Tuesday, September 29, 2015

प्रतिभा आडवाणी की लघु फिल्म - देशभक्ति की धारा प्रवाहित

विश्वविद्यालय के सभागार में सोमवार को प्रतिभा आडवाणी की लघु फिल्म ने देशभक्ति की धारा प्रवाहित कर दी। पर्दे पर जैसे ही दृश्य उभरे, पूरा हाल तालियों से गूंज गया। फिल्मी गानों की पैरोडी पर तिरंगा बनने की कहानी व्यक्त होती रही। ऋग्वेद और महाभारत काल से बहने वाली ध्वजों की धारा में देश का इतिहास भी उभरा। प्रतिभा ने इसमें फिल्मी देशभक्ति गानों की कड़ियां सजाकर तिरंगा की यात्रा को अत्यंत रोचक बना दिया। भागदौड़ और करियर की उलझनों में फंसी नई पीढ़ी ने तिरंगा की यात्रा का हर पल अपने दिल से लगाया।

फिल्म में प्रतिभा ने सबसे पहले तिरंगे के जन्म की कहानी बताई। 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज अस्तित्व में आया, और अब इसे बनाने का अधिकार कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग को मिला है। फिल्म में ध्वजों की पूरी परंपरा पर विस्तार से फोकस किया गया। रामायण काल में रावण और महाभारत में अर्जुन के ध्वजों की जानकारी पर छात्रों ने जमकर ताली बजाई। 10 मई को मेरठ में भारतीय सैनिकों की बगावत और रातभर में दिल्ली पहुंचकर लालकिला पर कब्जा करने का जिक्र आते ही छात्रों में गर्वभाव जाग गया। उन्होंने देर तक तालियां बजाकर पटकथा की तारीफ की। फिल्म के जरिए बताया गया कि वर्ष 1904 में निवेदिता नामक एक महिला ने ध्वज बनाया था, जिसमें पर्दे पर 101 जलते हुए दीये छापे गए थे। बीच में वज्र का निशान था। बंगाल विभाजन के बाद विरोध का दमन तेज कर दिया गया। इसमें सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी के नेतृत्व में एक झंडे के नीचे लड़ाई लड़ी गई। राजाराम मोहन राय ने पहला तिरंगा लहराया, जिसमें बीच में वंदेमातरम् लिखा था। इन दृश्यों के बीच प्रतिभा आडवाणी की प्रस्तुति एवं देशभक्ति गानों को दर्शकों ने काफी पसंद किया। विजयवाड़ा के वेंकैया से महात्मा गांधी ने नया झंडा बनाने के लिए कहा, जिसे 1931 में कांग्रेस अधिवेशन में फहराया गया। इसमें बीच में चरखा बना था, जो लोगों के परिश्रम का प्रतीक माना गया। इसी ध्वज के नीचे भारत छोड़ो आंदोलन ने ताकत पकड़ी। 26 जुलाई 1930 को जवाहरलाल नेहरू ने इसी ध्वज के नीचे पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। किंतु कुछ वर्गो से ध्वज को लेकर आपत्तियां आने लगीं। वर्ष 1931 में झंडा कमेटी बनाई गई। फिर से झंडा बनाने का जिम्मा सौंपा गया। बाद में सफेद रंग का समावेश किया गया। आठ अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने इसमें चरखा जोड़ दिया। नौ अगस्त को तमाम क्रांतिकारी गिरफ्तार कर लिए गए। जबकि मुंबई में आसिफ अली ने इस झंडे को फहराकर स्वाधीनता संग्राम को नई ताकत दे दी। 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा की बैठक में अशोक चक्र को सहमति दी और आजादी मिलते ही 16 अगस्त को यही तिरंगा लालकिला एवं इंडिया गेट पर फहराया गया। पूरी फिल्म मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर, महेन्द्र कपूर, मन्ना-डे, सोनू निगम एवं अन्य तमाम गायकों के स्वरों से सजी रही।

