रोडवेज के तमाम दावे रविवार को यात्रियों की भीड़ के आगे ध्वस्त हो गए।
त्योहार पर घर जाने वालों की जबरदस्त भीड़ के साथ परीक्षार्थियों के आगे रोडवेज की
व्यवस्था चरमरा गयी। कई रूटों पर बसें न मिलने पर यात्रियों ने हंगामा किया। वहीं
बस में सीट पाने के लिए मारामारी मची रही। यात्री बसों की छत व गेट पर लटककर सफर
करने को मजबूर हुए।
रविवार को लेखपाल की परीक्षा थी, जिसके चलते हजारों
परीक्षार्थी मेरठ आए हुए थे। वहीं फेस्टिव सीजन की शुरुआत के चलते भी यात्रियों की
जबरदस्त भीड़ बस अड्डों पर उमड़ी। भैंसाली बास अड्डे पर दोपहर में मारामारी के हालात
हो गए। हस्तिनापुर, बागपत, मवाना,
बिजनौर के साथ ही नोएडा के लिए बसें नहीं मिलने से हालात बिगड़े। बस
में सीट पाने के लिए यात्रियों में मारामारी मची रही।
कई रूटों की बसें जैसे ही पहुंचती यात्री खिड़कियों से घुसते या सामान
फेंककर सीट कब्जाते। इस दौरान कुछ यात्री आपस में भी भिड़ गए। सोहराबगेट बस अड्डे
पर भी हापुड़, बुलंदशहर, गढ़मुक्तेश्वर व मुरादाबाद
आदि रूटों पर यात्री भीड़ के आगे रोडवेज बसें नहीं मिल पायीं। इस पर यात्रियों ने
हंगामा किया।
बस अड्डा प्रभारियों ने जैसे-तैसे यहां-तहां की बसें भीड़ वाले रूटों पर
लगाकर व्यवस्था संभाली। वहीं एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि रविवार को शहरभर में
यातायात व्यवस्था चौपट हो गयी और जाम लगा। जाम में बसें फंस गयी, जिसके
चलते दिक्कते हुई।

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