Wednesday, November 4, 2015

'जांबाज' टीम बुलेट पर करतब दिखाने में माहि

सरहद के पहरेदार ये असल जांबाज। जान हथेली पर रखना और हौसलों की आदत के चलते इनकी टीम को ही जांबाज टीम के नाम से पुकारा जाता है। मुल्क की सरहद पर हल हाल में पहरेदारी के अलावा इन जांबाजों की एक और खतरे से लिपटी हुई अहम जिम्मेदारी होती है। सरहद के कई दुर्गम इलाकों में रेडियो संपर्क तक नहीं हो पाता। इन हालात में ये जांबाज गोपनीय संदेश एक चौकी से दूसरी चौकी तक पहुंचाते हैं। जांबाज टीम का हिस्सा बने 76 जवानों की इस टोली का जुनून और जज्बा सलाम ठोकने लायक है।
सीमा सुरक्षा बल की 'जांबाज' टीम बुलेट पर करतब दिखाने में माहिर है। राजपथ पर अद्वितीय प्रदर्शन कर अमेरिका के राष्ट्रपति की शाबासी हासिल कर चुके 'जांबाज' इतने तक ही सीमित नहीं है। बार्डर पर भी इस टीम का देश की सुरक्षा और सीमा सुरक्षा बलों के संदेशों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका होती है। सीमा सुरक्षा बल में 25 वर्ष पूर्व 'जांबाज' टीम का गठन इसी उद्देश्य के लिए किया गया था। बीएसएफ इंस्पेक्टर और टीम लीडर इंस्पेक्टर अवशेष सिंह ने बताया कि सरहद पर कई जगह वायरलेस रेडियो काम नहीं करती है। इसके अलावा कई गोपनीय संदेश रेडियो के माध्यम से नहीं भेजे जाते। सरहद के दुर्गम इलाकों में बनी चौकियों तक इन गोपनीय संदेशों को पहुंचाने के लिए इस टीम को बनाया गया था। बीएसएफ के चुने हुई राइडर को चयन के बाद इन्हें 'जांबाज' के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है और इसके बाद सरहद पर लगाया जाता है। इस तरह से 'जांबाज' टीम देश की सुरक्षा और गोपनीयता में अहम है।
'जांबाज' टीम में ज्यादातर ऐसे राइडर हैं, जिनका बाइक राइडिंग शौक और जुनून है। बीएसएफ में आने के बाद उन्हें देशसेवा का भी मौका मिल गया। टीम में शामिल इंस्पेक्टर अवधेश सिंह निवासी गोरखपुर, कांस्टेबल दुर्बेश बाबू निवासी मैनपुरी यूपी, कांस्टेबल अर्जुन सिंह निवासी इंदौर, कांस्टेबल अशोक दीक्षित निवासी भिंड(मध्यप्रदेश), कांस्टेबल उदय प्रताप निवासी भिंड और कांस्टेबल मुत्थू कुमार निवासी तमिलनाडु इसी कड़ी का हिस्सा हैं।
चार नवंबर यानी बुधवार को होने वाले अपने कार्यक्रम के लिए जवानों ने मंगलवार को भी पुलिस लाइन फिल्ड में जमकर पसीना बहाया। इस दौरान डॉग ब्रोजो(ट्रेकर) ने अपना जलवा दिखाया। ब्रोजो किसी भी गंध को सूंघकर उसका पीछा करने में माहिर है। सीमा पर ब्रोजो ने कई बार आतंकियों को ट्रेक किया है। सात डॉग की ये टीम सीमा पर रहती है और इसे विशेष रूप से यहां कार्यक्रम के लिए बुलवाया गया है।

पुलिस लाइन में बीएसएफ के कार्यक्रम का समय चार नवंबर यानी बुधवार को शाम चार से 5.30 बजे होगा। पांच नवंबर यानी गुरुवार को सुबह नौ बजे से 10.30 बजे स्कूली बच्चों के लिए प्रदर्शन होगा। इसके अलावा शाम को 4 से 5.30 बजे कार्यक्रम होगा। स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में बीएसएफ के एडीजी रजनीकांत मिश्र भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

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