Thursday, September 24, 2015

केंद्र सरकार को ताकत का अहसास कराने की हुंकार भी सिर्फ आश्वासन ही ला सकी

मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए व्यापारी राजनीति की धमाचौकड़ी बेअसर साबित हो रही है। मेरठ-बंद के जरिये प्रदेश व केंद्र सरकार को ताकत का अहसास कराने की हुंकार भी सिर्फ आश्वासन ही ला सकी।
15 सितंबर को मेरठ बंद से शुरु हुई सियासत से व्यापारिक राजनीति भी गरमा गई है। व्यापार संघ में लंबे समय तक राजनीति करने वाले अक्सर हाशिये पर पहुंच जाते हैं। इसे भांपते हुए नवीन ने सियासी पैंतरा खेला। मेरठ बंद के साथ जहां व्यापारिक शक्ति का अहसास कराने का प्रयास किया गया तो भाजपा से दूरी बना सियासी बिसात भी बिछा दी। भाजपा से दूरी बनायी सपा से नजदीकी दिखाई। लोनिवि मंत्री शिवपाल यादव ने नवीन को सपा में आने का निमंत्रण देते हुए जहां भाजपा के वोटबैंक में सेंधमारी का प्रयास किया।
सियासी हवा का रुख भांपते हुए नवीन गुप्ता ने भी सेफ मोड में चाल चल दी। लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी का दामन थामने वाले नवीन सक्रिय राजनीति में प्रवेश के लिए लंबे समय से हाथ-पैर मार रहे हैं। आप से टिकट न मिलने पर नवीन ने बैक गियर डालते हुए फिर से भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, महापौर के साथ ही चार विधायक और कई नेताओं के रहते मजबूत स्थिति बनाना मुश्किल था। ऐसे में उन्हें साइकिल की सवारी मुफीद लग रही है।
संयुक्त व्यापार संघ की राजनीति अब प्रशासन को जड़ तक हिलाने की क्षमता खो चुकी है, लेकिन वोट बैंक व समर्थन के लिहाज से वह किसी भी सियासी दल को लुभाने की क्षमता रखता है। नवीन गुप्ता मौके को भांपते हुए भले चाल चल रहे हैं,लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान संयुक्त व्यापार संघ की धार भी कमजोर हुई। उनके समर्थक इसकी वजह गुटबाजी बता रहे हैं। लेकिन उसकी जिम्मेदारी से नवीन बच नहीं सकते। नवीन गुप्ता निजी व्यापार और जाति विशेष के व्यापारियों का पक्ष लेने के साथ ही कई आरोपों से घिरे। मंत्री शिवपाल यादव से मुलाकात हो या मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से, नवीन गुप्ता स्मार्ट सिटी की पैरवी कम अपने लिए माहौल बनाते ज्यादा नजर आए। उपाध्यक्ष कमल ठाकुर व पवन मित्तल, महामंत्री संजय जैन आदि पूरी तरह से उपेक्षित रहे।

बेदम होती व्यापारिक राजनीति की बानगी बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भी दिखी। इस दौरान संघ पदाधिकारियों की बात करें तो महज गौरव शर्मा, सतीश चंद जैन व विपुल सिंघल ही नवीन गुप्ता के साथ थे। अन्य लोगों ने किनारा कर लिया तो बाहरी लोगों को साथ ले जाया गया। व्यापार संघ में बिखराव साफ दिख रहा है। सियासी पंडितों का कहना है कि सपा ने मेरठ में भाजपाई जड़ें हिलाने के लिए नवीन गुप्ता के रूप में व्यूह रचना की है। नवीन के सियासी कदम से राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है।

Wednesday, September 23, 2015

शहीदों के परिजनों को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने सम्मानित किया

