Thursday, December 31, 2015

दिल्ली-डासना-मेरठ एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास

दिल्ली-डासना-मेरठ एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरठ को 1857 की क्रांति की वजह से याद किया जाता है। अब दिल्ली-डासना-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर अब रफ्तार की गति नहीं रुकेगी।
उनके मुताबिक, विकास से जुड़ने के लिए पक्की सड़कें जरूरी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को गांवों की चिंता थी। उन्होंने गांवों का बदलाव लाने के लिए योजना की शुरुआत की थी। देश को जोड़ने के लिए उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज योजना भी शुरू की थी। वह भारत को वैश्विक स्तर पर लाना चाहते थे।
मोदी ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विकास का बहुत बड़ा कारण बनेगा। मेरठ का विकास दिल्ली से भी तेज होगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश में विकास की योजनाएं जारी रहेंगी।
इस मौके पर उनके साथ नितिन गड़करी, महेश शर्मा, हर्षवर्धन, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक सहित कई नेता मौजूद हैं।

नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण का मसला गंभीर है, हम इस पर काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, दिल्ली से मेरठ की दूरी 40-45 मिनट में तय होगी।

Tuesday, December 29, 2015

स्टंट देख आश्चर्य से फैल गयीं आंखें

जागरण कनेक्शन अल्पविराम के बाद एक बार फिर से शुरू हुआ तो लोगों का उल्लास सातवें आसमान पर जा पहुंचा। सेंट्रल मार्केट में देर रात ही साज-सज्जा हुई तो व्यापारी, क्षेत्रवासी और राहगीरों का कौतूहल बढ़ गया। जब पता चला कि जागरण कनेक्शन का फिर से आगाज हो रहा है, तो लोग खुशी से चहक उठे। वहीं रविवार को सुबह-सवेरे से ही सेंट्रल मार्केट में लोग जुटे। क्रिसमस की थीम पर हुए आयोजन में सेंटा की धूम मची। बच्चों को सेंटा ने चॉकलेट और उपहार बांटे तो बच्चे 'थैंक यू सेंटा' कहते दिखे।
रविवार को कोहरे की चादर में पूरा शहर लिपटा रहा। सुबह से ठिठुरन भरी ठंड और कोहरे की चादर से अलसाई सुबह गहरायी हुई थी। इसके बावजूद लोगों ने ठंड और कोहरे को मात देते हुए जागरण कनेक्शन की ओर रुख किया। सेंट्रल मार्केट में लगे स्टेज पर एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस से फिजां में गरमाहट घुली और चहुंओर उल्लास का वातावरण बन गया।
क्रिसमस की खुशियां और उल्लास बिना सेंटा के कैसे पूरा हो सकता है। जागरण कनेक्शन में क्रिसमस की थीम पर पूरी व्यवस्था हुई। चार सेंटाक्लाज ने पूरे आयोजन में छटा बिखेरी। सभी के लिए मंगलकामना करते हुए शुभाशीष सेंटा ने दिया। बच्चों को विशेष तौर पर उपहार व चॉकलेट-टॉफियों का वितरण किया गया। उपहार पाकर जहां बड़ों के चेहरे खिले, तो वहीं चॉकलेट और टॉफियों ने बच्चों को मुग्ध कर दिया।
'हम किसी से कम नहीं' का टैग लगाए हुए रूबी जब लोगों के बीच में करतब दिखाने आयी तो सभी की आंखें फैल गयीं। डॉग शो में जावेद ने अपनी पालतू रॉटविलीयर रूबी के अनेक हैरतअंगेज कारनामे दिखाए तो सभी चकित रह गए। रूबी ने होठों के बीच में रसगुल्ला रखा और जावेद के कहने पर ही खाया। इसके अलावा आंखों पर पट्टी बंधे-बंधे ही जंप करने, सीढ़ी पर उतरने-चढ़ने व आग में कूदने के करतब दिखाए तो लोग दांतों तले उंगलियां दबाने को विवश हो गए। जावेद उप्र पुलिस में कार्यरत हैं और साथ ही कुशल डॉग ट्रेनर भी हैं।
बैंड और डांस की परफॉमर्ेंस ने सभी का ध्यान खींचा। बीट्स ऑफ डांस के निदेशक समीर खुर्शीद के छात्र तनिष्क चौधरी, मानव, शुभम, आन्या व अद्विता ने अपनी प्रस्तुति से सभी को झूमने पर विवश कर दिया। इस दौरान लैटिन सालसा के साथ ही बैले के कांबीनेशन ने सभी को मोहा। डांस देखने के लिए लोग कुर्सियों पर भी चढ़ने से खुद को नहीं रोक पाए।

बाइक, स्कूटी व साइकिल से प्रोफेशनल्स ने एक से बढ़कर एक स्टंट दिखाए। एक पहिए पर वाहन को चलाना, चलते वाहन पर हवा में पैर उठाना, एक ही स्थान पर घूमना आदि के कतरब देखकर लोगों की आंखें आश्चर्य से फैल गयीं। दिव्यांश व अभिषेक की टीम ने स्टंट दिखा स्कूली छात्र व युवाओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

महिलाओं व बच्चों के लिए अलग-अलग तरह के गेम भी रखे गए। इसमें टंग ट्विस्टर गेम में कच्चा पापड़, पक्का पापड़ आदि वाक्यों को दोहराना काफी मजेदार रहा। कैलाश डेयरी ने कुल्फी बांटी और विजयी बच्चों को पुरस्कृत किया। जागरण कनेक्शन में रूह बैंड की परफॉर्मेस को काफी सराहा गया। इसी बीच भगवान श्रीराम के चरित्र को गीत में ढालते हुए पांच वर्षीय कनक ने भजन सुनाया। पांच मिनट में अब्दुल कलाम की पेंटिंग बनाने वाले छात्र ने सभी का ध्यान खींचा। कार्यक्रम का संचालन नावेद खान ने किया।

Wednesday, December 23, 2015

घर की रसोई में गैस लीक होने से आग लग गई

शहर कोतवाली क्षेत्र बुढ़ाना गेट के पास एक घर की रसोई में गैस लीक होने से आग लग गई। आग की लपटों की चपेट में रसोई के अलावा नजदीक ही कमरे का भी सामान आ गया। आग को बुझाने के प्रयास में दो व्यक्ति मामूली रूप से झुलस गए। सूचना पर कोतवाली पुलिस फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आग से करीब एक लाख से अधिक का सामान जलकर राख हो गया।

बुढ़ाना गेट के पास प्रह्लाद वाटिका में विचित्र वीर पुत्र कालीचरण अपने परिवार के साथ रहते हैं। रविवार को विचित्र वीर के घर की रसोई में परिवार के सदस्य खाना बना रहे थे, तभी गैस का रिसाव होने से सिलेंडर में आग लग गई। चंद सेकेंड में ही आग रसोई के साथ कमरे के सामान में भी पहुंच गई। चीख-पुकार के बीच परिवार के दो सदस्यों ने आग को बुझाने का प्रयास किया, मगर आग के ऊंचे शोले घर की खिड़की और दरवाजों से भी बाहर की ओर आने लगे। मौके पर भगदड़ मच गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। विचित्र ने पुलिस को बताया कि आग में एक लाख से अधिक का सामान जलकर गया। इंस्पेक्टर कोतवाली अजय कुमार ने बताया कि विचित्र वीर के अनुसार आग का कारण रसोई में सिलेंडर से गैस रिसाव है।

Monday, December 21, 2015

जब जीएम सिटी स्टेशन पहुंचे

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का रविवार को मुरादाबाद मंडल अंतर्गत खुजा-खरखौदा के बीच निरीक्षण का कार्यक्रम प्रस्तावित था। एकाएक जब जीएम सिटी स्टेशन पहुंचे तो अफसर सन्न रह गए। यहां से वह कार से निजी कार्यक्रम में शिरकत के लिए रवाना हुए। बाद में अपनी स्पेशल वैगन के जरिए ऋषिकेश पैसेंजर से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दौरान अफसरों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
उत्तर रेलवे के जीएम एके पूठिया का रविवार को मुरादाबाद मंडल में कार्यक्रम था। उन्होंने खुर्जा से खरखौदा के बीच अपनी विशेष वैगन में बैठकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कुछ क्षेत्रवासियों ने स्थानीय रेल समस्याओं से निजात दिलाने के लिए ज्ञापन भी दिए। जीएम दोपहर डेढ़ बजे करीब अपनी स्पेशल ट्रेन से सिटी स्टेशन पहुंचे। यहां पहले से ही साफ-सफाई की माकूल की व्यवस्था की गयी थी।

ट्रेन से निकलकर जीएम ने स्टेशन अधीक्षक आरपी त्रिपाठी से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अफसरों को बेहतर रेल सुविधाएं देने के निर्देश दिए। स्टेशन का फौरी तौर पर निरीक्षण भी किया। मुरादाबाद के डीआरएम, सिटी स्टेशन के कोचिंग डिपो अधिकारी टीपी सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर एके खान, आरपीएफ इंस्पेक्टर आरके यादव समेत तमाम अफसर मौजूद रहे। वहीं जीएम के दौरे के दौरान पूरे स्टेशन पर चाक-चौबंद व्यवस्था रही। पन्द्रह मिनट की देरी से दोपहर 3.25 मिनट पर ऋषिकेश-हरिद्वार-दिल्ली पैसेंजर सिटी स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन में जीएम की विशेष वैगन को अटैच कर दिल्ली रवानगी हुई। दौरे के दौरान अफसरों की सांसें उखड़ी रहीं।

