव लौट रहे थे तो निलोहा के रास्ते में करीब आधा दर्जन हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और उन पर गोलियां बरसा दीं। गोली लगने से लहूलुहान नरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, मोनू वहां से भाग निकलने में सफल रहा।

घटना की सूचना कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। क्षेत्र के लोगों ने नरेंद्र के शव को ट्रैक्टर पर रखकर मवाना खुर्द मार्ग पर जाम लगा दिया। मामला दो संप्रदाय और मुजफ्फरनगर के दंगों के मामलों से जुड़ा होने के कारण पुलिस के आला अधिकारी भारी मात्रा में फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। घंटों अधिकारी गांववलों को समझाने का प्रयास करते रहे। लेकिन गांववालों की नाराजगी कम होती नहीं दिखी। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की काफी मान मनौव्वल के बाद गांववालों ने उनके समक्ष तीन मांगे रखीं। उनकी मांग है कि जेल में बंद सोनू को पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैरोल पर रिहा किया जाए। हमलावरों की तीन दिनों के अंदर गिरफ्तारी हो। मरने वाले के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा दिया जाए। अधिकारियों की ओर से अश्वासन दिए जाने के बाद गांववालों ने जाम खोला।

Friday, November 21, 2014

50 कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज

सीसीएस यूनिवर्सिटी के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की समस्या और बढ़ गई है। 500 वेतनभोगी कर्मचारियों को अवैध घोषित किए जाने के मामलें में विवि प्रशासन पहले ही 50 कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज करा चुका है। गुरुवार को अपनी समस्या का हल ढूढ़ने डीएम कार्यालय पहुंचे थे। वहां पुलिस ने उनके एक साथी पर सीओ सिविल लाइंस के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए हिरासत में ले लिया। कर्मचारियों ने आरोप को गलत बताया है। सीओ का कहना है कि उन्होंने सीनियर्स को मामले की जानकारी दे दी है।

बताया गया है कि सीसीएसयू के वीसी ने विवि के 500 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की डीए की मांग पर एक कमिटी का गठन किया था। अखबार में खबर छपी कि विवि के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने 12 साल पहले हुई इन कर्मचारियों की नियुक्ति को नियमों के खिलाफ बताया है। कर्मचारियों ने विवि में जमकर हंगामा और प्रर्दशन करते हुए अधिकारियों को भगा दिया। बुधवार को कार्यवाहक रजिस्ट्रार ने कर्मचारियों को पत्र लिखकर विवि में अनुशासनहीनता की बात कही। साथ ही यह भी लिखा कि विवि ने कर्मचारियों को कभी अवैध नहीं कहा है। इस घटना के बाद सीसीएस यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार की तहरीर पर कर्मचारी कपिल शर्मा, रमेश यादव, मुकेश त्यागी व शिवकुमार समेत थाने में 50 लोगों के खिलाफ मारपीट करने और धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। कर्मचारी संगठन ने वीसी को ज्ञापन देकर कार्यवाहक रजिस्ट्रार को हटाने और वित अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग की। कोई सुनवाई न होने पर गुरुवार को वे डीएम से मिलकर अपनी समस्या का समाधान के लिए पहुंचे। समाधान तो मिला नहीं, नई समस्या जरूर मिल गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।