1965 के युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले शहीद मेजर रणबीर ¨सह को राष्ट्रपति भवन में नमन किया गया। जंग के 50 साल पूरे होने पर राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को 1965 वार गोल्डन जुबली कार्यक्रम में देश भर से आमंत्रित शहीदों के परिजनों को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने सम्मानित किया। मवाना रोड डिफेंस कालोनी निवासी शहीद मेजर रणबीर ¨सह की पत्नी सुरेन्द्र कुमारी व पुत्र डा. राजीव ¨सह को सम्मान दिया गया। डा. राजीव ¨सह ने बताया कि 19 पंजाब बटालियन से मेजर रणबीर ¨सह 1965 की लडाई में हाजी पीर, विदोरी व गिटिया पर तिरंगा लहराने के बाद 21 सितंबर को शहीद हो गए थे। 21 सितंबर को तीनों जगह सुबह 11 बजे तिरंगा फहराने के बाद 22 को युद्धविराम की घोषणा हो गई। शहीद होने के छह दिन बाद 27 सितंबर को टेलीग्राम के माध्यम से यह सूचना उनके घर पहुंची थी। इस अवसर पर देश भर से 600 से अधिक शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ¨सह, रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। 

Monday, September 21, 2015

दीवाली तक दिलाएंगे किसानों को पूरा भुगतान

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार न तो खुद सहकारी मिलों से किसानों का गन्ना भुगतान करा रही है और न ही निजी मिलों पर भुगतान का दबाव बना रही है। सोमवार को फिर से इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई है। हाईकोर्ट ने सरकार के आरसी व एफआइआर के दावों को नकारते हुए मिल मालिकों की गिरफ्तारी की सूचना मांगी है। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट के माध्यम से दीवाली तक किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान करा दिया जाएगा।

रविवार को मेरठ में वीएम सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने 29 जुलाई को सहकारी व निजी चीनी मिलों को 15 दिन में किसानों के पूरे भुगतान का आदेश दिया था, लेकिन मिलों ने साजिश करके मुकदमे की फाइल को ही गायब करा दिया। इसे तलाश करके 15 सितंबर को फिर सुनवाई कराई गई। इसके दबाव में सरकार में 290 करोड़ तथा निजी मिलों ने 2650 करोड़ का भुगतान किया। 1167 करोड़ केंद्र सरकार द्वारा निजी मिलों को दिया जाएगा। मिलों ने बची 3500 करोड़ की राशि आगामी सत्र में भुगतान करने की इजाजत मांगी। संगठन ने विरोध करके मिलों की पोल कोर्ट में खोली है। बजाज ग्रुप तीन मिलें बंद करने की बात कर रहा है, जबकि उसने सरकार से इस वर्ष बिना ब्याज का 4800 करोड़ रुपया लोन लिया है। उसे मात्र 2950 करोड़ किसानों को देना है। सिंभावली मिल को भी 490 करोड़ देना है, लेकिन उसने 1300 करोड़ लोन लिया है। यह पैसा लेने के बाद भी किसानों को नहीं दिया। सरकार भी मिलों से मिली है। कोर्ट ने रिकवरी पत्र और एफआइआर के दावों को नकारते हुए मिल मालिकों को जेल भेजने का आदेश दिया है। सोमवार को फिर से कोर्ट में सुनवाई है। दीवाली तक किसानों को उनका शत प्रतिशत भुगतान कराया जाएगा।

68 वर्षो से किसान को बेवकूफ बनाया जा रहा है

गन्ना किसानों के हक की लड़ाई लड़ने वाला राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन, अब राजनीतिक पार्टी गठित करेगा। दावा है कि 50 लाख किसान व 50 लाख मजदूर परिवारों के दम पर वर्ष 2017 में प्रदेश में किसानों की सरकार बनाई जाएगी।

रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने यह घोषणा करते हुए कहा कि 68 वर्षो से किसान को बेवकूफ बनाया जा रहा है। किसान संगठनों ने भी कुछ नहीं किया। मलियाना में जेडी फार्म हाउस में पश्चिमी उ.प्र. के कार्यकर्ता सम्मेलन में नई राजनीतिक पार्टी के स्वरूप पर चर्चा की गई। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने बताया कि आजादी के बाद से सभी दल और किसान संगठन, किसानों की हिमायत के नाम पर उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं। प्रदेश सरकार भी चीनी मिलों से मिलकर किसानों का गन्ना भुगतान नहीं होने दे रही है। प्रदेश में ऐसी सरकार की जरूरत है जो किसानों के हित की बात करे। किसानों का पैसा न देने वाली मिलों को तत्काल सरकार टेकओवर कर ले। 2017 में संगठन प्रदेश में किसानों की सरकार बनाएगा। चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस पर 23 दिसंबर को दिल्ली में संगठन अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेगा। पार्टी का सबसे पहला लक्ष्य यूपी में 2017 में किसानों की सरकार बनाना है। कहा है कि कृषि प्रधान देश में पिछले 15 साल में 3 लाख से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। संगठन 20 वर्षो से किसानों की लड़ाई कोर्ट के माध्यम से लड़ रहा है। विभिन्न जाति धर्मो में बंटे किसानों को किसान बिरादरी में वापस लाना उद्देश्य है। प्रदेश में 50 लाख किसान हैं, उनके साथ 50 लाख से ज्यादा मजदूर जुड़े हैं। एक करोड़ परिवार के लोग संगठन से जुड़े हैं, उन्हीं के दम पर सरकार बनेगी। अच्छा काम करने वाले किसान संगठनों को साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो पार्टी हमारा एजेंडा स्वीकार करेगी, उसी से गठबंधन किया जाएगा। इस दौरान स्वामी ओमवेश ने कहा कि संगठन अपने दम पर ही चुनाव लड़ेगा। न तो किसी को बैशाखी बनाएगा और न ही खुद किसी की बैशाखी बनेगा।

Friday, September 18, 2015

दिल्ली रोड स्थित चैम्बर ऑफ कॉमर्स में रॉयल क्वीन कॉन्टेस्ट का आयोजन

शाइनिंग स्टार वेलनेस क्लब की ओर से गुरुवार को दिल्ली रोड स्थित चैम्बर ऑफ कॉमर्स में रॉयल क्वीन कॉन्टेस्ट का आयोजन किया गया। जिसमें फैशन शो और आत्म विश्वास का परीक्षण कर मीनाक्षी जैन और निमिशा ने सबसे अधिक अंक हासिल कर रॉयल क्वीन का खिताब जीता। कार्यक्रम की शुरूआत अनुपमा अहलूवालिया ने दीप जलाकर की। समारोह का विशेष आकर्षण सेफ निशा वर्मा द्वारा बताई गई मॉक्टेल बनाने की रेसिपी और मुंबई की ब्यूटी एक्सपर्ट प्रियंका अग्रवाल द्वारा दी गई ब्यूटी टिप्स रही। इस अवसर पर शालू गुप्ता, सुषमा, निशा, अनिता, स्वाति और मंजू भी उपस्थित थी। संचालन मोनिका और नितिन ने किया। 

