Wednesday, November 18, 2015

गगोल तीर्थ के विशाल सरोवर में हर साल हजारों श्रद्धालु सूर्य षष्ठी पर्व मनाते हैं

दैनिक जागरण का विशेष सफाई अभियान 'स्वच्छ मेरठ, स्वस्थ मेरठ' मंगलवार को पौराणिक महत्व वाले व महर्षि विश्वामित्र की तप स्थली गगोल तीर्थ पर चला। छठ पूजा से ठीक पहले हुई सफाई से वहां के हालात ही बदल गए। कुछ देर में ही पूरे क्षेत्र का कायाकल्प हो गया। वहां फैला कूड़ा, घास व झाड़ियां साफ कर दी गई। मुख्य मार्ग से लेकर पूरे तीर्थ स्थल पर चूना डाला गया व रंगोलियां बनाकर सजा दिया गया। निगम के टैंकर से छिड़काव के बाद पूरा क्षेत्र रमणीय हो गया। गंदगी से मायूस श्रद्धालुओं के चेहरे हालात बदले देख चमक गए।
गगोल तीर्थ के विशाल सरोवर में हर साल हजारों श्रद्धालु सूर्य षष्ठी पर्व मनाते हैं। छठ पूजा करते हैं। दैनिक जागरण के इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य भी यही था कि यहां छठ पूजा करने के लिए दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की पूजा को सुगम बनाया जा सके। जागरण के प्रयास सफल रहे। मंगलवार को दिन निकलते ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह के निर्देशन तथा सफाई व खाद्य निरीक्षक विकास लोहरा के नेतृत्व में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का विशेष दस्ता विभिन्न वाहनों व जेसीबी मशीन के साथ वहां पहुंच गया। अभियान के दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया तथा दैनिक जागरण के समाचार संपादक मनोज झा ने सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
गगोल तीर्थ के सरोवर पर दो ओर पक्के पत्थर लगे हैं लेकिन दो ओर ईंट का खड़ंजा बना है। जहां घास व झाड़ियां उग जाती हैं। कुछ समय पहले तक वेदी बनाने के लिए साफ स्थान की तलाश कर रहे श्रद्धालुओं ने सफाई होते ही धड़ाधड़ वेदियां बनानी शुरू कर दी।

दैनिक जागरण के सफाई अभियान के बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं के चेहरे खुशी से चहक रहे थे। शेर सिंह ने कहा कि यहां छठ पूजा करना सौभाग्य की बात है। लेकिन यहां के हालात मन को अस्थिर कर रहे थे। अपर्णा ने कहा कि दैनिक जागरण के विशेष सफाई ने यहां छठ पूजा को सुगम बना दिया है। लाल सिंह पाल ने कहा कि गगोल तीर्थ के विशाल सरोवर में छठ पूजा करने का अलग ही आनंद है। बाबूराम ने कहा कि सफाई के लिए पूरे देश में अलख जगा रहे दैनिक जागरण ने यहां सफाई अभियान चलाकर बड़ी समाज सेवा की है। तीर्थ स्थल पर रहने वाले बाबा रघुवर ने कहा कि दैनिक जागरण की सफाई को लेकर जागरूकता का असर दिखाई देने लगा है। गगोल तीर्थ के पुजारी रामदास ने कहा कि शहर से काफी दूर स्थित यह तीर्थ उपेक्षित रहता है। दैनिक जागरण के एक दिन के प्रयास से तीर्थ के हालात में काफी परिवर्तन आ गया।

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