माउंट एवरेस्ट और कई दूसरी चोटियां फतह कर चुकीं मेरठ की तूलिका रानी ने इस
बार एशिया के सबसे बड़े ज्वालामुखी को जीत हासिल की। तूलिका ने दुनिया की सबसे
खतरनाक मानी जाने वाली ईरान और मध्य-पूर्व एशिया के अल्बोर्स माउंटेन रेंज की सबसे
बड़ी चोटी और एशिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी दामावंद पर तिरंगा लहराया।
इस चोटी की ऊंचाई 5671 मीटर है और इसे फतह करने वाली तूलिका पहली भारतीय महिला हैं। तूलिका हैदराबाद में स्थित एयरफोर्स एकेडमी में स्कवैड्रन लीडर हैं। तूलिका ईरान माउंटेनियरिंग फेडरेशन की ओर से 21 से 31 जुलाई के बीच आयोजित इंटरनैशनल क्लाइंबिंग मिशन में भारत की ओर से शामिल हुई थीं।
सात अन्य महिला पर्वतारोही के साथ चोटी फतह करने वाली तूलिका को खराब मौसम से लेकर दुर्गम रास्तों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हर जगह जीत हासिल की। बर्फबारी, ग्लेशियर पिघलना और तापमान में अचानक होने वाला परिवर्तन भी तूलिका का हौंसला कम नहीं कर पाया और उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
इस चोटी की ऊंचाई 5671 मीटर है और इसे फतह करने वाली तूलिका पहली भारतीय महिला हैं। तूलिका हैदराबाद में स्थित एयरफोर्स एकेडमी में स्कवैड्रन लीडर हैं। तूलिका ईरान माउंटेनियरिंग फेडरेशन की ओर से 21 से 31 जुलाई के बीच आयोजित इंटरनैशनल क्लाइंबिंग मिशन में भारत की ओर से शामिल हुई थीं।
सात अन्य महिला पर्वतारोही के साथ चोटी फतह करने वाली तूलिका को खराब मौसम से लेकर दुर्गम रास्तों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हर जगह जीत हासिल की। बर्फबारी, ग्लेशियर पिघलना और तापमान में अचानक होने वाला परिवर्तन भी तूलिका का हौंसला कम नहीं कर पाया और उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
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