Tuesday, September 15, 2015

मुख्य चौराहे तक जाम की चपेट में

शहर की घनी आबादी से लेकर मुख्य चौराहे तक जाम की चपेट में रहे। घर से शापिंग करने के लिए निकले हो, या ड्यूटी से लौट रहे हों, सब जाम के झाम में फंस गए। कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के शहर में प्रवेश कर पर आधा शहर जाम हो गया। बल्कि बेगमपुल के जाम से निकलने के बाद लोग बच्चा पार्क पर फंस गए।
सोमवार को शहर में कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव का आगमन था। खतौली से तहसील का उद्घाटन करने के बाद शिवपाल यादव मेरठ पहुंचे। उससे पहले ही पूरे शहर में वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था। दोपहर के बाद से ही पुलिस की पूरी व्यवस्था खत्म थी, क्योंकि सभी पुलिसकर्मी उक्त मार्ग पर लगाए गए थे, जहां शिवपाल यादव का कार्यक्रम था। यह हाल तब था, जब कैबिनेट मंत्री हैलीकॉप्टर से पुलिस लाइन में उतरे। दोपहर से ही बेगमपुल,बच्चा पार्क और कचहरी के दोनों साइड़ में जाम की चपेट में थे। जाम कोई दस पंद्रह मिनट नहीं लगा। बल्कि एक घंटे से दो घंटे तक जाम रहा। हैरत की बात यह है कि जनपद में यातायात व्यवस्था को सही रखने के लिए एसपी ट्रैफिक का महत्वपूर्ण पद है। इसके बावजूद भी अभी तो एसपी ट्रैफिक ने कोई व्यवस्था नहीं कि, जो शहर से जाम से लोगों को मुक्ति दिला सकें। आइजी तक स्वीकार कर चुके है कि यातायात पुलिस की शिकायतें सिर्फ वसूली की आती है, जिस पर एसपी ट्रैफिक को सुधार के आदेश भी जारी किए हैं।

कचहरी को दोनों ओर से जोड़ने वाले मार्ग बंद हैं, क्योंकि जलनिगम का काम चल रहा है, वहां इसलिए जाम लग सकता है। बाकी बेगमपुल और बच्चा पार्क पर मामूली समय के लिए जाम लगता है। बाकी जाम से निपटने की पूरी व्यवस्था की गई है।

Friday, September 11, 2015

लालकुर्ती से गुरुवार को परंपरागत तरीके से शोभायात्रा निकाली गयी

लालकुर्ती से गुरुवार को परंपरागत तरीके से शोभायात्रा निकाली गयी। आकर्षक झांकी और कलाकारों ने लीलाओं के मंचन से सभी का ध्यान खींचा। डीजे की धुन पर थिरकते हुए श्रद्धालुओं ने नाचते-झूमते हुए शोभायात्रा निकाली।
सनातन धर्म युवक सभा के तत्वावधान में पंचायती मंदिर लालकुर्ती से शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा का शुभारंभ कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने किया। शोभायात्रा मंदिर से शुरु होकर लालकुर्ती छोटा बाजार, फव्वारा चौक, बड़ा बाजार, शक्तिधाम मंदिर चौक से होते हुए वापस पंचायती मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई।

शोभायात्रा में भगवान श्रीगणेश, दुर्गा जी, शिव परिवार के साथ ही राधा-कृष्ण की झांकी, झूले पर झूलते श्रीकृष्ण-राधा आदि की भव्य झांकियां शामिल रहीं। काली का अखाड़ा, नृत्य करते राधा-कृष्ण की झांकी, रास रचाते मुरलीधर की झांकियों ने अद्भुत छटा बिखेरी। रंग-बिरंगी रोशनी में नहायी झांकियां व कलाकारों की लीलाओं ने सभी का मन मोहा। शोभायात्रा का जगह-जगह आरती से स्वागत हुआ। छतों से पुष्पवर्षा की गयी। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। डीजे पर बजती मधुर भक्ति धुनों से अध्यात्म का प्रसार हुआ। सनातन धर्म युवक सभा के नीरज गोयल, पुरुषोत्तम रस्तोगी, राम अवतार बंसल, जिवेंद्र कुमार, सतीश गर्ग, विजय रस्तोगी के साथ ही अनन्य श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।