Friday, December 18, 2015

सड़क सुरक्षा अभियान

 'सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें' सड़क सुरक्षा अभियान टीएसआइ दीन दयाल दीक्षित के नेतृत्व में गुरुवार को तेजगढ़ी चौराहे पर चलाया गया। ढाई घंटे तक चले अभियान में दो और चार पहिया दर्जनों वाहनों की चेकिंग की गई। बाइक चालकों को हेलमेट और कार वालों को सीट बेल्ट लगाने के प्रति जागरूक किया गया। अभियान में बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

शास्त्रीनगर, हापुड़ रोड, विवि रोड और मेडिकल कालेज की ओर से तेजगढ़ी चौराहे पर आने-जाने वाले वाली बाइक, स्कूटी और कारों को रोका गया। इस दौरान गलत तरीके से कई कारों पर लगाए गए हूटर उतारे गए। काली फिल्म भी निकाली गई। शीशे पर टांगकर या साथी को हेलमेट पकड़ाकर चल रहे बाइक सवारों को टीएसआइ दीन दयाल दीक्षित ने खुद हेलमेट पहनाया। तक्षशिला कालोनी स्थित बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रशांत सिंघल, ऋषभ यादव, अमन यादव, सक्षम खटाना, कविंद्र पूनिया, शिवम व अमित के अलावा अध्यापक राजीव यादव और हर्ष शर्मा ने यातायात नियमों के पंफलेट वाहन चालकों को देकर यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। सड़क सुरक्षा अभियान का नेतृत्व कर रहे टीएसआइ दीन दयाल दीक्षित ने काली फिल्म, बिना कागजात व बिना हेलमेट पर एक दर्जन चालान काटे।

Tuesday, December 15, 2015

बीपीएड एवं एमपीएड (सत्र 2015-16) पाठ्यक्रम

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत संचालित बीपीएड एवं एमपीएड (सत्र 2015-16) पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में पहले दिन उपस्थिति शून्य रहने के बाद शनिवार को खिलाड़ी पहुंचे। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दूसरे दिन 16 खिलाड़ी पहुंचे। इनमें से चार अभ्यर्थी एमपीएड और 12 अभ्यर्थी बीपीएड के रहे। चयन समिति के सदस्य जबर सिंह ने बताया कि सिटअप, ब्रॉड जंप दौड़, पुलअप, 50 600 मीटर की दौड़ आदि के जरिए अभ्यर्थियों का परीक्षण किया गया। हर खेल के लिए निर्धारित समय में न्यूनतम समय लेने वाले अभ्यर्थियों को ही चयनित किया जाएगा। उक्त पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए अगले दो दिन और विवि परिसर में शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। उसके बाद परिणाम जारी कर तिथि के अनुसार काउंसलिंग कराई जाएगी।

Friday, December 11, 2015

मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस-वे एक नजर में

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने भरोसा दिलाया है कि मेरठ से दिल्ली के बीच का 75 किमी का सफर दो वर्ष में महज 40 मिनट में तय होने लगेगा। दैनिक जागरण की ओर से गुरुवार को आयोजित जागरण फोरम में गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। इस पर जनवरी से काम शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में मेरठ से दिल्ली के सफर में आमतौर पर ढाई से तीन घंटे का समय लग जाता है और जनता को जाम और भारी प्रदूषण आदि से जूझना पड़ता है।
जागरण फोरम के विशेष सत्र में सवालों के जवाब में गडकरी ने कहा कि दिल्ली के जाम में मैं पहली बार नहीं फंसा। रोज फंसता हूं। खासकर एयरपोर्ट जाते वक्त धौलाकुआं से गुड़गांव के बीच। इसलिए एनएचएआइ से डिजाइन देने को कहा है। दिल्ली के ट्रैफिक के अध्ययन के आदेश भी दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को मिलेगी। भूरेलाल समिति की रिपोर्ट पर 13 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी तैयार कर दिया है। लेकिन वास्तविक समाधान ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे बनने पर होगा। इन्हें 400 दिन में पूरा करेंगे। दिल्ली जयपुर हाईवे के बारे में गडकरी का कहना था कि 87 फीसद काम पूरा हो चुका है। 55 फ्लाईओवर में से 50 पूरे हो गए हैं। बाकी भी मार्च तक पूरे हो जाएंगे।

दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ब्रिज से डासना तक एक्सप्रेस वे और हाईवे को मिलाकर कुल 14 लेन की सड़क बनेगी। इसमें छह लेन का एक्सप्रेस-वे होगा जबकि आठ लेन का हाईवे। यह दूरी लगभग 30 किमी की होगी। इसके बाद एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ परतापुर तिराहे तक छह लेन का आएगा। यहां से बच्चा पार्क के निकट एनएच-235 को कनेक्ट करेगा।
ये हैं चुनौतियां

प्रोजेक्ट के लिए मेरठ के 14 गांव की 108.36 हेक्टेयर भूमि जबकि गाजियाबाद के 19 गांव की 333 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। अधिग्रहण को लेकर पेच अब भी फंसा है। किसानों की मांग है कि उन्हें मुआवजा 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दिया जाए, लेकिन जो सरकारी रेट है, वह एक तिहाई से भी कम बताई जा रही है, जो किसानों को मान्य नहीं है। वैसे भी मेरठ में अब तक 10 गांव की भूमि के अधिग्रहण की ही प्रक्रिया पूरी हुई है।

Wednesday, December 9, 2015

गुंडई किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी

बीच सड़क पर मेरठ कालेज के छात्र संघ पूर्व अध्यक्ष दुष्यंत तोमर व मेरठ कालेज छात्र नेता गगन सोम और उनके समर्थकों में मारपीट, पथराव व फाय¨रग हुई थी। हमलावर छात्रों के असलहों से निकली एक गोली पीएफ ऑफिस की खिड़की को तोड़ती हुई अंदर खड़े मेरठ रीजनल कमिश्नर ग्रेड-दो विकास सोदाई की कनपटी के बराबर से निकल गई, जिसमें वह बाल-बाल बचे। इस प्रकरण में दुष्यंत तोमर और गगन सोम की ओर से एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मौके से चीकू पंडित और विकास उर्फ विक्की को धर दबोचा। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। मंगलवार को एसएसपी दिनेश चंद दूबे के आदेश पर मेडिकल, नौचंदी, लिसाड़ी गेट और भावनपुर थाने की पुलिस ने दोनों आरोपियों के यहां पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जिसमें पुलिस ने सबसे पहले मेडिकल थाना क्षेत्र कीर्ति पैलेस में दुष्यंत तोमर के रिश्तेदार ए-10 निवासी योगेंद्र तोमर के घर छापेमारी की, मगर वहां न महिलाओं के सिवा कोई नहीं मिला। फिर दूसरे पक्ष के मोहित भाटी पुत्र चरत सिंह लेखपाल के घर जागृति विहार सेक्टर नौ में छापा मारा। उसके बाद दुष्यंत तोमर के गांव मऊखास में मकान पर छापा मारा, जहां दुष्यंत की मां थी, पुलिस पूछताछ कर वापस हो गई। फिर शास्त्रीनगर सेक्टर तीन में डा. अशोक गर्ग नर्सिग होम के पास एक मकान में छापा मारा। इस छापेमारी में मुख्य बात यह रही कि मेडिकल एसओ बिंदुबार एसएसपी को अवगत करा रहे थे।
छात्र नेता दुष्यंत तोमर और गगन सोम के अलावा उनके साथियों के भी स्वीच ऑफ हैं। सभी आरोपी अंडर ग्राउंड हो चुके हैं। मंगलवार को दिनभर चली छापेमारी के बाद रात देर रात तक पुलिस के हत्थे आरोपी नहीं चढ़ सके । दोपहर के समय पुलिस को सूचना मिली कि गगन सोम कचहरी में अपनी जमानत के लिए पहुंचा हुआ है, जिसके बाद पुलिस कचहरी पहुंची और घेराबंदी की, मगर आरोपी पकड़ में नहीं आ सका।
आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उनका समर्थन करने वालों पर कार्रवाई होगी। गुंडई किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Tuesday, December 8, 2015

असहिष्णुता- राजनैतिक मुद्दा

ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्जेंडर इवांस का कहना है कि वर्तमान समय में आइएसआइएस दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनाती के रूप में खड़ा है। इनका दायरा किसी एक देश की सीमा में नहीं बल्कि विश्व के कई देशों तक पहुंच चुका है। ब्रिटिश सरकार आइएस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में आतंकवाद अफगानिस्तान की पहाड़ियों में ही नजर आता था, लेकिन अब सीरिया के साथ ही लीबिया भी चिंता का विषय है। आइएस के साथ मालदीव, अल्जीरिया, यूएस, यूके आदि देशों के युवा जुड़ रहे हैं। इसलिए अब यह चुनौती बड़ी बन गई है। ब्रिटिश उच्चायुक्त सोमवार को मवाना रोड स्थित आइआइएमटी एकेडमी में छात्रों को संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले कुछ समय से चल रहे असहिष्णुता मसले पर उन्होंने कहा कि यह एक राजनैतिक मुद्दा है जिसमें लोगों के अलग-अलग मत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अनेकता व लोकतांत्रिक ढांचा ही 21वीं सदी में इसकी सबसे बड़ी ताकत है और यही इसकी सहिष्णुता भी है।
रविवार को ब्रिटेन में तीन लोगों पर चाकू से हुए हमले पर उन्होंने कहा कि इसे किसी खास धर्म से जोड़कर नहीं बल्कि आतंकी वारदात के रूप में ही देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत भी आतंकी हमले का शिकार रहा है। आइएस को भी किसी धर्म से जोड़कर नहीं बल्कि आतंक के रूप में देखा जाना चाहिए। पेरिस में चल रहे पर्यावरण सम्मेलन पर उच्चायुक्त ने कहा कि ब्रिटिश सरकार पर्यावरण मामलों में विकासशील देशों की तकनीकी मदद के लिए कटिबद्ध है। लेकिन इस बैठक से निकलने वाले बिंदुओं पर विश्व भर के देशों में सहमति बनना लाभकारी होगा।

