स्मार्ट सिटी की रेस भरने के लिए तैयार मेरठ के दोनों पैर गंदगी में धंसे हुए मिले। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट ने मेरठ की हकीकत से पर्दा हटा दिया। इसे देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आंका गया है। सड़कों पर कूड़े के ढेर, बजबजाती नालियां और तमाम दुश्वारियों वाला मेरठ संक्रामक बीमारियों की भी राजधानी बन चुका है। सूची में मेरठ के साथ ही बुलंदशहर भी शामिल है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली ने मेरठ को गले तक गंदगी में डुबो दिया। जो शहर स्मार्ट सिटी की रेस में तमाम बड़े शहरों को मात देने का दावा कर रहा है, उसमें शहर के दामन पर गंदगी कोढ़ बनकर दर्ज हो गई है। दशकों से जाम नाले, बजबजाती नालियां, जलभराव, सीवर की पाइपों से लीकेज और कूड़ाघरों से उठती भयंकर बदबू शहर के खुरदरे चेहरे को और दागदार बना रहे हैं। गंदगी की सफाई के लिए जेसीबी एक बार गरजकर दो कदम बढ़ती है तो विरोध के बाद मीलों पीछे जा खड़ी होती है। पुराने शहर में गंदगी एक नासूर बनकर महानगर की साख को डसने लगी है।
सिर्फ दो डंपिंग ग्राउंड
महानगर की आबादी करीब 20 लाख आंकी जा रही है, किंतु कूड़ा उठाने के लिए महज दो डंपिंग ग्राउंड हैं। एक मेवला फाटक के पास तो दूसरा किला रोड स्थित गांव गाबड़ी में। गाबड़ी में ही कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का काम शुरू हुआ था जो परवान नहीं चढ़ सका। तीन वर्ष पहले इसी गाबड़ी में सालिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की कवायद चली थी जो चंद कदम बाद ढेर हो गई।
सूची में यूपी के पांच शहर
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से वर्ष 2013-14 में देश में कराए गए सर्वे में ए श्रेणी के और एक लाख से ज्यादा आबादी के शहरों की सफाई व्यवस्था की कलई खुल गई। देश के पौने पांच सौ सबसे गंदे शहरों की सूची में मेरठ समेत राज्य के पांच शहरों को शामिल किया गया है।
पीएम से भी नहीं ली सीख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर 2014 को खुद झाडू संभालते हुए लोगों को सफाई के लिए जागरूक किया था, जो बेअसर रहा। अभियान के नाम पर खानापूर्ति कर फोटो तो खिंचवाए गए लेकिन शहर का चेहरा मुरझाया ही रह गया।
नगर निगम को रोने की लत
नगर निगम सफाई पर हर बार संसाधनों के अभाव का रोना रोता है। निगम के पास 3342 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 1127 स्थाई और बाकी संविदा के हैं। संविदा कर्मचारी बर्खास्त किए गए थे, जो फिलहाल ड्यूटी कर रहे हैं। निगम की दलील है कि फंड और कर्मचारी दोनों की तंगी में सफाई कैसे हो?
देश के कुछ सबसे गंदे शहर
शहर रैंक
मेरठ 465
बुलंदशहर 471
सुल्तानपुर 458
देवरिया 456
आजमगढ़ 452
गुड़गांव 466
भिवानी 473
रेवाड़ी 469
भरतपुर 462
रुद्रपुर 451
नोट : ये सभी देश के पौने पांच सौ गंदे शहरों की सूची में निचले पायदान पर आने वाले सबसे गंदे शहर माने गए हैं।
एक नजर मेरठ शहर पर
आबादी...करीब 20 लाख
रोजाना का कूड़ा 850 मीट्रिक टन
सफाई कर्मचारी 3342
जरूरत 5000 की

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