कृष्णपाल बेटी की सुरक्षा के साथ-साथ खुद की सुरक्षा को
लेकर डरे हुए हैं। मेरठ में कृष्णपाल की बेटी को छेड़छाड़ से बचाते हुए फौजी
वेदमित्र शहीद हो गए थे। कृष्णपाल का कहना था कि गुंडे उन्हें और उनकी बेटी को
नहीं छोड़ेंगे। वहीं सोमवार को फौजी की हत्या के मामले में सर्वसमाज ने कमिश्नरी
पार्क पहुंच कर प्रदर्शन किया और हत्यारों को फांसी और शहीद के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा दिए
की भी मांग की।
वहीं कृष्णपाल का कहना है कि मेरी
बेटी को गुंडे कुछ दिनों से छेड़ रहे थे। गुरुवार को गुंडे मेरी डेयरी के सामने
उसे छेड़ने की कोशिश कर रहे थे इसलिए हमारा धैर्य टूट गया और हम उनसे भिड़ गए।
हालांकि उसके बाद जो हुआ वह बेहद दुखद था। मुझे नहीं पता उस स्टोर में हमारे लिए
अब क्या संभवना है। मैं अपने परिवार को लेकर बहुत डरा हुआ हूं खास तौर पर अपनी
बेटी की सुरक्षा को लेकर।
गौरतलब है कि फौजी की हत्या के
आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन पुलिस अभी तक अज्ञात युवकों
को तलाश नहीं कर पाई। इसी को लेकर कमिश्नरी पार्क पर सर्व समाज के लोग एकत्र हुए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हत्यारोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। साथ ही फौजी
की पत्नी को सरकारी नौकरी व उसके दोनों बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार
द्वारा उठाए जाने की मांग की।
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