Thursday, December 3, 2015

तमंचे के बल पर 25 हजार व सोने की चेन लूट ली

बहरामपुर-तिगड्डा मार्ग के पास से बुधवार शाम को स्कूल से वापस घर जा रहे शिक्षक और शिक्षिका से बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर 25 हजार व सोने की चेन लूट ली। लेकिन साहस का परिचय देते हुए शिक्षक-शिक्षिका ने एक बदमाश को पकड़ लिया। पुलिस ने पकड़े गये बदमाश को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से तमंचा बरामद कर लिया है। तीनों बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

मेरठ निवासी रीना राणा और राजकुमार बहरामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्यापन करते हैं। बुधवार शाम को रीना राणा, साथी अध्यापक राजकुमार के साथ स्कूटी से घर के लिए चली थीं। बहरामपुर-तिगड्डा मार्ग के पास पहले से खड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने स्कूटी रुकवा कर लूटपाट शुरू कर दी। रीना के गले की सोने की चेन व पर्स छीनकर भागने लगे तो इन लोगों ने शोर मचा दिया। तब तक कई ग्रामीण आ गए। रीना तथा राजकुमार ने एक बदमाश को पकड़ लिया। लेकिन उनके दो साथी भाग गए। सूचना पर पुलिस ने बदमाश को हिरासत में लेकर तमंचा बरामद कर लिया। पकड़े गये बदमाश ने अपना नाम गोलू उर्फ आयुष गुप्ता निवासी रसूलपुर जाहिद थाना रोहटा व अपने साथियों के नाम सिकंदर त्यागी और आकाश त्यागी निवासी कैथवाड़ी बताये हैं। गोलू उर्फ आयुष गुप्ता की निशानदेही पर पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की है। जानी थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि बदमाश और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

Tuesday, December 1, 2015

चीत्कारों पर भी साहबों का सन्नाटा नहीं टूट रहा

दो रोज पहले दो टेंपो चालकों की रेस में सनबीम स्कूल के छात्र प्रणब की जान चली गई पर जिम्मेदार विभाग पर कोई असर दिखाई नहीं देता। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। वाहनों का नियम विरुद्ध संचालन थम नहीं रहा। टेंपो-ऑटो तो बेधड़क दौड़ ही रहे हैं, अब तो हजारों की संख्या में ई-रिक्शा सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में हादसे लगातार हो रहे हैं। चीत्कारों पर भी साहबों का सन्नाटा नहीं टूट रहा।
नियम-कायदों की नहीं परवाह
सड़कों पर नियम-कायदों को ठेंगा दिखाते टेंपो और आटो दौड़ रहे हैं। न तो इनकी फिटनेस की जांच होती है न ही कोई और शिकंजा कसा जाता है। देखने में आता है कि टेंपो-आटो चालक भीड़ में यातायात नियमों को धता बताते हुए बेधड़क निकल जाते हैं। ई-रिक्शा के रूप में एक नई मुसीबत और खड़ी हो चुकी है।
ई-रिक्शा में जान हथेली पर
अगर ई-रिक्शा में कोई सवार है तो समझिए कि उसकी जान हथेली पर है। ई-रिक्शा वैसे तो बैट्री से चलता है। इसे चलाना भी आसान है। इसमें कोई विशेष खर्चा भी नहीं होता। शहर के अधिकांश हाथ रिक्शा चालकों ने इसे अपना भी लिया है। अब सड़क पर जिधर देखो ई-रिक्शा नजर आता है। एक साल के भीतर शहर की सड़कों पर दस से 15 हजार के बीच ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं।
एक भी पंजीकरण नहीं
केंद्र सरकार ने बैट्री से चलने वाले ई-रिक्शा को वातावरण का मित्र मानते हुए इसके संचालन की अनुमति दी थी, लेकिन पंजीकरण और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस आवश्यक किया था। सचाई यह है कि शहर में आज तक एक भी ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं हुआ है। मात्र एक व्यक्ति ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया है। अनट्रेंड लोगों के हाथ में ई-रिक्शा का स्टेय¨रग होता है।
सरकार की सहूलियत पर अमल नहीं
ई-रिक्शा चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस की शर्तो में तमाम छूट देते हुए सरकार ने विशेष लाइसेंस जारी करने की तैयारी की। स्पेशल सॉफ्टवेयर पूरे प्रदेश में उपलब्ध कराया गया, लेकिन सब कुछ बेकार। कोई चालक लाइसेंस लेने के लिए नहीं आ रहा है।
ई-रिक्शा वालों को ये है छूट
- कोई शैक्षिक योग्यता की जरूरत नहीं।
- एक साल पुराना लाइसेंस भी नहीं चाहिए।
- उम्र बीस वर्ष से कम न हो।
- ड्राइविंग स्कूल से प्रशिक्षण के स्थान पर केवल 10 दिन का प्रशिक्षण जरूरी।
डीलर भी कर रहे मनमानी
प्रदेश में ई-रिक्शा की बिक्री के लिए अभी तक मात्र छह कंपनियों ने परिवहन आयुक्त से अनुमति प्राप्त की है। इन कंपनियों से डीलरशिप लेने वाले पांच शोरूम मालिकों ने आरटीओ मेरठ में पंजीकरण कराकर ट्रेड सर्टिफिकेट प्राप्त किया है। नियम है कि कोई भी वाहन परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त करने से पहले सड़क पर नहीं उतरेगा लेकिन सभी डीलर धड़ाधड़ ई-रिक्शा की बिक्री कर रहे हैं और बिना पंजीकरण ही उन्हें सौंप रहे हैं। यह ट्रेड सर्टिफिकेट की शर्तो का उल्लंघन है।
न रूट बनाए, न डंडा चलाया
ई-रिक्शा चालक और डीलर सभी मनमानी पर उतारू हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के कंधे पर जिम्मेदारी है कि वे इस मनमानी के खिलाफ डंडा चलाएं और जनता को सुरक्षित यातायात की सुविधा उपलब्ध कराएं। लेकिन दोनों विभागों के अफसर कुंभकर्णी नींद में हैं।
घोषणा हवाई रह गई
आरटीओ ने अवैध रूप से चलने वाले ई-रिक्शा संचालकों के खिलाफ अगस्त से अभियान चलाने की घोषणा की थी लेकिन वह सब हवा-हवाई रहा। जबकि 22 जुलाई को आरटीए की बैठक में कमिश्नर की अध्यक्षता में ई-रिक्शा के लिए शहर में 17 रूट निर्धारित करके, सभी को पंजीकरण और लाइसेंस के साथ विशेष रूट का परमिट जारी करने का फैसला लिया गया था।
छह कंपनियों का ही बिक सकता है ई-रिक्शा
ब्रांड का नाम कंपनी
1. यात्री वाई सी इलेक्ट्रिकल व्हीकल मुंडका दिल्ली
2. हावेल हावेल सिलेंडर प्राइवेट लि.
3. विक्टरी विक्टरी इलेक्ट्रिक इंटरनेशनल बहादुरगढ़ हरियाणा
4. मैक्सी निखिल फर्नीचर नागपुर
5. सारथी चेंपियन पॉलीप्लास्ट नई दिल्ली
6. ठुकराल ठुकराल इलेक्ट्रिक बाइक प्रा. लि.
मेरठ में ये डीलर हैं पंजीकृत
1. आदि शक्ति ई रिक्शा गंगानगर
2. मेरठ एंटरप्राइजेज जमुनानगर हापुड़ रोड
3. मै. वर्मा एंटरप्राइजेज जाग्रति विहार
4. सतगुरु एंटरप्राइजेज कृष्णा विहार भोला रोड
5. मित्तल एंटरप्राइजेज बागपत रोड
हंगामे से डरते हैं अफसर

परिवहन अफसर अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई करने से इसलिए डरते हैं कि रिक्शा चालकों की भीड़ इसके खिलाफ हंगामा करेगी। परिवहन अफसरों का कहना है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद इस संबंध में कोई कार्रवाई की योजना तैयार की जाएगी।