Wednesday, September 9, 2015

पिस्टल एक दूसरे पर तान रहे

पुलिस अपनी जांच में भले ही सच को बहुत धुंधला बता रही है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में सच बहुत साफ नजर आ रहा है।
ठीक दस बजे होटल क्रोम में सचिन कसाना की फॉरच्यूनर प्रवेश करती हैं, उसमें से उतरकर सचिन कसाना, वामिक चौधरी, मनीष चपराना और सत्यप्रकाश सीधे होटल क्रोम के बार में जाते हैं, जो टेबल नंबर 11 पर बैठ जाते हैं। अभी वेटर सभी को शराब परोस रहा था। करीब पंद्रह मिनट बाद राहुल हूण की स्कार्पियो पहुंची, जिसमें से उतरकर दानिश अखलाक और राहुल हूण बार में पहुंच सीधे काउंटर पर बैठ गए। दानिश अखलाक ने अपना मोबाइल निकाला और ब्लूटूथ से गाना बजा दिया। तभी वेटर हीरा को बुलाकर सचिन कसाना ने अपने मोबाइल से गाना बजाने की बात कहीं। वेटर ने इन्कार कर दिया। कहासुनी के बाद सचिन कसाना ने वेटर को थप्पड़ मार दिया। वेटर ने भागकर जान बचाई। तभी वेटर जयप्रकाश पहुंचा तो सचिन ने पिस्टल निकालकर उसकी कनपटी पर लगा दी। वामिक चौधरी ने सचिन के हाथ से पिस्टल छीनकर ले ली। तभी सचिन, वामिक, मनीष और सत्यप्रकाश ने बार में पांच टेबल पर बैठे लोगों को बाहर निकाल दिया। वहीं वेटर जय प्रकाश की लगातार पिटाई करते रहे। इसी बीच सचिन कसाना हाथ हिलाते हुए दानिश अखलाक तक पहुंचा और उससे हाथ मिलाया। इसी बीच फिर वेटर की पिटाई करने लगे तो दानिश अखलाक ने छुड़वाकर वेटर जय प्रकाश को मौके से जाने का इशारा किया। वेटर के जाने के बाद वामिक चौधरी ने काउंटर पर बिल पूछा। वेटर ने 2200 रुपये का बिल दिया, जिसमें से 2100 रुपये देकर चारों बार से निकलकर अपनी कार में सवार होकर चले गए। उनके साथ-साथ ही दानिश भी बार से निकला और स्कार्पियो में राहुल हूण के साथ सवार होकर चला गया। हालांकि वामिक चौधरी दावा कर रहा है कि बाहर खड़ी राहुल हूण की स्कार्पियो में अमित भड़ाना भी पीछे की सीट पर बैठा था, जबकि सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।

वर्चस्व के लिए दिखा रहे थे पिस्टल : वीडियो में जिस तरह की गुंडागर्दी हुई। उससे लग रहा था कि दानिश अखलाक और सचिन कसाना बार में अपना वर्चस्व दिखा रहे थे। दोनों के पास ही पिस्टल थी। दानिश ने पिस्टल काउंटर पर रखी तो सचिन कसाना बात बात पर पिस्टल एक दूसरे पर तान रहा था।