Monday, November 30, 2015

गंगा स्वच्छता अभियान

आकांक्षानिरुद्ध फाउंडेशन की ओर से चौ. चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाष चंद बोस प्रेक्षागृह में 'गंगा नदी संरक्षण में समाज की भूमिका' विषय पर हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी में गंगा संरक्षण के लिए सभी के सहयोग का आह्वान हुआ। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा प्लान की मौजूदा स्थिति व स्वच्छता के बाद के मॉडल को प्रस्तुत किया। वहीं जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने दो टूक कहा कि सरकार गंगा नदी को साफ कर भी दे तो तब भी इसका स्वच्छता को बनाए रखना सभी के सहयोग के बिना संभव नहीं है। उन्होंने हर क्षेत्र व हर वर्ग से सहयोग की अपील की।
आकांक्षा निरुद्ध फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष अनिता सिंह ने गंगा के साथ उसकी सहायक नदियों में प्रदूषण व समस्याओं को गिनाया। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने दोनों मंत्रियों का स्वागत करते हुए क्षेत्र की समस्याएं गिनाई। उन्होंने कहा कि काली नदी का जल छूना बीमारियों को आमंत्रित करने जैसा हो गया है। मेरठ से जुड़ी विकास योजनाओं पर गडकरी से तस्वीर साफ करने का निवेदन किया।
महामंडलेश्वर भैय्या दास महाराज ने कहा कि नदी किनारे स्तुति शांति देती है। स्नान से पुण्य मिलता है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम अपने धर्म की प्रति समर्पित रहते हैं। उनसे ¨हदुओं को सीखना होगा। विवि कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने सभी का अभिनंदन किया। संचालन रमन त्यागी ने किया। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल टोल समस्या, परतापुर पर गोल सर्किल निर्माण, भोला रोड व खिर्वा रोड चौराहे पर अंडर पास या फ्लाई ओवर निर्माण आदि मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक रविंद्र भड़ाना, सोमेंद्र तोमर, विनीत शारदा अग्रवाल, सुधीर चौहान, आलोक सिसौदिया, वीनस शर्मा, ललित नागदेव आदि उपस्थित रहे।
विद्यार्थी खुशी शर्मा, अक्षिता बहुगुणा को सम्मानित भी किया गया। यहां से नितिन गडकरी चाणक्यपुरी स्थित सांसद के आवास पर पहुंचे। यहां करुणेश नंदन गर्ग, अजय गुप्ता, हर्ष गोयल, सुरेश जैन रितुराज, डा. चरण सिंह लिसाड़ी, नरेंद्र राष्ट्रवादी, सुनील शर्मा, ललित नागदेव, ऋषभ, अंकित आदि ने स्वागत किया।

शुरुआत में संबोधन के दौरान फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष अनिता सिंह की तबियत बिगड़ गई। वह गिरने लगीं, जिस पर रमन त्यागी आदि ने उन्हें संभाला। उमा भारती ने अनिता सिंह के माथे पर हाथ रखकर दिलासा दी। उमा भारती ने बताया कि अनिता की पुत्री आकांक्षा व दामाद अनिरुद्ध की एकाएक हुई मौत ने उन्हें तोड़ दिया। बेटी की मृत्यु के समाचार के वक्त अनिता हरिद्वार में मेरे साथ थीं। मेरे कहने पर ही वह गंगा स्वच्छता अभियान से जुड़ीं।

Friday, November 27, 2015

पत्रकार सुबोध कुमार विनोद का निधन

पत्रकार सुबोध कुमार विनोद का निधन कल मेरठ मे हृदय गति रुकने का कारण हो गया । श्री सुबोध कुमार विनोद प्रभात दैनिक समाचार पत्र के संपादक रहे और उन्हे काम में ईमानदार माना जाता था । श्री सुबोध कुमार विनोद के दो पुत्र ( सुमित और शाशंक विनोद ) भतीजा ( अनुज विनोद ) हैं । मुखाग्नि छोटे पुत्र ने दी ।
परम पिता से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे ।
हमारी ओर से दिवंगत आत्मा को भाव भीनी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि । 

'संविधान दिवस'

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से देश में पहली बार 26 नवंबर गुरुवार को 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया गया। देश की नई पीढ़ी को संविधान से रूबरू कराने के लिए इस दिन स्कूलों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों की कड़ी में सबसे पहले प्रार्थना के समय ही छात्र-छात्राओं को संविधान की प्रस्तावना पढ़ाई गई। इसके साथ ही विभिन्न स्कूलों में छात्र संसद आयोजित की गई।

गार्गी ग‌र्ल्स स्कूल में प्रधानाचार्या अनुपमा सक्सेना ने छात्राओं को संविधान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। वेस्ट एड रोड स्थित गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य कपिल सूद ने छात्रों को संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के संस्थापक डा. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य लोगों के बारे में बताया। केंद्रीय विद्यालय सिख लाइंस में आयोजित युवा संसद में विपक्षी सांसदों ने महंगाई, सुरक्षा, आतंकवाद, विदेश नीति तथा शिक्षा नीति जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की। सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्य प्रेम मेहता ने जानकारी दी। राधा गोविंद पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्या विनीता गुप्ता ने बच्चों को संविधान की जानकारी दी। जसवंत मिल्स इंटर कालेज में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डा. राजेश अग्रवाल ने छात्रों को संविधान की उपयोगिता के बारे में बताया।

Tuesday, November 24, 2015

वेस्ट वेजीटेबल आयल यानि ढंढेल के फायदे

हमारे देश में अधिकांश वाहन डीजल व पेट्रोल ईंधन से चलते हैं, लेकिन यदि डीजल की जगह ऐसा विकल्प आपको मिल जाए जो घर पर ही तैयार हो सकता है तो शायद आपकी खुशी का ठिकाना न रहे। इस ईंधन की खास बात यह भी है कि डीजल की अपेक्षा ज्यादा सक्षम होने के साथ-साथ कम प्रदूषण फैलाने वाला भी है।
ट्रांसलेम एकेडमी में पढने वाले कक्षा 11 के छात्र 15 वर्षीय हाíदक रस्तोगी ने डीजल का एक ऐसा होममेड विकल्प तैयार किया है जो घर की रसोई में खाना बनाने के बाद बचने वाले काले तेल से तैयार हो सकता है।
दो-तीन बार तलने के बाद बेकार हो जाता है वनस्पति तेल
दो से तीन बार खाद्य सामग्री तलने के बाद वेस्ट वेजीटेबल आयल यानि काला तेल फेंक दिया जाता है। इस काले तेल को फिल्टर करके डीजल के रूप में लाया जा सकता है। इस बचे हुए काले तेल को आम भाषा में ढंढेल भी कहते हैं।
वेस्ट वेजीटेबल आयल यानि ढंढेल के फायदे
हाíदक का कहना है कि उन्होंने इस काले तेल को कार में डीजल की जगह उपयोग में लाकर देखा तो परिणाम बेहतर निकले। डीजल की अपेक्षा निम्न ¨बदुओं फायदेमंद साबित हुआ -
1. बचे हुए काले तेल को फेंकने के बजाय उपयोग में लाना।
2. डीजल की अपेक्षा वायु प्रदूषण कम होना
3. डीजल की अपेक्षा बचे हुए पाíटकल्स कम बाहर आना
4. डीजल की अपेक्षा जहरीली गैस न निकलना
5. डीजल की अपेक्षा सस्ता पड़ना
स्लाइड पर कम मिले ब्लैक पाíटकल्स
हाíदक ने बताया कि उन्होंने वायु प्रदूषण को चेक करने के लिए डीजल व वेस्ट वेजीटेबल आयल का टेस्ट किया। एक साथ दो जनरेटर सेट में एक को डीजल से जबकि दूसरे को वेस्ट वेजीटेबल आयल से चलाया गया। दोनों के साइलेंसरों पर अलग-अलग सफेद कागज लगाए गए। वेस्ट आयल से चल रहे जनरेटर पर, डीजल से संचालित जनरेटर की अपेक्षा बेहद कम ब्लैक पाíटकल मिले। यानी वेस्ट आयल से प्रदूषण भी कम हुआ।
वेस्ट वेजीटेबल आयल से चलाई बाइक
हाíदक ने बाइक में वेस्ट वेजीटेबल आयल यानि ढंढेल को डीजल की जगह डालकर चलाया तो वह दौड़ने लगी। अपने इस प्रोजेक्ट को आगे बढाने के लिए हाíदक ने शहर के कई रेस्टोरेंटों से वेस्ट वेजीटेबल आयल एकत्र करना शुरू कर दिया है।
विज्ञान घर में तीसरा स्थान प्राप्त कर चुका है हाíदक

15 वर्षीय पीसीएम के छात्र हाíदक रस्तोगी अपने वैज्ञानिक दिमाग का लोहा विज्ञान घर में मनवा चुके हैं। ट्रांसलेम एकेडमी में आयोजित हुए वैज्ञानिक गतिविधियों पर आधारित देश के पहले शो विज्ञान घर में हाíदक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया था। हाíदक अपने परिवार के साथ फूलबाग कालोनी में रहते हैं। उनके पिता श्याम नारायण रस्तोगी बि¨ल्डग मैटीरियल सप्लायर हैं।

Monday, November 23, 2015

आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई

रविवार को क्षेत्र के सभी गांवों के प्रधान पद के प्रत्याशियों की बैठक करके पुलिस ने आचार संहिता का पाठ पढ़ाया। साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

जानसठ थाना क्षेत्र में कुल 26 ग्राम पंचायत हैं। सभी ग्राम पंचायत के सैकड़ों प्रत्याशियों की इंस्पेक्टर धनंजय मिश्र ने थाने में बैठक ली। उन्होंने बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने पर जहां संबंधित व्यक्ति की खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, वहीं प्रत्याशी का चुनाव भी खतरे में पड़ सकता है। कोई विकलांग या वृद्ध मतदाता को उसके ही परिजन ला सकते हैं, अन्य कोई व्यक्ति ले जाते हुए पकड़ा गया तो वह आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आएगा।

Wednesday, November 18, 2015

गगोल तीर्थ के विशाल सरोवर में हर साल हजारों श्रद्धालु सूर्य षष्ठी पर्व मनाते हैं

दैनिक जागरण का विशेष सफाई अभियान 'स्वच्छ मेरठ, स्वस्थ मेरठ' मंगलवार को पौराणिक महत्व वाले व महर्षि विश्वामित्र की तप स्थली गगोल तीर्थ पर चला। छठ पूजा से ठीक पहले हुई सफाई से वहां के हालात ही बदल गए। कुछ देर में ही पूरे क्षेत्र का कायाकल्प हो गया। वहां फैला कूड़ा, घास व झाड़ियां साफ कर दी गई। मुख्य मार्ग से लेकर पूरे तीर्थ स्थल पर चूना डाला गया व रंगोलियां बनाकर सजा दिया गया। निगम के टैंकर से छिड़काव के बाद पूरा क्षेत्र रमणीय हो गया। गंदगी से मायूस श्रद्धालुओं के चेहरे हालात बदले देख चमक गए।
गगोल तीर्थ के विशाल सरोवर में हर साल हजारों श्रद्धालु सूर्य षष्ठी पर्व मनाते हैं। छठ पूजा करते हैं। दैनिक जागरण के इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य भी यही था कि यहां छठ पूजा करने के लिए दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की पूजा को सुगम बनाया जा सके। जागरण के प्रयास सफल रहे। मंगलवार को दिन निकलते ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह के निर्देशन तथा सफाई व खाद्य निरीक्षक विकास लोहरा के नेतृत्व में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का विशेष दस्ता विभिन्न वाहनों व जेसीबी मशीन के साथ वहां पहुंच गया। अभियान के दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया तथा दैनिक जागरण के समाचार संपादक मनोज झा ने सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
गगोल तीर्थ के सरोवर पर दो ओर पक्के पत्थर लगे हैं लेकिन दो ओर ईंट का खड़ंजा बना है। जहां घास व झाड़ियां उग जाती हैं। कुछ समय पहले तक वेदी बनाने के लिए साफ स्थान की तलाश कर रहे श्रद्धालुओं ने सफाई होते ही धड़ाधड़ वेदियां बनानी शुरू कर दी।

दैनिक जागरण के सफाई अभियान के बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं के चेहरे खुशी से चहक रहे थे। शेर सिंह ने कहा कि यहां छठ पूजा करना सौभाग्य की बात है। लेकिन यहां के हालात मन को अस्थिर कर रहे थे। अपर्णा ने कहा कि दैनिक जागरण के विशेष सफाई ने यहां छठ पूजा को सुगम बना दिया है। लाल सिंह पाल ने कहा कि गगोल तीर्थ के विशाल सरोवर में छठ पूजा करने का अलग ही आनंद है। बाबूराम ने कहा कि सफाई के लिए पूरे देश में अलख जगा रहे दैनिक जागरण ने यहां सफाई अभियान चलाकर बड़ी समाज सेवा की है। तीर्थ स्थल पर रहने वाले बाबा रघुवर ने कहा कि दैनिक जागरण की सफाई को लेकर जागरूकता का असर दिखाई देने लगा है। गगोल तीर्थ के पुजारी रामदास ने कहा कि शहर से काफी दूर स्थित यह तीर्थ उपेक्षित रहता है। दैनिक जागरण के एक दिन के प्रयास से तीर्थ के हालात में काफी परिवर्तन आ गया।

Monday, November 16, 2015

पुरुषार्थ और भाग्य पर जोरदार बहस

चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय में चल रहे व्यास समारोह में रविवार को पुरुषार्थ और भाग्य पर प्रतिभागियों ने जोरदार बहस की। संस्कृत विभाग की ओर से बृहस्पति भवन में आयोजित अंतरविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने संस्कृत में अपनी बात रखी।
पहले सत्र में आयोजित प्रतियोगिता में दयावती मोदी अकादमी के उमंग बालियान, तेजस श्रीवास्तव, केएल इंटरनेशनल की शताक्षी, ऋषिका, दीवान पब्लिक स्कूल की सुरभि, नव्या जैन, नानकचंद शिक्षा सदन की सोनिया, श्रुति ने हिस्सा लिया। विषय 'निश्चय ही पुरुषार्थ के द्वारा भाग्य का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता है' रहा। जिस पर पक्ष में बोलते हुए प्रतिभागियों ने संस्कृत के श्लोक व तथ्यों के आधार पर बताया कि अगर मनुष्य का भाग्य प्रबल नहीं है तो पुरुषार्थ व्यर्थ है, जबकि विपक्ष में बोलते हुए प्रतिभागियों ने कहा कि मनुष्य ही अपने भाग्य का निर्माता है, पुरुषार्थ से वह भाग्य को बदल सकता है। इस अवसर पर डा. द्विवेदीनाथ त्रिपाठी, डा. सूर्यनारायण गौतम, डा. सुमंत दास, डा. सरिता रस्तोगी, डा. हरिप्रसाद दूबे, डा. राजबीर मौजूद रहे। संचालन अलका ने किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में केएल इंटरनेशनल की टीम विजेता रही। प्रथम स्थान पर शताक्षी, दूसरे पर ऋषिका और तीसरे स्थान पर उमंग बालियान रहे।
व्यास समारोह में दूसरे सत्र में शोध संगोष्ठी पर महाभारत पर चर्चा की गई। इसमें सुधकराचार्य त्रिपाठी ने महाभारत के दीर्घ जीवनम पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। डीजे कालेज बड़ौत की डा. रुचि गुप्ता ने महाभारत में नीति तत्व की विवेचना की। डा. कृष्ण नारायण पांडेय ने उस काल के भूभाग और राजाओं का उल्लेख करते हुए अखंड भारत के स्वरूप को बताया। डा. द्वारिका नाथ त्रिपाठी ने महाभारत में संगीत के तत्वों को खोजा। डा. हरिप्रसाद ने भी शोध प्रस्तुत किया।

व्यास समारोह के तीसरे सत्र में मध्यप्रदेश के रीवा से आए डा. सूर्यनारायण गौतम ने घंटानाद की कथा सुनाई। एमए की छात्रा ज्योति ने द्रोपदी के चीरहरण, श्रीकृष्ण के बारे में बताया। व्यास समारोह में शाम को कवि समवाय को प्रस्तुत किया गया। डा. पूनम लखनपाल ने दंडक छंद प्रस्तुत किया।

Friday, November 13, 2015

बच्चों ने मनाया बाल दिवस व दीपावाली

महलका स्थित विजय एकेडमी में मंगलवार को दीपोत्सव पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रधानाचार्य नवीन नागर ने बताया कि दीपोत्सव पर मंगलवार को रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जूनियर व सीनियर वर्ग में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने एक से बढ़कर एक रंगोली बनाई। विजेता बच्चों को मैनेजर डीवी ¨सह ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
बच्चों ने मनाया बाल दिवस व दीपावाली

गढ़ रोड स्थित शिव शक्ति विहार के जेपी पब्लिक स्कूल में दिवाली एवं बाल दिवस का आयोजन किया गया। स्कूल की शिक्षिकाओं ने दीपों के त्यौहार से बच्चों को अवगत कराया। साथ ही बच्चों को बाल दिवस का महत्व भी समझाया गया। बच्चों ने इस अवसर पर रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्कूल की ओर से बच्चों को उपहार भेंट कर दिवाली की शुभकामनाएं दी गईं।

Thursday, November 12, 2015

दिवाली पर छावनी में नई परंपरा शुरू

मंगलवार को छोटी दिवाली पर छावनी में नई परंपरा शुरू हुई। इस मौके पर माल रोड पर कैंट बोर्ड के कमांडर और सीइओ ने मिट्टी के दीये जलाकर लोगों को ग्रीन दिवाली का संदेश दिया। छावनी परिषद की ओर से पहली बार इस तरह सामूहिक रूप से दीप जलाने का कार्यक्रम शुरू किया गया, जिसके माध्यम से लोगों को पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने का संदेश दिया गया। माल रोड पर शाम को पौने छह बजे बोर्ड अध्यक्ष व सब एरिया कमांडर मेजर जनरल सुनील यादव अपने परिवार सहित पहुंचे। मेजर जनरल ने दीये जलाकर सभी को दीपावली की शुभकामना दिया। सीइओ राजीव श्रीवास्तव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। माल रोड टैंक चौराहे के पास मिट्टी के दीये जलाए गए। माल रोड को जगमग करने के लिए दिल्ली से 2500 दीये मंगाए गए थे, जिसमें विशेष प्रकार का मोम लगा हुआ था। करीब डेढ़ घंटे तक पूरा माल रोड दीयों की रोशनी से जगमग रहा। इस दौरान उपाध्यक्ष बीना बाधवा, सदस्य रिनी जैन, अनिल जैन, मंजू गोयल, धमेंद्र सोनकर, विपिन सोढ़ी आदि ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। माल रोड पर दीये जलाने के साथ ही सभी लोगों ने माल रोड पर लगाए गए सफेद होर्डिग पर हैप्पी दिवाली का संदेश भी लिखा। इस मौके पर कैंट बोर्ड के कर्मचारी, सेना के जवान और शाम को टहलने वाले लोग भी शामिल रहे।