Monday, September 7, 2015

सांप्रदायिक बवाल के बाद रविवार को भी तनाव कायम

लालकुर्ती थाना क्षेत्र के हंडिया मोहल्ले में शनिवार को झांकी निकालने को लेकर हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद रविवार को भी तनाव कायम रहा। हालांकि पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया है, लेकिन रविवार को भी झांकी निकालने की सूचना पर पुलिस के कान खड़े हो गए। पुलिस-पीएसी और आरएएफ के साथ अधिकारी लालकुर्ती में घटनास्थल पर देररात तक डटे रहे। झांकी नहीं निकालने दी गई। इस दौरान संघ के विभाग संपर्क प्रमुख अरुण जिंदल के घर को पुलिस ने घेरकर न किसी को बाहर आने दिया न अंदर जाने दिया। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई।
शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर झांकी निकालने को लेकर हंडिया मोहल्ला सुलग उठा था। यहां संप्रदाय विशेष के कुछ लोगों ने संघ के विभाग संपर्क प्रमुख अरुण जिंदल पर कातिलाना हमला कर दिया था। इसे लेकर जमकर उपद्रव हुआ था। इस प्रकरण में 17 लोगों को नामजद करते हुए 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। रविवार सुबह भी इसी घटना को लेकर तनाव बरकरार रहा। हालांकि, सुबह से ही मोहल्ले में अतिरिक्त पुलिसफोर्स तैनात कर दी गई थी। सीओ कादिर राणा को भी पूरे प्रकरण पर निगरानी के लिए लगाया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय लोगों ने एसओ लालकुर्ती प्रदीप द्विवेदी और सीओ का घेराव किया। जमकर हंगामा किया और हमले के आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। मामला उस समय ज्यादा तूल पकड़ गया, जब भाजपाइयों और संघ कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम को भी झांकी निकालने और कीर्तन करने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर फैली तो पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अफसरों ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद कुछ अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से भाजपा के पदाधिकारियों से मुलाकात भी की, लेकिन बात नहीं बन सकी। वहीं दोपहर बाद लगातार मामले में भाजपाइयों और संघ पदाधिकारियों की बैठक अरुण जिंदल के आवास पर होती रही।
शाम होते ही लालकुर्ती हंडिया मोहल्ले को छावनी में बदल दिया गया। ब्रह्मापुरी रफीक अहमद, सीओ महिला थाना कादिर राणा, सीओ वंदना मिश्रा और एक अन्य सीओ समेत पीएसी और आरएएफ को मोहल्ले में तैनात कर दिया गया। संघ के अरुण जिंदल के मकान को भी शाम को पुलिस ने एक तरीके सील कर दिया और उनसे मिलने जाने वाले लोगों को तिराहे पर ही रोका जाने लगा। इस दौरान कई लोगों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की और झड़प भी हुई। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो झांकी निकालने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। वहीं इस पूरे प्रकरण में दो आरोपी इरशाद और माजिद को गिरफ्तार कर लिया गया है। 15 अन्य नामजद आरोपियों समेत 50 अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
अरुण जिंदल के घर लगा भाजपाइयों का तांता

संघ के विभाग संपर्क प्रमुख अरुण जिंदल से मारपीट की सूचना पर रविवार सुबह से ही उनके घर भाजपाइयों व संघ पदाधिकारियों और व्यापारियों का तांता लगा रहा। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल समेत महानगर सर संघचालक विनोद भारती, महानगर कारवां अनिल, कंकरखेड़ा व्यापार संघ अध्यक्ष नीरज मित्तल, भाजपा के चौधरी अजित सिंह आदि मौजूद रहे।