Tuesday, November 10, 2015

शुभकामनायें

साथियों ,

आप सभी को तथा सभी के परिवार को  मेरी और मेरी पत्नी की ओर से दीपावली की  हार्दिक शुभकामनायें

Monday, November 9, 2015

तमाम दावे रविवार को यात्रियों की भीड़ के आगे ध्वस्त

रोडवेज के तमाम दावे रविवार को यात्रियों की भीड़ के आगे ध्वस्त हो गए। त्योहार पर घर जाने वालों की जबरदस्त भीड़ के साथ परीक्षार्थियों के आगे रोडवेज की व्यवस्था चरमरा गयी। कई रूटों पर बसें न मिलने पर यात्रियों ने हंगामा किया। वहीं बस में सीट पाने के लिए मारामारी मची रही। यात्री बसों की छत व गेट पर लटककर सफर करने को मजबूर हुए।
रविवार को लेखपाल की परीक्षा थी, जिसके चलते हजारों परीक्षार्थी मेरठ आए हुए थे। वहीं फेस्टिव सीजन की शुरुआत के चलते भी यात्रियों की जबरदस्त भीड़ बस अड्डों पर उमड़ी। भैंसाली बास अड्डे पर दोपहर में मारामारी के हालात हो गए। हस्तिनापुर, बागपत, मवाना, बिजनौर के साथ ही नोएडा के लिए बसें नहीं मिलने से हालात बिगड़े। बस में सीट पाने के लिए यात्रियों में मारामारी मची रही।
कई रूटों की बसें जैसे ही पहुंचती यात्री खिड़कियों से घुसते या सामान फेंककर सीट कब्जाते। इस दौरान कुछ यात्री आपस में भी भिड़ गए। सोहराबगेट बस अड्डे पर भी हापुड़, बुलंदशहर, गढ़मुक्तेश्वर व मुरादाबाद आदि रूटों पर यात्री भीड़ के आगे रोडवेज बसें नहीं मिल पायीं। इस पर यात्रियों ने हंगामा किया।

बस अड्डा प्रभारियों ने जैसे-तैसे यहां-तहां की बसें भीड़ वाले रूटों पर लगाकर व्यवस्था संभाली। वहीं एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि रविवार को शहरभर में यातायात व्यवस्था चौपट हो गयी और जाम लगा। जाम में बसें फंस गयी, जिसके चलते दिक्कते हुई।

Friday, November 6, 2015

तिलकपुरम कसेरू बक्सर में पंचायत

प्रतिकर की मांग को लेकर आंदोलनरत तीनों योजनाओं के किसानों के सब्र का बांध अब टूट गया है। गुरुवार शाम को खराब मौसम के दौरान तिलकपुरम कसेरू बक्सर में पंचायत की गई। इसमें किसानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया। किसान एमडीए परिसर व अफसरों के आवास पर तालाबंदी व धरना देंगे तो वहीं महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारी एमडीए अफसरों को विरोध स्वरूप चूडियां भेंट करेगी।

गुरुवार को तिलकपुरम कसेरू बक्सर में किसानों ने पंचायत की। इसमें लोहियानगर, वेदव्यासपुरी व गंगानगर के किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों ने कहा कि एमडीए व प्रशासन ने दीपावली से पहले तोहफा देने का वादा दिया था। लेकिन दीपावली में अब कुछ ही दिन बाकी हैं लेकिन अभी तक बोर्ड बैठक कर निर्णय नहीं हो पाया है। आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रहा है। पदाधिकारी तेजपाल ¨सह, मास्टर वीरबल, जयप्रकाश, हरविन्द्र ¨सह, नसीम अहमद उर्फ चंदन, टीनू बंसला, किरनपाल आदि मौजूद रहे।

Wednesday, November 4, 2015

'जांबाज' टीम बुलेट पर करतब दिखाने में माहि

सरहद के पहरेदार ये असल जांबाज। जान हथेली पर रखना और हौसलों की आदत के चलते इनकी टीम को ही जांबाज टीम के नाम से पुकारा जाता है। मुल्क की सरहद पर हल हाल में पहरेदारी के अलावा इन जांबाजों की एक और खतरे से लिपटी हुई अहम जिम्मेदारी होती है। सरहद के कई दुर्गम इलाकों में रेडियो संपर्क तक नहीं हो पाता। इन हालात में ये जांबाज गोपनीय संदेश एक चौकी से दूसरी चौकी तक पहुंचाते हैं। जांबाज टीम का हिस्सा बने 76 जवानों की इस टोली का जुनून और जज्बा सलाम ठोकने लायक है।
सीमा सुरक्षा बल की 'जांबाज' टीम बुलेट पर करतब दिखाने में माहिर है। राजपथ पर अद्वितीय प्रदर्शन कर अमेरिका के राष्ट्रपति की शाबासी हासिल कर चुके 'जांबाज' इतने तक ही सीमित नहीं है। बार्डर पर भी इस टीम का देश की सुरक्षा और सीमा सुरक्षा बलों के संदेशों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका होती है। सीमा सुरक्षा बल में 25 वर्ष पूर्व 'जांबाज' टीम का गठन इसी उद्देश्य के लिए किया गया था। बीएसएफ इंस्पेक्टर और टीम लीडर इंस्पेक्टर अवशेष सिंह ने बताया कि सरहद पर कई जगह वायरलेस रेडियो काम नहीं करती है। इसके अलावा कई गोपनीय संदेश रेडियो के माध्यम से नहीं भेजे जाते। सरहद के दुर्गम इलाकों में बनी चौकियों तक इन गोपनीय संदेशों को पहुंचाने के लिए इस टीम को बनाया गया था। बीएसएफ के चुने हुई राइडर को चयन के बाद इन्हें 'जांबाज' के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है और इसके बाद सरहद पर लगाया जाता है। इस तरह से 'जांबाज' टीम देश की सुरक्षा और गोपनीयता में अहम है।
'जांबाज' टीम में ज्यादातर ऐसे राइडर हैं, जिनका बाइक राइडिंग शौक और जुनून है। बीएसएफ में आने के बाद उन्हें देशसेवा का भी मौका मिल गया। टीम में शामिल इंस्पेक्टर अवधेश सिंह निवासी गोरखपुर, कांस्टेबल दुर्बेश बाबू निवासी मैनपुरी यूपी, कांस्टेबल अर्जुन सिंह निवासी इंदौर, कांस्टेबल अशोक दीक्षित निवासी भिंड(मध्यप्रदेश), कांस्टेबल उदय प्रताप निवासी भिंड और कांस्टेबल मुत्थू कुमार निवासी तमिलनाडु इसी कड़ी का हिस्सा हैं।
चार नवंबर यानी बुधवार को होने वाले अपने कार्यक्रम के लिए जवानों ने मंगलवार को भी पुलिस लाइन फिल्ड में जमकर पसीना बहाया। इस दौरान डॉग ब्रोजो(ट्रेकर) ने अपना जलवा दिखाया। ब्रोजो किसी भी गंध को सूंघकर उसका पीछा करने में माहिर है। सीमा पर ब्रोजो ने कई बार आतंकियों को ट्रेक किया है। सात डॉग की ये टीम सीमा पर रहती है और इसे विशेष रूप से यहां कार्यक्रम के लिए बुलवाया गया है।

पुलिस लाइन में बीएसएफ के कार्यक्रम का समय चार नवंबर यानी बुधवार को शाम चार से 5.30 बजे होगा। पांच नवंबर यानी गुरुवार को सुबह नौ बजे से 10.30 बजे स्कूली बच्चों के लिए प्रदर्शन होगा। इसके अलावा शाम को 4 से 5.30 बजे कार्यक्रम होगा। स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में बीएसएफ के एडीजी रजनीकांत मिश्र भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

Monday, November 2, 2015

जनता ने उठाया खुद सफाई का बीड़ा

नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के प्रयास में प्रत्येक वर्ष चलने वाले दैनिक जागरण के विशेष सफाई अभियान का श्रीगणेश रविवार को शहर की सबसे पुरानी कालोनी साकेत व उससे सटी मानसरोवर कालोनी से हुआ। अभियान के माध्यम से दोनों कालोनियों में विशेष सफाई हुई। सड़कें व नालियां साफ हो गई। खराब स्ट्रीट लाइटें जलने लगीं। अन्य समस्याओं के समाधान का महापौर व निगम अफसरों ने आश्वासन दिया। उन्होंने पूरे क्षेत्र में रैली निकालकर लोगों से स्वच्छता की अपील की।
दैनिक जागरण के विशेष सफाई अभियान के तहत रविवार को दिन निकलते ही नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का विशेष दस्ता साकेत और मानसरोवर की गलियों में फैल गया। कुछ देर में ही उन्होंने सभी सड़कों को झाड़ू लगाकर चमका डाला। कूड़े के ढेर गायब कर दिए गए। सभी प्रमुख चौराहों और गलियों के मोड़ पर चूना डलने के बाद कालोनियां दमक उठी। पथ प्रकाश विभाग की टीम ने दोनों कालोनियों की खराब स्ट्रीट लाइटों को जला दिया। महापौर हरिकांत अहलूवालिया के नेतृत्व में नगर निगम के मुख्य अभियंता कुल भूषण वाष्र्णेय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह, प्रभारी उप नगर आयुक्त दिनेश यादव समेत तमाम अफसरों, साकेत सोसायटी के निदेशक व विभिन्न पदाधिकारियों के साथ कालोनी के निवासियों व दैनिक जागरण की टीम ने दोनों कालोनियों में रैली निकालकर लोगों से अपने आसपास स्वच्छता रखने की अपील की। दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी मनोज झा, महाप्रबंधक विकास चुघ, सिटी इंचार्ज दिनेश दिनकर व ब्रांड हेड अरुण तिवारी ने महापौर व निगम अफसरों का स्वागत किया।
महापौर के सामने रखी समस्याएं
इस दौरान मेरठ सहकारी आवास समिति के निदेशक शशांक शर्मा, संतोष पंवार, बीना रस्तोगी, अभिनव यादव, अजय रस्तोगी, डा. एस के त्यागी, दिनेश चौधरी, राजीव आनंद आदि ने ज्ञापन सौंपकर साकेत कालोनी की विभिन्न समस्याएं महापौर के सामने रखी। उन्होंने कालोनी की सड़कों को दो मीटर चौड़ा करके उनका सुदृढ़ीकरण कराने, सड़कों पर रात में चमकने वाली सफेद पंट्टी व रिफ्लेक्टर (कैट आई) लगवाने, खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने तथा विभिन्न पार्को व अन्य स्थानों पर नई लाइटें लगवाने, चोक सीवर लाइनों की सफाई कराने की मांग की। मानसरोवर की ओर से पूर्व पार्षद ललित नागदेव ने बताया कि कालोनी की मुख्य सड़क टूटी बदहाल है। उसका निर्माण आवश्यक है, कालोनी में सफाई नियमित नहीं होती। कूड़े के ढेर लगा रहते हैं। सीवर लाइनों का पानी सड़कों पर बहता रहता है। मानसरोवर की खराब स्ट्रीट लाइटें भी ठीक कराने की उन्होंने मांग की। महापौर ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
मानसरोवर की सड़क बनेगी
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि साकेत की कुछ सड़कें बनाने के प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। उन्होंने मानसरोवर की मुख्य सड़क के निर्माण कराने की घोषणा की। धनवंतरी अस्पताल के बराबर वाली सड़क पर कूड़ाघर बन जाने की समस्या का समाधान कराने भी महापौर ने वादा किया।
जल निगम ने किया नरक
सीवर लाइन के लिए पूरे शहर की सड़कों को खोदकर डाल देने वाले जल निगम ने फिर से साकेत में गोल मार्केट के सामने गहरी खुदाई करके रास्ता बाधित कर दिया है। नागरिकों की शिकायत पर महापौर ने जल्द जल निगम के अफसरों को तलब करने तथा सुधार कराने का वादा किया।
डी ब्लाक बना मिसाल
साकेत कालोनी की कई सड़कों का नगर निगम ने निर्माण कराया है। लेकिन डी ब्लाक के लोगों ने उसमें चार चांद लगा दिए। वहां के लोगों ने आपस में धनराशि एकत्र करके ब्लाक की सड़कों पर रात में चमकने वाली रेडियम की सफेद पंट्टी, रेडियम लाइटें लगवा दी तथा अन्य सौंदर्यीकरण का कार्य कराया। यह ब्लाक मिसाल बना है।
जनता ने उठाया खुद सफाई का बीड़ा
 विशेष सफाई अभियान से आए बदलाव से खुश साकेत व मानसरोवर की जनता ने सफाई का बीड़ा खुद उठाने की घोषणा की। संतोष पंवार ने कहा कि दैनिक जागरण के प्रयास सफल होंगे। शहर की जनता सफाई के लिए जागरूक होगी। बीना रस्तोगी ने कहा कि स्वच्छता के माध्यम से ही अच्छे स्वास्थ्य की कल्पना की जा सकती है। शशांक शर्मा ने कहा कि साकेत में सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की जरूरत है। नंदकुमार ने कहा कि एक दिन के अभियान ने ही कालोनी की रंगत बदल डाली। पंकज जैन ने कहा कि जनता को खुद भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। नागरिक यदि कूड़े को एकत्र करके रखें और निगमकर्मियों को सौंप दें तो गंदगी की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है। जवाहर लूथरा ने कहा कि धनवंतरी अस्पताल के बराबर में पूरी कालोनी का कूड़ा डाल दिया जाता है। कालोनी में कूड़ाघर बनाने की उन्होंने मांग की। मानसरोवर निवासी पूर्व पार्षद ललित नागदेव ने कहा कि आपसी सहयोग से ही गंदगी की समस्या से निजात पाई जा सकती है। पूरी जिम्मेदारी नगर निगम पर ही डाल देने से काम चलने वाला नहीं है। कालोनी की सीवर लाइनों की सफाई की उन्होंने मांग की। एमएस जैन ने कहा कि खराब स्ट्रीट लाइटों ठीक होने की बात कही। चमकेगी कंकरखेड़ा की डिफेंस एन्क्लेव कालोनी

दैनिक जागरण के विशेष सफाई अभियान का दूसरा पड़ाव सोमवार को कंकरखेड़ा की डिफेंस एन्क्लेव कालोनी में होगा। अभियान के दौरान यहां विशेष सफाई कार्य होगा। महापौर, नगर निगम के अफसर, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी इस अभियान में शामिल होंगे।

Friday, October 30, 2015

मेरठ मंडल के खिलाड़ियों को पुरस्कार

मेरठ और सहारनपुर मंडल के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 71 खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। कैलाश प्रकाश स्पो‌र्ट्स स्टेडियम में खेल और युवा कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव डा. अनिता भटनागर जैन ने इन खिलाड़ियों को 20 लाख 90 हजार रुपये की राशि का चेक दिया।
वर्ष 2010 से 2014 तक कामनवेल्थ, एशियन, नेशनल में स्वर्ण, रजत, कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से पुरस्कार दिया गया। इसमें 49 लड़कों और 22 लड़कियों को चेक देकर सम्मानित किया गया। प्रमुख सचिव खेल ने कुश्ती, टेबल टेनिस, जूडो, पावर लिफ्टिंग, साइक्लिंग, नेट बाल, कबड्डी आदि खेलों में पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान डा. अनिता भटनागर जैन ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वह छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर बड़ा लक्ष्य जीते। पुरस्कार वितरण के दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी मुद्रिका पाठक सहित खेल से जुड़े अन्य अधिकारी, कोच, खिलाड़ी और उनके अभिभावक मौजूद रहे।
मेरठ मंडल के खिलाड़ियों को पुरस्कार
20 वें कामनवेल्थ गेम में साइकिलिंग में प्रतिभाग करने वाले मेरठ के अरविंद पंवार को पांच लाख रुपये का चेक दिया गया। टीटी में अभिनव को 15 हजार रुपये, जूडो में रीना पाल को 25 हजार रुपये, विशाल को 25 हजार रुपये, कुश्ती में दीक्षा को दस हजार रुपये, पिंकी रानी को दस हजार रुपये, काजल को दस हजार रुपये, साक्षी को 25 हजार रुपये, इंदू तोमर को 25 हजार रुपये, पूजा को 35 हजार, नेट बाल में अमित शर्मा को 20 हजार रुपये, गिरीश चौहान को 20 हजार, निर्दोष शर्मा को 20 हजार, अजय सिंह को 20 हजार, गिन्नी सिंह को 20 हजार, अतिम नागर, जितेंद्र सिंह, अनुज चौधरी, राहुल शर्मा को 20-20 हजार, जूडो में पारुल वर्मा को 15 हजार, कबड्डी में विनय, विक्रांत, विशाल को पांच -पांच हजार, टीटी में सौंदर्या पाठक को पांच हजार रुपये, सार्थक शर्मा को पांच हजार रुपये, सार्थक सेठ को पांच हजार रुपये का चेक मिला। जूडो में रीना पाल को 25 हजार रुपये, लक्ष्य वेद को पावर लिफ्टिंग में 15 हजार रुपये, नेट बाल में हिमांशु को 20 हजार रुपये, जूडो में दीपक त्यागी को पांच हजार रुपये, जोनू सिंह को 35 हजार रुपये, कुश्ती में इंदू चौधरी को 25 हजार रुपये, रिशु नागर को 15 हजार रुपये, अंशु तोमर को पांच हजार रुपये का चेक मिला।
सहारनपुर मंडल के इन खिलाड़ियों को पुरुस्कार

साउथ एशियन गेम में चार सौ मीटर एथलेक्टिस में पदक जीतने पर प्रियंका पंवार को दो लाख रुपये का चेक दिया गया। कबड्डी में निशांत कुमार को पांच हजार रुपये, विक्रांत मलिक को पांच हजार रुपये, अक्षय बालियान को पांच हजार रुपये, गौरव चौहान को तीस हजार रुपये, कपिल कुमार को 30 हजार रुपये, वालीबाल में प्रशांत कुमार को 30 हजार रुपये, बैडमिंटन में कपिल चौधरी को 25 हजार रुपये, पावर लिफ्टिंग में सनी शर्मा को 25 हजार रुपये, नेटबाल में मोहित कश्यप को 20 हजार रुपये, जूडो में शीतल चौहान को 25 हजार रुपये, आकाश को निर्धारित पुरस्कार राशि का चेक दिया गया।