Friday, September 4, 2015

शुभकामनायें

हमारे सभी पाठकों को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें 

मेरठ की विशेषताएं

दिल्ली में स्मार्ट सिटी योजना को लेकर गुरुवार को आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से मिलकर स्मार्ट सिटी के चयन में न्यायपूर्ण फैसला लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मेरठ के साथ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उसे सफल न होने दिया जाए। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें सही फैसला लिए जाने का आश्वासन दिया।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में चुने गए शहरों की आवश्यकताओं तथा उसके लिए धनराशि उपलब्ध कराने पर चर्चा के लिए निदेशक स्मार्ट सिटी ने गुरूवार को नई दिल्ली के जय सिंह रोड स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल में एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की थी। इसमें सभी चयनित शहरों के स्थानीय निकाय अध्यक्षों व निकाय के अफसरों को बुलाया गया। इसमें मेरठ से महापौर और नगर आयुक्त भी शामिल हुए। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने शहरी विकास मंत्री वेंकैयानायडू से कार्यशाला में पहुंचते ही मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मेरठ और रायबरेली को बराबर अंक मिले हैं, लेकिन रायबरेली की तुलना में मेरठ अच्छा शहर है। यहां स्मार्ट सिटी योजना के सफल संचालन की तमाम संभावनाएं हैं।
वेंकैया को बताई मेरठ की विशेषताएं
यह मंडल मुख्यालय है तथा नगर निगम है। एनसीआर में शामिल है। देश की आजादी के लिए 1857 में क्रांति की चिंगारी यहीं से फूटी थी। मेरठ जेएनएनयूआरएम से आच्छादित है। यहां की आबादी भी रायबरेली से पांच गुनी लगभग 20 लाख है। मेरठ में मेट्रो ट्रेन व रैपिड रेल की जल्द उपलब्धता की तैयारी है। खेल, कैंची समेत तमाम उद्योगों में मेरठ विश्वविख्यात है।
प्रदेश में फेल न हो जाए स्मार्ट सिटी
दिल्ली कार्यशाला के दौरान बताया गया कि पहले पूरे महानगर का प्लान बनाया जाए, उसकी आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। स्थानीय लोगों की राय लें, शहर के बुद्धिजीवी लोगों से बात करें। प्लानिंग कर उसके बारे में जनता से सुझाव लिया जाए। इसके बाद उनका प्रोजेक्ट बनाकर धनराशि की मांग की जाए। इस दौरान बताया गया कि योजना के तहत प्रत्येक शहर को केंद्र सरकार हर साल 100 करोड़ रुपये देगी। प्रदेश सरकार को भी प्रत्येक वर्ष 100 रुपये प्रत्येक शहर को देने होंगे। नगर निकाय को भी अपनी आय बढ़ानी होगी। कार्यशाला के बाद उत्तर प्रदेश के नगर निगमों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच यह शंका साफ दिखाई दी कि केंद्र सरकार तो अपने हिस्से के 100 करोड़ प्रत्येक वर्ष प्रत्येक शहर को दे देगी, लेकिन प्रदेश सरकार 13 शहरों के लिए हर साल 1300 करोड़ कहां से लाएगी।
स्मार्ट सिटी प्रकरण को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिले व्यापार
मेरठ को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने के लिए गुरुवार को व्यापारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल न्यू मोहनपुरी स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आवास पर उनसे मिले। अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि मेरठ को 13वें स्थान पर रायबरेली से भी नीचे 13-ब के रूप में रखा गया है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं और ऊंचे रसूख रखने के बावजूद मेरठ की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा के सांसद, महापौर के साथ ही चार विधायक विजयी बनाए हैं। ऐसे में मेरठ के साथ होते भेद-भाव व धोखे को खत्म करके मेरठ को विकास की ओर ले जाने के लिए उसे स्मार्ट सिटी शामिल कराएं। इस दौरान महामंत्री संजय जैन, सतीश चंद जैन, विपुल सिंघल, संजीव रस्तोगी, गौरव शर्मा

Thursday, September 3, 2015

विधायक को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

कैडर विभाजन को लेकर राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह व जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने शहर विधायक हाजी युसूफ अंसारी से मुलाकात की। उनसे फरियाद की कि वे सरकार के समक्ष उनका पक्ष रखे तथा जारी शासनादेश को निरस्त कराएं। विधायक को छह सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य शिक्षा सेवा के सम्मिलित संवर्ग के तीन संवर्ग में विभाजन किसी एक वर्ग को लाभान्वित करना राजकीय शिक्षकों के भविष्य को अंधकारमय बनाना है। विधायक ने भी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से पूरी बात जानी तथा शासनादेश का गहन अध्ययन किया। विधायक ने अचंभा भी जाहिर किया कि खंड शिक्षा अधिकारी कैसे राजकीय अशासकीय, वित्त विहीन हाईस्कूल का निरीक्षण कर सकते हैं। विधायक ने लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री तक इनकी बात रखने की सहमति दी। इस दौरान हरपाल सिंह, डॉ. चन्द्रभान सिंह, डॉ. मेराजुल हसन, शाहिद हुसैन, अरविंद कुमार, गिरिराज सिंह, अचल दीक्षित, अब्दुल शफीक, मुहम्मद शरीफ भी मौजूद रहे।