Wednesday, October 28, 2015

करवाचौथ पर्व

दो दिन बाद करवाचौथ पर्व है। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर है। शहर के छोटे बड़े सभी तरह के शोरूम सज चुके हैं। आबूलेन स्थित बलदेव दी हट्टी के मालिक गुलशन जुनेजा का कहना है कि नवरात्र से खरीददारी की शुरुआत हो चुकी है। इस साल भी करवाचौथ पर फैशन के कई रंग देखने को मिलेंगे। वहीं, बॉम्बे बाजार स्थित मिली कलेक्शन की मालिक मिली शेखरी का कहना है कि खरीददारी करने वालों में नव-विवाहिताओं का अनुपात सबसे अधिक है। इनके द्वारा हमेशा लेटेस्ट की डिमांड की जाती है।
साड़ियों में प्लेट्स का झंझट नहीं
इस करवाचौथ इंडो वेस्टर्न ड्रेसेज का काफी क्रेज है। यह भारतीय और पश्चिमी परिधानों का मिश्रण होता है। यह ड्रेस जैकेटनुमा व जमीन से छह इंच ऊपर होती है। देखने में लुक काफी हैवी होता है। ये ड्रेस वाइन, मैरून, पेस्टल कलर्स में उपलब्ध है। अब साड़ियां पहनना ज्यादा झंझट का काम नहीं है। बाजार में ऐसी वैरायटी उपलब्ध है जो इस काम को आसान बना रही है। साड़ियों में प्लेट्स बनाने की जरूरत नहीं होगी। यह रेडी टू वियर होती है।
फ्लोर लेंथ अनारकली सूट
जमीन तक की लंबाई के अनारकली सूट भी काफी पसंद किए जा रहे है। यह चूड़ीदार लेगिंग के साथ आता है। पहले नेट चलन में था, लेकिन इस साल सिल्क और जॉर्जेट की काफी मांग है। इसमें रेड, मैरून, ग्रीन, पिंक और पैरेट कलर्स उपलब्ध है।
इंपोर्टेड कपड़े की साड़ी
सामान्य जार्जेट व नेट से हटकर इस बार इम्पोर्टेड कपड़े की साड़ी डिमांड में है। इसकी क्वालिटी लाइक्रा है। जो बढि़या फील व शानदार लुक देती है। इसके अलावा हैंडलूम साड़ियों पर भी गौर किया जा सकता है। इसे बनारस और कांजीवरम से मंगवाया जाता है।
मीना और गोटे वर्क की थाली और करवे
इस बार जहां डिजाइनर थाली का क्रेज महिलाओं में देखने को मिल रहा है। वहीं कम बजट में मीना और गोटे वर्क में भी थाली और करवे बाजार में उपलब्ध है। सदर सर्राफा बाजार स्थित पटवा जी एम्पोरियम के मालिक अभय कहते है कि पिछले कुछ सालों में गोटे के वर्क वाले करवे और मीना वर्क की थाली की काफी डिमांड है।
अलग समाज,अलग रिवाज
जैन समाज
परंपरागत रिवाज : जैन समाज में चांद को नहीं बल्कि सूर्य को अ‌र्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है। जैन समाज की महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा की थाली में पूरी और पुए रखकर दोपहर में ही कहानी सुन लेती हैं। इसके बाद सास के लिए साड़ी, चूड़ी, बिंदी और दक्षिणा रखकर बायना निकाला जाता है। जिसमें कच्चे चावल और बताशे रखना अनिवार्य होता है। इसके बाद छलनी से सूर्य को देखकर अ‌र्घ्य दिया जाता है, उसके बाद महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं। जैन समाज में सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ पति का चेहरा देखना अनिवार्य नहीं होता है।
अग्रवाल समाज
करवाचौथ पर अग्रवाल समाज की महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत रखती है। शाम को सूरज ढलने से पहले करवा माता की कहानी सुनकर सास के लिए साड़ी और श्रृंगार की वस्तुओं के अलावा दक्षिणा देकर बायना निकालती है। जिसमें कच्चे चावल और मिठाई देना अनिवार्य होता है। पूजा में रखे गए दो करवों में से एक का जल चलते (ढलते) हुए सूरज को दिया जाता है, और दूसरे करवे का जल चंद्रमा को देना होता है। छन्नी से चांद को देखने का भी रिवाज नहीं था। अब आधुनिकता ने पैर पसारे हैं और अब चांद को छन्नी से देखकर पति का चेहरा देखने का रिवाज चला है। पति ही पानी व मिठाई खिलाकर व्रत खुलवाते हैं।
मारवाड़ी समाज
न्यूदेव पुरी निवासी कांता गुप्ता मारवाड़ी बताती हैं कि मारवाड़ी समाज में सभी सुहागिनें करवाचौथ के दिन सुबह चार बजे उठकर सरगी खाती हैं। सरगी में चूरमें का विशेष महत्व है। इसके साथ ही मिठाई व परांठा भी खाया जा सकता है। इसके बाद सभी सुहागिनें सुबह पूजा करती हैं और शाम को चार बजे के करीब पूड़ों का बायना निकालती हैं और सभी महिलाएं पूरा श्रृंगार करके व्रत की कहानी सुनती हैं। शाम को चांद निकलने पर सभी चांद को जल देती हैं और खाना खाकर व्रत खोलती हैं।
पंजाबी समाज
वसंत कुंज निवासी सुगंधा सचदेवा बताती हैं कि पंजाबियों में करवाचौथ के दिन सभी सुहागिनें सुबह सूरज निकलने से पहले अपनी सास के साथ बैठकर सरगी खाती हैं और सास बहू को मीठी सेवैंया खिलाती है। इसके बाद शाम को सभी महिलाएं सज-धज कर व्रत की कहानी सुनती हैं। व्रत की कहानी सुनने के दौरान सभी महिलाएं अपनी पूजा की थाल को एक दूसरे को देकर घुमाती रहती हैं। इस थाल में जल का पात्र और बहू द्वारा सास को दिया जाने वाला उपहार होता है। चांद निकलने पर सभी चांद को अ‌र्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
हम बने, तुम बने एक दूजे के लिए ..
आपस में बढ़ता है प्यार और विश्वास
अक्षय जैन अरिहंत अपनी पत्नी के लिए हर साल व्रत रखते हैं। वे बताते हैं उनकी शादी को दो साल हो गए है, और वे अपनी पत्नी की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत करते हैं। उनके मुताबिक जिस प्रकार महिला अपने पति की दीर्घायु की कामना करती है, वैसे ही पुरुष भी जीवनसंगिनी के प्रति यही भाव रखें तो दांपत्य की डोर और मजबूत होती है।
दोनों रखते है करवाचौथ का व्रत
मेहा सिन्हा कहती है कि करवाचौथ उनके लिए खास त्यौहार है। इसमें वे तो पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती ही है। उनके पति भी हर साल उनकी लंबी उम्र के लिए व्रत करते है। नेहा निगम ने करवाचौथ के बाद शिमला घूमने का प्लान बना रखा है।
पहले करवाचौथ की याद आज भी है ताजा
श्वेता सचिन कुमार की शादी को भले ही तीन साल हो गए हो। लेकिन आज भी पहले करवाचौथ की यादें उनके जहन में ताजा है, और हो भी क्यों न उस बार वे पति सचिन के साथ घूमने मलेशिया जो गई थी।
फोटो देखकर पूरा होगा व्रत
साकेत में रहने वाली इंदू गर्ग के पति उमेश कुमार इस साल करवाचौथ पर उसके साथ नहीं है। इंदू कहती है कि ऐसा पहली बार हो रहा है। व्रत करने के बाद फोटो देखकर व्रत पूरा करना होगा।
हर साल स्काइप पर होता है दीदार
पल्लवपुरम में रहने वाली अर्चना रस्तोगी की शादी को पच्चीस साल हो गए। लेकिन उन्होंने अधिकतर करवाचौथ का व्रत अकेले ही किया है। नेवी में कैप्टन उनके पति पुनीत कुमार को अधिकतर घर से बाहर ही रहना पड़ता है।
पति से दूर रहकर बनाना होगा करवाचौथ
रूड़की रोड स्थित इंद्रप्रस्थ की रहने वाली सोनिया कश्यप कहती है कि शादी के बाद ऐसा कई बार हुआ है जब करवाचौथ पर पति घर से बाहर हो। इस बार चांद में होगा मेरे चांद का चेहरा लेकिन ऐसा होने पर भी पूजा और व्रत तो करना ही पड़ता है।
पति के बिना अधूरा लगता है पर्व
सदर में रहने वाली शिल्पी गोयल के पति कैलाश गुप्ता का बिजनेस है। वे इस साल करवाचौथ पर बिजनेस डील के लिए मुंबई जा रहे हैं। शिल्पी बताती है कि जब पति ही साथ न हो तो यह पर्व अधूरा सा लगता है।
द्वापर युग से चली आ रही करवाचौथ की परंपरा

करवाचौथ का व्रत कब शुरू हुआ कैसे यह चलन में आया इसे लेकर कई किवदंतियां हैं। इसे द्वापर युग से जुड़ा हुआ माना जाता है। पूरी महाभारत के बाद पांडव ही शेष बचे, इसके पीछे द्रौपदी का तप बताया जाता है। कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण के निर्देश पर महाभारत शुरू होने से पहले द्रौपदी ने ये व्रत सबसे पहले किया और उन्हें चौथ माता ने अखंड सौभाग्य प्रदान किया।